सोशल संवाद / डेस्क : जमशेदपुर में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) में कार्यरत सुरक्षा कर्मियों को अचानक नौकरी से हटाए जाने के विरोध में कर्मचारियों ने उपायुक्त कार्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया। प्रभावित सुरक्षा कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल ने बैंक प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए रोजगार बहाली की मांग उठाई।

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बिना नोटिस नौकरी से हटाने का आरोप
प्रदर्शन कर रहे सुरक्षा कर्मियों का आरोप है कि बैंक प्रबंधन ने बिना किसी पूर्व सूचना और लिखित नोटिस के अचानक उन्हें ड्यूटी पर आने से रोक दिया। कर्मचारियों का कहना है कि इस फैसले से दर्जनों परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
सुरक्षा कर्मियों ने कहा कि बिना किसी गलती के नौकरी से हटाया जाना पूरी तरह अन्यायपूर्ण है। उन्होंने बैंक प्रबंधन पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया और जल्द से जल्द पुनर्नियुक्ति की मांग की।
कांग्रेस और झामुमो नेताओं ने दिया समर्थन
इस आंदोलन को कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के कई वरिष्ठ नेताओं का समर्थन मिला। नेताओं ने उपायुक्त से मांग की कि इस मामले के समाधान के लिए जल्द उच्च स्तरीय त्रिपक्षीय बैठक आयोजित की जाए, ताकि प्रभावित कर्मचारियों को न्याय मिल सके।
उग्र आंदोलन की चेतावनी
इंटक के राष्ट्रीय सचिव विजय खां ने मीडिया से बातचीत करते हुए SBI मुख्य शाखा के अधिकारियों को चेतावनी दी कि यदि एटीएम सुरक्षा गार्ड्स और एसोसिएट्स की रोजगार बहाली नहीं की गई, तो आने वाले दिनों में उग्र आंदोलन किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि श्रमिकों के अधिकारों का हनन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
कई नेता और कर्मचारी रहे मौजूद
धरना-प्रदर्शन में पूर्व विधायक कुणाल षड़ंगी, पूर्व सांसद सुमन महतो, इंटक के राष्ट्रीय सचिव विजय खां, कांग्रेस प्रदेश महासचिव अजय सिंह, जिला कांग्रेस अध्यक्ष परविंदर सिंह, झामुमो जिला अध्यक्ष विक्टर सोरेन, पूर्व जिला अध्यक्ष बब्बन राय सहित सैकड़ों नेता और कर्मचारी मौजूद रहे।
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से जल्द हस्तक्षेप कर समाधान निकालने की मांग की, ताकि प्रभावित सुरक्षा कर्मियों को दोबारा रोजगार मिल सके।









