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  • induction चूल्हे का तापमान बार-बार बदलना सही या गलत? जानें सेफ इस्तेमाल के जरूरी नियम

    induction चूल्हे का तापमान बार-बार बदलना सही या गलत? जानें सेफ इस्तेमाल के जरूरी नियम

    सोशल संवाद/डेस्क : एलपीजी गैस की कमी और बढ़ती कीमतों के बीच बड़ी संख्या में लोग अब induction चूल्हे की ओर रुख कर रहे हैं। ऐसे में इसके इस्तेमाल को लेकर कई तरह के सवाल भी सामने आ रहे हैं। सबसे आम सवाल यही है कि क्या induction चूल्हे पर कुकिंग करते समय तापमान को बार-बार बढ़ाना या घटाना सुरक्षित है या इससे डिवाइस पर कोई बुरा असर पड़ता है?

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    विशेषज्ञों के अनुसार, induction चूल्हे का तापमान कुकिंग के दौरान बढ़ाना या कम करना पूरी तरह से सुरक्षित है। दरअसल, induction तकनीक को ही इस तरह डिजाइन किया गया है कि उपयोगकर्ता जरूरत के अनुसार हीट या पावर लेवल को आसानी से नियंत्रित कर सकें। यह बिल्कुल उसी तरह है जैसे पारंपरिक गैस चूल्हे पर आंच को कम या ज्यादा किया जाता है।

    induction चूल्हे में दिए गए अलग-अलग पावर लेवल और बटन इसी उद्देश्य से बनाए गए हैं कि आप हर तरह के पकवान के अनुसार तापमान को एडजस्ट कर सकें। चाहे आपको दूध उबालना हो, चाय बनानी हो या सब्जी पकानी हो, हर डिश के लिए अलग तापमान की जरूरत होती है। ऐसे में तापमान को नियंत्रित करना न केवल सुरक्षित है बल्कि बेहतर कुकिंग के लिए जरूरी भी है।

    तापमान को समय-समय पर बदलने के कई फायदे भी हैं। जब आप जरूरत के अनुसार पावर को कम करते हैं, तो इससे बिजली की खपत कम होती है और ऊर्जा की बचत होती है। इसके अलावा, एक बार बर्तन गर्म हो जाने के बाद लगातार हाई तापमान पर रखने की जरूरत नहीं होती, जिससे खाना जलने या उबलकर बाहर आने की संभावना भी कम हो जाती है।

    हालांकि, induction चूल्हे का इस्तेमाल करते समय कुछ सावधानियां बरतना बेहद जरूरी है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि तापमान को अचानक बहुत कम से बहुत ज्यादा नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से चूल्हे के ग्लास पर दबाव पड़ सकता है, जिससे उसके टूटने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए तापमान को हमेशा धीरे-धीरे बढ़ाना या घटाना बेहतर होता है।

    इसके अलावा, अगर आपके induction चूल्हे में टच के बजाय फिजिकल बटन दिए गए हैं, तो उन्हें बार-बार और जोर से दबाने से बचना चाहिए। इससे बटन जल्दी खराब हो सकते हैं और डिवाइस की लाइफ कम हो सकती है।

    कुछ पकवान ऐसे होते हैं, जिन्हें स्थिर तापमान पर पकाना ज्यादा बेहतर होता है। जैसे कि ग्रेवी वाली सब्जियां या दाल, जिनमें बार-बार तापमान बदलने से स्वाद और टेक्सचर प्रभावित हो सकता है। इसलिए हर डिश के अनुसार सही तापमान का चयन करना जरूरी है।

    कुल मिलाकर, induction चूल्हे का तापमान बढ़ाना या घटाना पूरी तरह सुरक्षित है, बशर्ते आप इसे सही तरीके और सावधानी के साथ इस्तेमाल करें। सही उपयोग से न केवल बेहतर कुकिंग संभव है, बल्कि बिजली की बचत और उपकरण की लंबी उम्र भी सुनिश्चित की जा सकती है।

  • आज से कमर्शियल गैस सिलेंडर महंगा, 218 रुपये तक बढ़े दाम, कारोबारियों पर बढ़ा बोझ

