सोशल संवाद / रांची : झारखंड में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए फॉर्म 7 का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल हो रहा है। राज्य निर्वाचन कार्यालय को विभिन्न जिलों से मिली रिपोर्ट के अनुसार 4606 लोगों के नाम पर बूथ लेबल एजेंट (बीएलए) ने आपत्ति दर्ज की है। विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के बीएलए ने ऐसे लोगों के दस्तावेज गलत होने या इन मतदाताओं के विदेशी होने की आशंका जताते हुए मतदाता सूची से उनके नाम हटाने की मांग की है।
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चतरा जिले में ऐसे सर्वाधिक 1774 लोगों के खिलाफ आपत्ति दर्ज कराई गई है। हालांकि इनमें से कई लोगों ने खुद ही अपना नाम डिलीट करने का आग्रह किया है। जिन लोगों के नाम पर आपत्ति दर्ज कराई गई है, उन कार्यालय ने जांच का निर्देश दिया है। इन आपत्तियों का मामला इन दिनों काफी चर्चा में है। सभी जिलों में विभिन्न राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों द्वारा बड़ी संख्या में फॉर्म 7 दाखिल किए जाने से राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर सक्रियता तेज हो गई है।
बरहरवा में खुद मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने पकड़ी थी गड़बड़ी
साहिबगंज के दौरे पर बरहरवा गए मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने भी ऐसे मामले पकड़े थे, जिसमें गलत दस्तावेज के आधार पर वोटर लिस्ट में अपना नाम जुड़वा रहे थे। इस बीच, जमशेदपुर में कुछ अफगानियों के पकड़ में आने के बाद सतर्कता और बढ़ गई है। ये अफगानी गलत दस्तावेज के आधार पर मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वा रहे थे। इनके खिलाफ एफआईआर कराई गई है।
दो जगहों पर नाम होने की स्थिति में भी होता है फॉर्म 7 का उपयोग
फॉर्म 7 का उपयोग केवल किसी अपात्र, मृत या स्थानांतरित व्यक्ति का नाम हटाने के लिए ही नहीं, बल्कि कई बार मतदाता खुद उन मामलों में इसका उपयोग करते हैं, जब उनका नाम दो अलग-अलग जगहों पर दर्ज हुआ रहता है।










