सोशल संवाद / रांची : श्रावणी मेला 30 जुलाई से 28 अगस्त तक लगेगा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए झारखंड पर्यटन विकास निगम लिमिटेड (जेटीडीसी) ने व्यापक कार्ययोजना बनाई है। इसके तहत देवघर और दुमका (बासुकीनाथ) आने वाले लाखों कांवरियों की सुविधा के लिए अत्याधुनिक तकनीक से युक्त 4400 बेड की विशाल टेंट सिटी बनाई जाएगी।
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पूरे कार्यक्रम की जिम्मेदारी एक एजेंसी को दी जाएगी। इसके चयन की प्रक्रिया के लिए जेटीडीसी द्वारा रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरईपी) जारी किया गया है। एजेंसी को पूरी तैयारी 15 जुलाई तक पूरी करनी होगी।
चाक-चौबंद सुरक्षा और हाईटेक सीसीटीवी निगरानी :
मेले में सुरक्षा के लिए व्यापक व्यवस्था की जाएगी। हर टेंट सिटी में डोम कैमरे और 10 सीसीटीवी लगेंगे। ये जिला प्रशासन के केंद्रीय नियंत्रण कक्ष से जुड़े होंगे। भीड़ के रीयल-टाइम आकलन के लिए टेंट के प्रवेश और निकास द्वारों पर डिजिटल ‘हेड काउंट मशीनें’ लगेंगी। 50 विशेष ‘हेड काउंट कैमरे’ (प्रतिटेंट सिटी 10 कैमरे) लगाए जाएंगे। हर टेंट की सुरक्षा के लिए वॉकी-टॉकी से लैस 10 सुरक्षाकर्मी और साफ-सफाई के लिए दो शिफ्टों में 50 हाउसकीपिंग स्टाफ तैनात रहेंगे।
स्वच्छता, पेयजल और वीआईपी सुविधाएं:
पानी और शौचालय के कड़े मानक तय किए गए हैं। 1,300 क्षमता वाले टेंट में 130 शौचालय, 800 क्षमता वाले में 80 शौचालय और 700 क्षमता वाले टेंट में 70 शौचालय (आधे पुरुष और आधे महिला) होंगे। रास्तों और आसपास के क्षेत्रों में 200 अतिरिक्त शौचालय और 50 आधुनिक बायो-टॉयलेट बनाए जाएंगे। हर टेंट स्थल पर श्रद्धालुओं के बैठने के लिए 100 कुर्सियां और कांवर रखने के लिए 100 विशेष ‘कांवर स्टैंड’ बनेंगे।
पांच टेंट सिटी में सभी आधुनिक सुविधाएं
क्षमता-2,000 व्यक्ति। कोठिया अस्थायी बस स्टैंड रोड के दोनों ओर दो यूनिट बनेंगी। एक टेंट में 1,300 और दूसरे में 700 लोगों 700 लोगों की क्षमता होगी। दुमकाः क्षमता – 2,400 व्यक्ति। जरमुंडी ब्लॉक ऑफिस के पास 800-800 लोगों की दो यूनिट व दर्शनीय टीकर में 800 लोगों की एक यूनिट होगी। टेंट में वुडेन फ्लोरिंग, स्टील की चारपाई, कॉट, गद्दे, तकिए, डिस्पोजेबल बेडशीट होगी। गद्दे, तकिए, बेडशीट रोज बदले जाएंगे। हर टेंट में पंखे, लाइट फिक्सचर, मोबाइल चार्जिंग पॉइंट्स होंगे।
टेंटेड शेड्स, एलईडी दीवार और रास्तों का सुदृढ़ीकरणः देवघर के शिव गंगा, त्रिकूट और बासुकीनाथ के दर्शनीय टीकर में 100-100 लोगों की क्षमता वाले 1200 वर्ग फीट के विशेष वाटरप्रूफ शेड्स बनाए जाएंगे। यहां भी