    आज से कमर्शियल गैस सिलेंडर महंगा, 218 रुपये तक बढ़े दाम, कारोबारियों पर बढ़ा बोझ

    सोशल संवाद/डेस्क : देशभर में आज से कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी लागू हो गई है, जिससे होटल, रेस्टोरेंट और छोटे-बड़े कारोबारियों की लागत बढ़ गई है। 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर के दाम में करीब 195 से 218 रुपये तक की वृद्धि दर्ज की गई है। इस बदलाव के साथ अलग-अलग शहरों में नई कीमतें लागू हो चुकी हैं, जिससे व्यापारिक गतिविधियों पर सीधा असर देखने को मिल सकता है।

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    नई दरों के अनुसार, राजधानी में कमर्शियल सिलेंडर अब 2078.50 रुपये में मिल रहा है, जो पहले 1884.50 रुपये था। इसी तरह कोलकाता में इसकी कीमत बढ़कर 2208 रुपये हो गई है। मुंबई में अब यह 2031 रुपये में उपलब्ध है, जबकि चेन्नई में इसकी कीमत 2246.50 रुपये तक पहुंच गई है। पटना में सिलेंडर का रेट 2365 रुपये हो गया है और जयपुर में यह करीब 2031 रुपये में मिल रहा है। अलग-अलग शहरों में यह बढ़ोतरी थोड़ी-थोड़ी अलग है, लेकिन कुल मिलाकर असर पूरे देश में महसूस किया जा रहा है।

    हालांकि, इस बार घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है, जिससे आम घरों को थोड़ी राहत मिली है। लेकिन कमर्शियल सिलेंडर महंगा होने का अप्रत्यक्ष असर आम लोगों पर भी पड़ सकता है। खासतौर पर होटल और रेस्टोरेंट मालिक अपनी बढ़ती लागत को संतुलित करने के लिए खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ा सकते हैं। इसका मतलब है कि बाहर खाना या ऑनलाइन फूड ऑर्डर करना अब पहले से महंगा हो सकता है।

    यह पहली बार नहीं है जब गैस की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। इससे पहले मार्च में भी कीमतों में इजाफा किया गया था, जब घरेलू सिलेंडर 60 रुपये और कमर्शियल सिलेंडर करीब 114 रुपये महंगा हुआ था। पिछले एक साल के दौरान कई बार गैस की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है, जिससे उपभोक्ताओं और कारोबारियों दोनों को परेशानी का सामना करना पड़ा है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऊर्जा बाजार में अस्थिरता और कच्चे तेल व गैस की कीमतों में बदलाव इसका मुख्य कारण है। वैश्विक परिस्थितियों के चलते एलपीजी की लागत बढ़ती है, जिसका असर सीधे घरेलू बाजार पर पड़ता है।

    कुल मिलाकर, कमर्शियल गैस सिलेंडर की इस नई बढ़ोतरी से व्यापारिक गतिविधियों की लागत बढ़ेगी और इसका असर धीरे-धीरे आम उपभोक्ताओं तक भी पहुंचेगा। आने वाले दिनों में महंगाई पर इसका प्रभाव और स्पष्ट रूप से देखने को मिल सकता है।

  • Telangana में नया कानून पास: माता-पिता की देखभाल नहीं की तो सैलरी से होगी कटौती

    Telangana में नया कानून पास: माता-पिता की देखभाल नहीं की तो सैलरी से होगी कटौती

    सोशल संवाद/डेस्क: Telangana सरकार ने बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल को लेकर एक बड़ा और अहम कदम उठाया है। राज्य विधानसभा ने ‘कर्मचारी दायित्व और माता-पिता देखभाल निगरानी बिल 2026’ को मंजूरी दे दी है, जिसका उद्देश्य बुजुर्गों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना है। इस कानून के जरिए कर्मचारियों पर अपने माता-पिता के भरण-पोषण और देखभाल की जिम्मेदारी स्पष्ट कर दी गई है।

