सोशल संवाद / डेस्क : शिकायत पर डीईओ ने औचक निरीक्षण में पकड़ी थी अनियमितता, डीसी के आदेश पर बीडीओ और डीईओ ने की थी जांच, रिपोर्ट में गड़बड़ी की पुष्टि, माध्यमिक शिक्षा निदेशालय नहीं कर रहा कार्रवाई सत्ताधारी दल के विधायक की भी नहीं सुनते अधिकारी!
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गोइलकेरा के प्लस टू हाई स्कूल में वित्तीय अनियमितता, प्रभारी प्राचार्या की मनमानी समेत कई गड़बड़ियों की शिकायत और जांच के बावजूद दोषियों पर कार्रवाई नहीं की जा रही। इस मामले में करीब डेढ़ महीने से माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने चुप्पी साध रखी है। इससे नाराज स्कूल के विद्यार्थियों ने अब आंदोलन करने की चेतावनी दी है।
पश्चिमी सिंहभूम जिले के उपायुक्त चंदन कुमार के आदेश पर बीडीओ विवेक कुमार ने अपनी जांच रिपोर्ट भी महीने भर पहले ही उन्हें सौंप दिया था। इसके बाद भी कार्रवाई नहीं किए जाने से सैकड़ों छात्रों का मनोबल टूट रहा है। वहीं आरोपी प्रभारी प्राचार्या की मनमानी जारी है। दरअसल, स्कूल के छात्रों ने अव्यवस्थाओं को लेकर डीसी चंदन कुमार, विधायक जगत माझी और बीडीओ विवेक कुमार से शिकायत की थी। विगत चार फरवरी को जिला शिक्षा पदाधिकारी टोनी प्रेमराज टोप्पो द्वारा स्कूल का औचक निरीक्षण किया गया था।
जिसमें कई चौंकाने वाले खुलासे हुए थे। डीईओ ने जांच के दौरान बच्चों से भी जानकारी ली थी। जिसमें उन्होंने भ्रष्टाचार, पैसों के गबन, बुनियादी सुविधाओं से वंचित रखने और जातिगत एवं धर्म आधारित अपमानजनक टिप्पणी करने जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसी चंदन कुमार ने गोइलकेरा के बीडीओ विवेक कुमार को जांच के आदेश देते हुए उनसे रिपोर्ट मांगा था।
बीडीओ ने इससे संबंधित रिपोर्ट सौंप तो दी, लेकिन मामले में कोई कार्रवाई नहीं होना कई सवालों को जन्म दे रहा है। स्कूल छात्रों ने कहा कि अगर जल्द ही उनकी शिकायतों पर कार्रवाई नहीं की गई तो वे बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे। बता दें कि सत्ताधारी दल के विधायक जगत माझी ने भी बच्चों की परेशानी को देखते हुए प्लस टू हाई स्कूल में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए कार्रवाई का भरोसा दिलाया था। लेकिन ऐसा लगता है कि झारखंड में सरकारी सिस्टम को ही जंग लगा चुका है। क्या अफसर सत्ताधारी दल के विधायकों को भी गंभीरता से नहीं लेते?
जबरन बदले गए थे छात्रों के सब्जेक्ट
जांच में पता चला था कि 11वीं कक्षा की परीक्षा के पंजीकरण फॉर्म में छात्रों द्वारा चुने गए वैकल्पिक विषयों को प्रधानाध्यापिका ने जबरन बदल दिया। छात्रों को चेकलिस्ट तक नहीं दिया गया। सब्जेक्ट को जबरन बदलने के लिए प्रधानाध्यापिका ने फॉर्म और चेकलिस्ट में कई छात्रों और अभिभावकों के फर्जी हस्ताक्षर किए।
छात्रों को सूचित किए बिना सब्जेक्ट बदले जाने से प्रधानाध्यापिका लक्ष्मी सुंडी के खिलाफ की गई शिकायत सही पाई गई थी। वहीं स्कूल में लगा स्मार्ट बोर्ड तीन वर्षों से खराब हालत में है। स्कूल में बच्चों को बुनियादी सुविधाओं से भी वंचित रखने, पीने के साफ पानी की समुचित व्यवस्था नहीं रहने, छात्राओं को जरूरत के वक्त सैनेटरी पैड नहीं देने, नामांकन के समय बेल्ट, टाई और आईडी कार्ड के लिए पैसे लेकर भी सामान उपलब्ध नहीं कराने का मामला भी सामने आया था।
गलत तरीके से हाउस रेंट अलाउंस लेने की पुष्टि
स्कूल की प्राचार्या लक्ष्मी सुंडी के खिलाफ जांच में गलत तरीके से हाउस रेंट अलाउंस लेने का मामला प्रकाश में आया था। स्कूल परिसर में ही सरकारी भवन पर उनका कब्जा है। इसके बावजूद विभाग से उन्हें हाउस रेंट अलाउंस का भुगतान किया जाता रहा। विभाग से आवास का भत्ता लेकर सरकारी आवास में ही रहने के मामले में भी उनसे डीईओ द्वारा उनसे जवाब तलब किया गया था।
माध्यमिक शिक्षा निदेशालय से की गई है कार्रवाई की अनुशंसा : डीईओ
जिला शिक्षा पदाधिकारी टोनी प्रेमराज टोप्पो ने बताया कि प्लस टू हाई स्कूल गोइलकेरा में छात्रों की शिकायत के बाद रिपोर्ट उपायुक्त को सौंपी गई थी। जांच में गड़बड़ी पाए जाने के बाद जिला प्रशासन द्वारा माध्यमिक शिक्षा निदेशालय को पत्र भेजकर कार्रवाई की अनुशंसा की गई है। निदेशक द्वारा ही इस पर कार्रवाई की जानी है। जिसका इंतजार किया जा रहा है।









