सोशल संवाद / जमशेदपुर : एमजीएम अस्पताल में गंभीर बीमारियों के मरीज भर्ती तो हो रहे हैं, लेकिन उन्हें आयुष्मान योजना का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। वहीं, अस्पताल में इन बीमारियों के विशेषज्ञ डॉक्टर आ चुके हैं। इसे देखते हुए एमजीएम प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग मुख्यालय को पत्र भेजकर एचएम आईएस (हेल्थ मैनेजमेंट इन्फॉर्मेशन सिस्टम) के माध्यम से अस्पताल को अनुमति देने का अनुरोध किया है। अनुमति मिलने के बाद इन बीमारियों के मरीजों को आयुष्मान के संबंधित पैकेज का लाभ मिल सकेगा और अधिक से अधिक मरीजों का मुफ्त इलाज हो सकेगा।
यह भी पढ़े : Jamshedpur Bonus 2026: टाटा मोटर्स, कमिंस, जुस्को समेत इन कंपनियों में कितनी मिलेगी बोनस राशि?
एमजीएम में हृदय रोग और न्यूरो के स्थायी डॉक्टर आ चुके हैं। अलग विभाग नहीं होने के कारण ये डॉक्टर फिलहाल मेडिसिन विभाग के डॉक्टर के रूप में काम कर रहे हैं और अपनी विशेषज्ञता के अनुसार मरीजों का इलाज भी कर रहे हैं। इसके अलावा किडनी, कैंसर और न्यूरो सर्जरी के विशेषज्ञ डॉक्टर भी आ चुके हैं, जो फिलहाल ओपीडी में मरीजों का इलाज कर रहे हैं। कुछ अन्य विभागों के विशेषज्ञ डॉक्टरों के भी आने की संभावना है। अब तक आयुष्मान के पैकेज के तहत उन्हीं बीमारियों का इलाज किया जा रहा था, जिनके लिए अस्पताल में डॉक्टर और जरूरी संसाधन उपलब्ध हैं। पिछले कुछ महीनों में कई अन्य विभागों के विशेषज्ञ डॉक्टर आए हैं, लेकिन उनके लिए अलग वार्ड और बेड की व्यवस्था नहीं होने के कारण गंभीर बीमारियों के मरीजों को संबंधित आयुष्मान पैकेज का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
ऐसे मरीजों का इलाज सामान्य मेडिसिन या सर्जरी विभाग के विभिन्न पैकेज के तहत किया जा रहा है।
एमजीएम प्रशासन ने फिलहाल कैंसर मरीजों के इलाज के लिए 10 बेड का वार्ड तैयार किया है। इसके अलावा कुछ अन्य विभागों के लिए भी बेड तैयार किए जा रहे हैं। इसी बीच अस्पताल प्रशासन ने संबंधित विभाग को पत्र भेजकर एचएमआईएस के माध्यम से कई गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आयुष्मान पैकेज की अनुमति देने की मांग की है।
विभाग को पत्र भेजकर GG कई गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए भी आयुष्मान का लाभ देने की मांग एचएमआईएस के माध्यम से की गई है।