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    इस बिल की खास बात यह है कि इसका दायरा सिर्फ सरकारी कर्मचारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें निजी कर्मचारी, अधिकारी और जन प्रतिनिधि जैसे विधायक, पार्षद और सरपंच भी शामिल किए गए हैं। यानी अब हर वर्ग के जिम्मेदार लोगों को अपने माता-पिता की देखभाल करनी होगी।

    नए कानून के तहत अगर कोई कर्मचारी अपने माता-पिता की उपेक्षा करता पाया जाता है, तो उसकी सैलरी से 15 प्रतिशत या 10 हजार रुपये तक की कटौती की जा सकती है, जो सीधे माता-पिता को दी जाएगी। इसके अलावा बुजुर्गों को अपने बच्चों से भरण-पोषण मांगने का अधिकार भी दिया गया है और शिकायत दर्ज करने के लिए एक औपचारिक व्यवस्था बनाई जाएगी।

    सरकार का कहना है कि यह कानून बढ़ती पारिवारिक उपेक्षा की समस्याओं को कम करेगा और समाज में जिम्मेदारी और नैतिक मूल्यों को मजबूत करेगा। मंत्री लक्ष्मण कुमार ने इसे सामाजिक बदलाव की दिशा में एक बड़ा कदम बताते हुए कहा कि इससे बुजुर्गों को सम्मान और सुरक्षा के साथ जीवन जीने का अधिकार मिलेगा।

  • रामगढ़ में JEE-Mains 2026 से पहले फर्जीवाड़ा बेनकाब, टेक्नीशियन समेत तीन गिरफ्तार, बड़ा नेटवर्क उजागर

    रामगढ़ में JEE-Mains 2026 से पहले फर्जीवाड़ा बेनकाब, टेक्नीशियन समेत तीन गिरफ्तार, बड़ा नेटवर्क उजागर

    सोशल संवाद/डेस्क: झारखंड के रामगढ़ जिले स्थित राधा गोविंद विश्वविद्यालय के परीक्षा केंद्र पर JEE-Mains 2026 से पहले बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। पुलिस ने परीक्षा में गड़बड़ी की साजिश रचने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें विश्वविद्यालय का एक टेक्नीशियन भी शामिल है।

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    जांच के दौरान सामने आया कि 2 से 8 अप्रैल के बीच होने वाली परीक्षा में कुछ चुनिंदा अभ्यर्थियों को पास कराने के लिए कंप्यूटर सिस्टम में हेरफेर की जा रही थी। मौके से 70 मॉनिटर, तीन राउटर, एक सीपीयू, चार मोबाइल फोन और एक वाहन बरामद किया गया है। पूछताछ में आरोपितों ने खुलासा किया कि इस पूरे मामले के पीछे एक बड़ा संगठित नेटवर्क काम कर रहा है, जो नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की परीक्षाओं में सेटिंग कराने का काम करता है और इसके तार कई राज्यों से जुड़े हैं।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अन्य आरोपितों की तलाश तेज कर दी है। वहीं प्रशासन ने जांच कमेटी गठित कर पूरे नेटवर्क की गहराई से पड़ताल शुरू कर दी है। विश्वविद्यालय के कुलसचिव के बयान पर टेक्नीशियन समेत अन्य कर्मचारियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। इसके अलावा बिहार और झारखंड के कई अन्य लोगों और एक निजी कंपनी के कर्मचारियों के नाम भी इस मामले में सामने आए हैं।

    पुलिस अधीक्षक ने गिरोह में शामिल बाकी लोगों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम का गठन किया है, जबकि जिला प्रशासन ने पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। बताया जा रहा है कि यह गिरोह अभ्यर्थियों से पैसे लेकर परीक्षा में पास कराने का काम करता था।

    गौरतलब है कि पिछले चार वर्षों से इस परीक्षा का आयोजन विश्वविद्यालय के कंप्यूटर लैब में एक निजी एजेंसी के माध्यम से किया जा रहा था। इसी व्यवस्था का फायदा उठाकर आरोपितों ने साजिश को अंजाम देने की कोशिश की, लेकिन समय रहते मामले का खुलासा हो गया।

  • Milkshake में जहर देकर पिता की हत्या, तीन साल बाद खुला राज, बेटी समेत चार गिरफ्तार

