सोशल संवाद / डेस्क : महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के छह सांसदों के अचानक दिल्ली पहुंचने और लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात की चर्चाओं के बीच पार्टी में संभावित टूट की अटकलें तेज हो गई हैं। इस घटनाक्रम ने राज्य की सियासत में नई बहस छेड़ दी है।
यह भी पढे : केशवपुरम जोन में महापौर प्रवेश वाही का निरीक्षण, विकास कार्यों में तेजी और अतिक्रमण हटाने के निर्देश
सूत्रों के मुताबिक, शिवसेना (UBT) के कुछ सांसदों ने अलग गुट बनाने की संभावनाओं को लेकर चर्चा शुरू कर दी है। इसी बीच सांसदों के दिल्ली पहुंचने की खबरों ने राजनीतिक गलियारों में कई तरह की अटकलों को जन्म दिया है। हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
संजय राउत ने लगाए गंभीर आरोप
शिवसेना (UBT) के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए दावा किया कि पार्टी के सांसदों को तोड़ने के लिए करोड़ों रुपये के प्रस्ताव दिए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों के जनप्रतिनिधियों पर लगातार दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है।
राउत ने कहा कि उनकी पार्टी के सांसद और नेता किसी भी दबाव में नहीं आने वाले हैं और उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में एकजुट हैं। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि कुछ सांसदों के दिल्ली में होने की जानकारी उन्हें मिली है।
पार्टी नेतृत्व की बढ़ी चिंता
सांसदों के दिल्ली पहुंचने की खबर के बाद शिवसेना (UBT) नेतृत्व ने स्थिति पर नजर रखनी शुरू कर दी है। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि शीर्ष नेतृत्व लगातार सांसदों और नेताओं से संपर्क बनाए हुए है ताकि किसी भी तरह की राजनीतिक अस्थिरता को रोका जा सके।
महाराष्ट्र की राजनीति में बढ़ सकता है असर
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि सांसदों का कोई समूह अलग रुख अपनाता है तो इसका असर महाराष्ट्र की विपक्षी राजनीति पर पड़ सकता है। हालांकि फिलहाल स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है और सभी की नजरें आगामी राजनीतिक घटनाक्रम पर टिकी हुई हैं।
आधिकारिक पुष्टि का इंतजार
अब तक न तो संबंधित सांसदों की ओर से और न ही लोकसभा सचिवालय की तरफ से किसी औपचारिक निर्णय की पुष्टि की गई है। ऐसे में राजनीतिक हलकों में चल रही चर्चाओं के बीच सभी पक्षों के आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है।
फिलहाल, शिवसेना (UBT) में संभावित टूट की खबरों ने महाराष्ट्र की राजनीति को गर्मा दिया है और आने वाले दिनों में इस मामले पर बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिल सकता है।










