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  • घाटशिला में बनेगा शहीद पार्क, आदिवासी वीरों के सम्मान में बड़ा ऐलान

    घाटशिला में बनेगा शहीद पार्क, आदिवासी वीरों के सम्मान में बड़ा ऐलान

    सोशल संवाद/डेस्क : आज दामपाड़ा में आदिवासी भूमिज-मुंडा समाज के मिलन समारोह में शामिल हुआ। वैसे तो भारत के आजादी की लड़ाई का इतिहास इस समाज के योगदान के बिना अधूरा है, लेकिन यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि इतिहासकारों एवं सरकारों द्वारा इनके योगदान को वह सम्मान नहीं दिया गया, जिसके ये हकदार हैं।

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    इस समाज के महापुरुषों के योगदान को रेखांकित करने हेतु, इस वीर भूमि पर, एक शहीद पार्क बनवाया जायेगा, ताकि आने वाली पीढ़ियां अपने पुरखों के बारे में जान सकें, और अपने गौरवशाली इतिहास पर गर्व कर सकें।

    भगवान बिरसा मुंडा, मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा, वीर रघुनाथ सिंह, वीर गंगा नारायण सिंह जैसे महान विभूतियों वाले इस समाज के लोगों का यह उत्साह एवं समर्थन, घाटशिला में परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त करेगा।

  • शंका होने पर बूथ पर पोलिंग एजेंट उठवाएंगे बुर्का’:गिरिराज सिंह ने कहा- चुन-चुन कर घुसपैठियों को बाहर करेंगे

    शंका होने पर बूथ पर पोलिंग एजेंट उठवाएंगे बुर्का’:गिरिराज सिंह ने कहा- चुन-चुन कर घुसपैठियों को बाहर करेंगे

    सोशल संवाद/डेस्क : केंद्रीय मंत्री और बेगूसराय के सांसद गिरिराज सिंह ने बयान दिया है। इन्होंने कहा है कि भारत के अंदर इंडी गठबंधन, बिहार में लालू यादव और कांग्रेस पार्टी खास करके घुसपैठियों को ही मान लिए हैं कि यह मुसलमान का प्रतिनिधित्व करते हैं। आने वाले दिन में जब एनडीए की सरकार बनेगी, तो एक-एक को चुन करके बिहार से बाहर करेंगे, डिपोर्ट करेंगे।

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    गिरिराज सिंह ने आगे कहा कि इन्हें बचाने के लिए न राहुल गांधी आएंगे न तेजस्वी यादव आएंगे। यह मुसलमान चाहे बांग्लादेशी मुसलमान हैं, उनका रहने का हक नहीं है। एसआईआर पर उन्हीं के लिए हंगामा किया गया था।बुर्का पर क्यों हंगामा कर रहे हैं? यह लोग, कौन सा कानून है, क्या यह इस्लामी कंट्री है। हमारा देश बाबा साहब के संविधान से चलता है। आधार कार्ड यह लोग वहां दिखाते हैं, जब पासपोर्ट बनाना होता है। एयरपोर्ट जाते हैं, तो बुर्का उठाकर मुंह दिखाते हैं।

    देश में संविधान से कानून चलता

    मतदान केंद्र पर बुर्का उठाने में शर्म आती है। हमें शंका होगा तो हम बुर्का उठवाएंगे। देश का संवैधानिक स्तर अभी नहीं गिरा है और देश में संविधान से कानून चलता है। चुनाव संविधान के तहत होता है, संविधान ने अधिकार दिया है कि अगर शंका होगी तो राजनीतिक दल का पोलिंग एजेंट बुर्का उठाबाएगा।गिरिराज सिंह ने कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए पूरी तरह से एकजुट है। बेगूसराय में हम सभी सातों सीट जीतेंगे। यहां कांग्रेस भी है, कम्युनिस्ट भी है, कई दल के लोग हैं, इंडी गठबंधन के भी प्रत्याशी हैं। महागठबंधन के उनके पास न नेता है, न नेतृत्व है, नाश गठबंधन की एकता है, नाश नियत है और न कोई प्रोग्राम है।