    Milkshake में जहर देकर पिता की हत्या, तीन साल बाद खुला राज, बेटी समेत चार गिरफ्तार

    सोशल संवाद/डेस्क : महाराष्ट्र से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने रिश्तों की नींव को ही सवालों के घेरे में ला दिया है। एक महिला पुलिसकर्मी पर अपने ही पिता की हत्या का आरोप लगा है, और यह राज करीब तीन साल बाद खुला है। पुलिस के मुताबिक, यह कोई हादसा नहीं बल्कि एक सोची-समझी साजिश थी।

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    यह घटना 25 अप्रैल 2023 की सुबह की है, जब पुलिस अधिकारी जयंत बल्लवार रोज की तरह ड्यूटी पर जाने की तैयारी कर रहे थे। उसी दौरान उनकी बेटी, जो खुद भी पुलिस में कार्यरत है, ने उन्हें एक Milkshake दिया। उन्होंने बिना किसी शक के वह पी लिया और अपने काम के लिए निकल गए। लेकिन कुछ ही समय बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी और वे अचानक गिर पड़े। अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो गई।

    उस समय इस मौत को सामान्य बीमारी या अचानक स्वास्थ्य खराब होने का मामला मान लिया गया था। किसी तरह की आपराधिक साजिश का अंदेशा नहीं होने के कारण न तो गहराई से जांच हुई और न ही पोस्टमार्टम कराया गया। मामला वहीं बंद हो गया और परिवार ने इसे एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना मान लिया।

    लेकिन तीन साल बाद इस केस में बड़ा मोड़ आया। पुलिस को नई जानकारी मिली, जिसके बाद जांच दोबारा शुरू की गई। जांच में सामने आया कि मृतक की बेटी का एक युवक के साथ प्रेम संबंध था, जिसका उसके पिता विरोध कर रहे थे। यही विरोध इस खौफनाक साजिश की वजह बना।

    पुलिस के अनुसार, बेटी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपने पिता को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। इस साजिश को अंजाम देने के लिए उसने अपने चचेरे भाई को शामिल किया, जिसे जहर लाने के लिए पैसे दिए गए। एक अन्य व्यक्ति ने जहर उपलब्ध कराया। फिर योजना के तहत Milkshake में जहर मिलाकर पिता को पिला दिया गया।

    इस पूरी घटना का खुलासा तब हुआ जब आरोपी युवक ने खुद पुलिस के सामने आकर सच्चाई कबूल कर ली। उसके बयान के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बेटी, उसके पति, चचेरे भाई और जहर सप्लाई करने वाले चौथे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

    चौंकाने वाली बात यह भी है कि पिता की मौत के बाद बेटी और उसके प्रेमी ने शादी कर ली थी। हालांकि बाद में उनके रिश्ते में भी तनाव आ गया और विवाद बढ़ने लगे। इसी तनाव के बीच सच्चाई बाहर आई।

    फिलहाल चारों आरोपी पुलिस हिरासत में हैं और मामले की आगे की जांच जारी है। यह घटना न सिर्फ एक जघन्य अपराध को उजागर करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि निजी रिश्तों में बढ़ते तनाव किस हद तक खतरनाक रूप ले सकते हैं।

  • ग्राहक ऑनलाइन भुगतान को पांच तरीकों से मंजूरी दे सकेंगे

    ग्राहक ऑनलाइन भुगतान को पांच तरीकों से मंजूरी दे सकेंगे

    सोशल संवाद/डेस्क : ऑनलाइन ठगी पर रोक लगाने के लिए आरबीआई नए वित्त वर्ष से बड़ा बदलाव करने जा रहा है। इसके तहत अब ऑनलाइन लेनदेन और भुगतान को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए दोहरा सत्यापन (टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन) और पुख्ता हो जाएगा। इसमें पहला सत्यापन पासवर्ड अथवा पिन से होगा, जबकि दूसरे सत्यापन के लिए ग्राहकों को ओटीपी समेत चार अन्य विकल्प मिलेंगे, जिनमें से एक का चयन करना होगा।

