भारत में बारिश की कमी का बढ़ा खतरा, मजबूत हो सकता है अल नीनो; तापमान भी सामान्य से अधिक रहने का अनुमान

By Sanjana Das

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भारत में बारिश की कमी का बढ़ा खतरा, मजबूत हो सकता है अल नीनो; तापमान भी सामान्य से अधिक रहने का अनुमान

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सोशल संवाद/डेस्क : भारत के मौसम को लेकर आने वाले महीनों में चिंता बढ़ सकती है। ताजा मौसमी पूर्वानुमान में अल नीनो के और मजबूत होने की संभावना जताई गई है। इसका असर भारत में बारिश और तापमान दोनों पर पड़ सकता है।

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एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग जलवायु केंद्र (APCC) की ओर से जारी Multi-Model Ensemble (MME) Seasonal Outlook में सितंबर 2026 से फरवरी 2027 तक की जलवायु परिस्थितियों का अनुमान लगाया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, आने वाले महीनों में अल नीनो प्रमुख जलवायु स्थिति बनी रह सकती है।

सितंबर से नवंबर के बीच कम बारिश की आशंका

पूर्वानुमान के अनुसार, सितंबर से नवंबर 2026 के दौरान भारत के कई हिस्सों में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना बढ़ गई है।

अगर यह अनुमान सही रहता है, तो मानसून के आखिरी चरण में बारिश की कमी देखने को मिल सकती है। इसका असर खेती, जल उपलब्धता और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है।

भारत के अधिकांश हिस्सों में बढ़ सकता है तापमान

बारिश के साथ-साथ तापमान को लेकर भी चिंता जताई गई है। पूर्वानुमान में भारत के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से अधिक तापमान रहने की संभावना बताई गई है।

भारत के अलावा एशिया के कई बड़े हिस्सों में भी तापमान सामान्य से ऊपर रहने का अनुमान है। ऐसे में आने वाले महीनों में गर्मी और उमस का असर अधिक महसूस किया जा सकता है।

अल नीनो मजबूत होने का क्या मतलब है?

अल नीनो प्रशांत महासागर के उष्णकटिबंधीय हिस्से में समुद्र की सतह का तापमान सामान्य से अधिक गर्म होने से जुड़ी जलवायु स्थिति है। इसका असर दुनिया के अलग-अलग हिस्सों के मौसम पर पड़ सकता है।

भारत में अल नीनो का संबंध अक्सर कमजोर मानसून या बारिश की कमी की संभावना से जोड़ा जाता है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि देश के हर हिस्से में निश्चित रूप से कम बारिश होगी। स्थानीय और क्षेत्रीय परिस्थितियों के कारण असर अलग-अलग हो सकता है।

फरवरी 2027 तक मौसम पर नजर

APCC के मौसमी आउटलुक में सितंबर 2026 से फरवरी 2027 तक की अवधि को कवर किया गया है। रिपोर्ट में ENSO यानी El Niño-Southern Oscillation से जुड़ी परिस्थितियों पर भी नजर रखी गई है।

फिलहाल मौसम विशेषज्ञों के लिए अल नीनो की स्थिति और उसके आगे के विकास पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा। आने वाले महीनों में नए पूर्वानुमानों के आधार पर तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।

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