  • सांसद बिद्युत बरण महतो ने रेलवे बैठक में उठाए 50 अहम मुद्दे, नई ट्रेन सेवाओं और स्टेशनों के विकास की रखी मांग

    सांसद बिद्युत बरण महतो ने रेलवे बैठक में उठाए 50 अहम मुद्दे, नई ट्रेन सेवाओं और स्टेशनों के विकास की रखी मांग

    सोशल संवाद/डेस्क : दक्षिण पूर्व रेलवे की 105 वीं क्षेत्रीय रेल उपयोगकर्ता परामर्शदात्री समिति की बैठक आज कोलकाता के ताज बंगाल होटल में संपन्न हुई।आज बैठक में सांसद बिद्युत बरण महतो ने चक्रधरपुर रेल मंडल एवं खड़गपुर रेल मंडल से संबंधित छोटे बड़े लगभग 50 बिंदुओं को उठाया। प्रत्येक बिंदु को रेल प्रबंधन के द्वारा समुचित प्रकार से प्रस्तुत किया गया। सांसद महतो ने जिन विषयों पर विशेष रूप से समिति का ध्यान आकृष्ट किया

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    उसमें भुवनेश्वर नई दिल्ली तेजस राजधानी एक्सप्रेस का फेरा बढ़ाने, टाटानगर से जयपुर के लिए नई ट्रेन सेवा की शुरुआत करने, टाटा से काटपाडी तिरुपति होते हुए बेंगलुरु तक नई ट्रेन सेवा की शुरुआत करने, टाटा कटिहार एक्सप्रेस का स्पीड बढ़ाने एवं इसका विस्तार रक्सौल तक करने, शालीमार गोरखपुर ट्रेन सेवा को सप्ताह में 3 दिन करने, टाटा रांची इंटरसिटी एक्सप्रेस का एक्सटेंशन डाल्टनगंज तक करने, टाटा गोड्डा साप्ताहिक एक्सप्रेस का फेरा बढ़ाने एवं घाटशिला तक विस्तार,कालीमाटी एक्सप्रेस, बिरसा मुंडा एक्सप्रेस एवं अंत्योदय एक्सप्रेस को कोरोना के समय बंद कर दिया था इसे पुनः प्रारंभ करना,अनेकों ट्रेनों का विभिन्न स्टेशन पर ठहराव की मांग, दुर्ग- आरा का विस्तार बक्सर तक करने, धालभूमगढ़ रेलवे स्टेशन के पास फूट ओवर ब्रिज का निर्माण को अभिलंब प्रारंभ करने की मांग मुख्य रूप से शामिल है।

    इसके अतिरिक्त सांसद महतो ने बारीगोड़ा और गोविंदपुर पर रेलवे ओवर ब्रिज का निर्माण के संबंध में यह जानना चाहा कि यदि राज्य सरकार के द्वारा किसी प्रकार की परेशानी है तो रेलवे के द्वारा इसे स्वयं निर्माण करना चाहिए। इस पर रेल प्रबंधन के द्वारा कहा गया इस संबंध में राज्य सरकार को कुछ आपत्ति है जिसके कारण इस पर इसके स्वरूप में आंशिक परिवर्तन के बाद इसका निर्माण प्रारंभ किया जाएगा।परसुडीह में रेल ओवर ब्रिज का निर्माण भी करने के संबंध में भी अपनी बातों को रखा जिससे परसुडीह के आवागमन को सुलभ किया जा सके।

    आज मुख्य रूप से सांसद महतो ने कहा कि आदित्यपुर के तर्ज पर गोविंदपुर रेलवे स्टेशन का विकास किया जाए ताकि टाटानगर रेलवे स्टेशन पर पड़ने वाले दबाव को कम किया जा सके।इसके अतिरिक्त टाटानगर के सेकंड एंट्री गेट में कोई ड्रॉपिंग लाइन नहीं है इसका प्रावधान करने के लिए कहा।साथ ही यात्रियों को किसी प्रकार की समस्या नहीं हो इसका निराकरण करने के लिए भी कहा।