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    आरबीआई ने हाल ही में डिजिटल लेनदेन के लिए नए सुरक्षा मानक जारी किए हैं। इसके अनुसार, सभी भुगतान सत्यापन के लिए कई विकल्प एमएफए) अनिवार्य कर दिए गए हैं। वर्तमान में अधिकांश लेनदेन दोहरे सत्यापन पर आधारित हैं। इनमें से एक पासवर्ड / पिन और एक एसएमएस आधारित ओटीपी का उपयोग होता है। लेकिन अब बदलाव कर दिया गया है। इसका मतलब है कि हर ऑनलाइन भुगतान में दो सुरक्षा स्तर होंगे।

    ऐसे काम करेगी नई प्रणाली

    विशेषज्ञों के अनुसार, यह प्रणाली पहले से ज्यादा सुरक्षित होगी। हर लेनदेन के दौरान उपयोगकर्ता के फोन उपकरण, लोकेशन और खर्च के तरीके को ध्यान में रखा जा सकता है। यदि कोई लेनदेन संदिग्ध लगता है या बड़ी राशि का है तो प्रणाली खुद ही अतिरिक्त सत्यापन करने को कहेगी। लेनदेन को तभी मंजूरी मिलेगी, जब सभी सुरक्षा मानक सही पाए जाएंगे।

    बैंक की जिम्मेदारी

    नए मानकों के अनुसार, यदि कोई बैंक इन नए सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करता और ग्राहक के साथ धोखाधड़ी होती है तो उसकी पूरी वित्तीय जिम्मेदारी बैंक की होगी। हालांकि, आरबीआई ने बैंकों को यह छूट दी है कि वे अपने हिसाब से इस दोहरी सुरक्षा का स्तर तैयार कर सकते हैं।

  • Zojila पास पर हिमस्खलन का कहर, 7 की मौत कई घायल, राहत-बचाव अभियान जारी तेज़ी से

    Zojila पास पर हिमस्खलन का कहर, 7 की मौत कई घायल, राहत-बचाव अभियान जारी तेज़ी से

    सोशल संवाद/डेस्क: जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित Zojila पास में भीषण हिमस्खलन की घटना सामने आई है, जिसमें सात लोगों की जान चली गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। यह हादसा उस समय हुआ जब ऊंचाई वाले इस मार्ग से वाहन गुजर रहे थे और अचानक भारी मात्रा में बर्फ पहाड़ों से नीचे आ गिरी, जिससे कई वाहन इसकी चपेट में आ गए।

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    घटना के तुरंत बाद राहत और बचाव के लिए मल्टी-एजेंसी ऑपरेशन शुरू किया गया। बचाव दल लगातार बर्फ हटाने और फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के प्रयास में जुटे हुए हैं।

    जितेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया के जरिए इस हादसे में सात लोगों की मौत की पुष्टि की है और घायलों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने की बात कही है। वहीं, विनय कुमार सक्सेना ने भी इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है।

    यह हादसा एक बार फिर पहाड़ी इलाकों में मौसम और प्राकृतिक आपदाओं के खतरे को उजागर करता है, जहां हर साल इस तरह की घटनाएं जान-माल का नुकसान करती हैं। प्रशासन की ओर से लोगों को सतर्क रहने और यात्रा से पहले मौसम की जानकारी लेने की सलाह दी गई है।

  • विजय ने ड्राइवर के बेटे को दिया टिकट, उम्मीदवार सूची में दिखी राजनीति की नई सोच और इंसानियत

    विजय ने ड्राइवर के बेटे को दिया टिकट, उम्मीदवार सूची में दिखी राजनीति की नई सोच और इंसानियत

    सोशल संवाद/डेस्क: तमिलनाडु की राजनीति में एक भावुक और प्रेरणादायक मोड़ उस वक्त देखने को मिला, जब थलपति विजय ने अपनी पार्टी तमिलगा वेट्ट्रि कझगम की विधानसभा उम्मीदवारों की सूची जारी की। 234 सीटों के लिए घोषित इस सूची में एक ऐसा नाम शामिल था, जिसने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।

