सोशल संवाद / डेस्क : अभिनेता शांतनु महेश्वरी ने हाल ही में अपनी फिल्म गंगूबाई काठियावाड़ी को लेकर कई दिलचस्प बातें साझा कीं। उन्होंने बताया कि इस फिल्म का हिस्सा बनना उनके करियर का सबसे बड़ा मौका था और संजय लीला भंसाली जैसे दिग्गज निर्देशक के साथ काम करना उनके लिए किसी सपने के सच होने जैसा था।

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ऑडिशन के कई दौर के बाद मिला रोल
शांतनु ने खुलासा किया कि उन्हें फिल्म के कास्टिंग डायरेक्टर की ओर से ऑडिशन के लिए कॉल आया था। इसके बाद कई राउंड तक उनका स्क्रीन टेस्ट और ऑडिशन चला। लगभग दो महीने तक चली प्रक्रिया के बाद उन्हें फिल्म में अफशान के किरदार के लिए चुना गया।
आलिया भट्ट ने बनाया सहज माहौल
शांतनु ने बताया कि फिल्म के सेट पर आलिया भट्ट ने उन्हें काफी सहज महसूस कराया। उन्होंने एक पुराना किस्सा साझा करते हुए कहा कि आलिया ने उनसे कार्ड शफल करना सीखने की इच्छा जताई थी। बाद में उन्हें महसूस हुआ कि आलिया शायद यह पहले से जानती थीं, लेकिन उन्होंने ऐसा इसलिए किया ताकि वह नए कलाकार के रूप में सहज महसूस कर सकें।
संजय लीला भंसाली के साथ काम करना रहा सीखने वाला अनुभव
अभिनेता ने कहा कि भंसाली बेहद परफेक्शनिस्ट निर्देशक हैं और अपने काम को लेकर काफी सजग रहते हैं। उनके साथ काम करने से अभिनय और फिल्म निर्माण की बारीकियों को समझने का अवसर मिला। शांतनु के मुताबिक, इस फिल्म ने उनके आत्मविश्वास को नई ऊंचाई दी और उन्हें इंडस्ट्री में अलग पहचान दिलाई।
करियर के लिए साबित हुई बड़ी उपलब्धि
2022 में रिलीज हुई गंगूबाई काठियावाड़ी में शांतनु महेश्वरी ने अफशान रज़ाक का किरदार निभाया था। यह उनकी हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में बड़ी शुरुआत थी। फिल्म में आलिया भट्ट के साथ उनकी केमिस्ट्री को दर्शकों और समीक्षकों ने काफी सराहा था।
दर्शकों के दिल में बनाई खास जगह
फिल्म की सफलता के बाद शांतनु महेश्वरी को बॉलीवुड में नई पहचान मिली। अभिनेता का मानना है कि गंगूबाई काठियावाड़ी सिर्फ उनकी डेब्यू फिल्म नहीं, बल्कि उनके करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुई।