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    विजय ने विरुगंबक्कम विधानसभा सीट से अपने पूर्व ड्राइवर और वर्तमान पर्सनल असिस्टेंट के बेटे सबरिनाथन को उम्मीदवार बनाकर सभी को चौंका दिया। जैसे ही मंच से उनके नाम की घोषणा हुई, माहौल भावुक हो गया। यह पल सिर्फ एक राजनीतिक घोषणा नहीं, बल्कि भरोसे और रिश्तों की मिसाल बन गया।

    घोषणा के तुरंत बाद सबरिनाथन मंच पर ही भावुक हो गए। उन्होंने विजय के पैर छुए और उन्हें गले लगा लिया। इस दौरान उनकी आंखों से आंसू निकल पड़े। विजय ने भी उन्हें संभाला और उनका हौसला बढ़ाया। यह दृश्य सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इसे राजनीति में इंसानियत की मिसाल बता रहे हैं।

    आमतौर पर राजनीति में बड़े नामों और प्रभावशाली परिवारों को प्राथमिकता दी जाती है, लेकिन विजय के इस फैसले ने यह संदेश दिया है कि मेहनत, वफादारी और समर्पण भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं। सोशल मीडिया पर यूजर्स लगातार उनकी सराहना कर रहे हैं और उन्हें एक संवेदनशील नेता के रूप में देख रहे हैं।

    गौरतलब है कि विजय ने फरवरी 2024 में सक्रिय राजनीति में कदम रखा था। अपने सफल फिल्मी करियर के शिखर पर होने के बावजूद उन्होंने समाज और युवाओं के लिए काम करने का रास्ता चुना, और अब उनके ऐसे फैसले उनकी राजनीति की दिशा को साफ तौर पर दर्शाते हैं।

  • देशभर में बम धमकी देने वाला आरोपी गिरफ्तार, 1100 ईमेल भेजकर मचाई थी दहशत

    देशभर में बम धमकी देने वाला आरोपी गिरफ्तार, 1100 ईमेल भेजकर मचाई थी दहशत

    सोशल संवाद/डेस्क : देशभर की अदालतों और सरकारी संस्थानों को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले आरोपी को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए Delhi Police ने कर्नाटक के Mysuru से 47 वर्षीय आरोपी श्रीनिवास लुइस को हिरासत में लिया है। आरोपी लंबे समय से ईमेल के जरिए धमकी भरे संदेश भेजकर सुरक्षा एजेंसियों के लिए सिरदर्द बना हुआ था।

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    जांच में सामने आया है कि आरोपी ने देश के विभिन्न राज्यों में स्थित हाई कोर्ट, सिविल कोर्ट और कई सरकारी संस्थानों को निशाना बनाते हुए 1100 से अधिक फर्जी धमकी भरे ईमेल भेजे थे। इन धमकियों के कारण कई जगहों पर सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट पर रहना पड़ा और बार-बार जांच अभियान चलाने पड़े। इससे न केवल प्रशासनिक संसाधनों पर दबाव पड़ा, बल्कि आम लोगों में भी डर का माहौल बन गया।

    लगातार मिल रही धमकियों के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तकनीकी जांच शुरू की। साइबर एक्सपर्ट्स की मदद से ईमेल ट्रेसिंग, डिजिटल फुटप्रिंट और लोकेशन ट्रैकिंग जैसे आधुनिक तरीकों का इस्तेमाल किया गया। जांच के दौरान आरोपी की लोकेशन कर्नाटक के मैसूर में ट्रेस हुई, जिसके बाद दिल्ली पुलिस की टीम वहां पहुंची और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

    पुलिस के अनुसार, आरोपी मैसूर में एक किराए के मकान में रह रहा था। तलाशी के दौरान उसके पास से एक लैपटॉप बरामद किया गया है, जिसका इस्तेमाल वह धमकी भरे ईमेल भेजने के लिए करता था। प्रारंभिक पूछताछ में यह भी सामने आया है कि आरोपी की मानसिक स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हो सकती है। हालांकि, इसकी पुष्टि के लिए विस्तृत मेडिकल जांच कराई जाएगी।

    गिरफ्तारी के बाद आरोपी को आगे की पूछताछ और जांच के लिए दिल्ली लाया जाएगा। इस मामले में कई राज्यों में पहले से केस दर्ज हैं, जिन्हें अब एक साथ जोड़कर व्यापक जांच की जाएगी। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी ने अकेले ही यह सब किया या इसके पीछे किसी और की भी भूमिका है।

    इस घटना ने एक बार फिर साइबर सुरक्षा और डिजिटल निगरानी की अहमियत को उजागर किया है। जिस तरह से आरोपी ने केवल ईमेल के माध्यम से देशभर में दहशत फैलाने की कोशिश की, वह चिंता का विषय है। हालांकि, पुलिस की सतर्कता और तकनीकी दक्षता के चलते आरोपी को समय रहते पकड़ लिया गया, जिससे किसी बड़े खतरे को टाला जा सका।

    कुल मिलाकर, यह मामला दिखाता है कि आधुनिक तकनीक जहां अपराध को आसान बना रही है, वहीं जांच एजेंसियां भी उससे निपटने के लिए पूरी तरह सक्षम हैं।

  • 1 अप्रैल से हाईवे सफर महंगा, टोल दरों में बढ़ोतरी लागू, कैश बंद और FASTag-UPI अनिवार्य

    1 अप्रैल से हाईवे सफर महंगा, टोल दरों में बढ़ोतरी लागू, कैश बंद और FASTag-UPI अनिवार्य

    सोशल संवाद/डेस्क: देशभर में 1 अप्रैल 2026 से नेशनल हाईवे और एक्सप्रेसवे पर सफर महंगा होने जा रहा है। टोल टैक्स दरों में 4 से 5 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी लागू की जा रही है, जिसका असर झारखंड के मैथन टोल प्लाजा सहित सभी प्रमुख टोल प्लाजा पर पड़ेगा। नई दरें लागू होने के बाद निजी और व्यावसायिक वाहनों को अधिक शुल्क चुकाना होगा, जिससे यात्रियों की जेब पर सीधा असर पड़ेगा।

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    झारखंड-पश्चिम बंगाल सीमा पर स्थित मैथन टोल प्लाजा से गुजरने वाले वाहनों को अब 5 से 15 रुपये तक अतिरिक्त टोल देना होगा, जबकि मासिक पास में भी 10 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। एनएचएआई ने बढ़ी हुई दरों की सूची सभी टोल प्रबंधन को भेज दी है और इसके तहत नई दरें 1 अप्रैल की मध्यरात्रि से लागू होंगी।

    नई दरों के अनुसार ओवरसाइज भारी वाहनों का टोल 655 से बढ़ाकर 670 रुपये, कंस्ट्रक्शन हेवी व्हीकल का 640 से 650 रुपये, जबकि ट्रक और बस का 345 से बढ़ाकर 350 रुपये कर दिया गया है। कार चालकों को अब 100 की जगह 105 रुपये चुकाने होंगे। वहीं स्थानीय वाहनों के टोल में भी 5 रुपये की वृद्धि की गई है और मासिक शुल्क 350 से बढ़कर 360 रुपये हो गया है।

    टोल प्रबंधन द्वारा वाहन चालकों को जागरूक करने के लिए अभियान भी चलाया जा रहा है, ताकि नई दरों को लेकर किसी प्रकार की परेशानी न हो। इसके साथ ही एक बड़ा बदलाव यह है कि अब टोल प्लाजा पर नकद भुगतान पूरी तरह बंद कर दिया गया है और शुल्क केवल FASTag या UPI के माध्यम से ही लिया जाएगा।

    नियमों का उल्लंघन करने या टोल बकाया रहने की स्थिति में एनएचएआई द्वारा एसएमएस और ईमेल के जरिए नोटिस भेजा जाएगा, और भुगतान नहीं करने पर जुर्माने की भी कार्रवाई हो सकती है। ऐसे में साफ है कि आने वाले दिनों में हाईवे पर सफर करने वालों को अपनी जेब और डिजिटल भुगतान दोनों तैयार रखने होंगे।