    सांसद महतो ने कहा कि आए दिन टाटानगर रेलवे स्टेशन के मुख्य पार्किंग में यात्रियों के साथ दुर्व्यवहार के मामले आ रहे हैं यह किसी भी तरह से उचित नहीं है और रेल प्रशासन यथाशीघ्र इसका निराकरण करें।टाटानगर रेलवे स्टेशन में एटीएम की सुविधा पुनः बहाल करने की मांग भी रखी गई। टाटा तमाड़ बुंडू होते हुए रांची तक रेलवे लाइन का निर्माण की अद्यतन स्थिति की भी जानकारी सांसद श्री महतो ने प्रस्तुत करने के लिए कहा।

    दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक एवं अन्य वरीय पदाधिकारियों के द्वारा सभी बिंदुओं पर समुचित एवं समयबद्ध कार्रवाई करने का आश्वासन दिया गया साथ ही यह भी कहा गया कि जो मामले उनके क्षेत्राधिकार से ऊपर का हैं त्वरित गति से रेलवे बोर्ड को प्रेषित कर निष्पादन करने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

  • चीन ने WTO में भारत के खिलाफ शिकायत की:कहा-भारी सब्सिडी देकर घरेलू कंपनियों को फायदा दे रही भारत सरकार

    चीन ने WTO में भारत के खिलाफ शिकायत की:कहा-भारी सब्सिडी देकर घरेलू कंपनियों को फायदा दे रही भारत सरकार

    सोशल संवाद/डेस्क : भारत में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV) को बढ़ावा देने के लिए दी जा रही सब्सिडी पर चीन ने नाराजगी जताई है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक चीन ने बुधवार को इस मामले में विश्व व्यापार संगठन (WTO) में भारत के खिलाफ शिकायत दर्ज करा दी है।

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    चीन का दावा है कि भारत की यह भारी भरकम सब्सिडी उसकी घरेलू कंपनियों को अनफेयर एडवांटेज दे रही हैं। इससे भारत में बिकने वाले चीनी इलेक्ट्रिक गाड़ियों और EV प्रोडक्ट्स पर असर हो रहा है।

    इससे चीन के हितों को नुकसान पहुंच रहा है। चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि वह अपने उद्योगों के अधिकारों की रक्षा के लिए कड़े कदम उठाएगा।

    EV सब्सिडी देने में भारत सबसे आगे

    इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया के बड़े देशों में इलेक्ट्रिक कारों पर सबसे ज्यादा सब्सिडी भारत में ही मिल रही है। उदाहरण के तौर पर भारत की सबसे ज्यादा बिकने वाली EV इलेक्ट्रिक टाटा नेक्सॉन पर खरीदारों और बनाने वाली कंपनी को मिलाकर करीब 46 फीसदी तक की सब्सिडी मिल रही है।

    भारत में EV को मिल रहे फायदे में कम जीएसटी, पेट्रोल-डीजल गाड़ियों के मुकाबले कम रोड टैक्स और कंपनियों को मिलने वाली PLI (प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव) योजना का सपोर्ट भी शामिल है।

    चार्जिंग स्टेशन बनाने पर 100% तक सब्सिडी

    भारत सरकार EV को बढ़ाने के लिए सिर्फ गाड़ियों पर ही नहीं, बल्कि चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी ज़ोर दे रही है। ‘PM ई-ड्राइव’ योजना के तहत, केंद्र सरकार पब्लिक फास्ट-चार्जिंग स्टेशन बनाने का 80 फीसदी तक खर्च खुद उठा रही है।

    कुछ मामलों में तो यह सब्सिडी 100% तक भी दी सकती है। इस स्कीम के तहत पैसा तीन किस्तों में दिया जाता है। टेंडर मिलने पर 30%, स्टेशन लगने पर 40%, और फिर कमर्शियल ऑपरेशन शुरू होने के बाद बाकी का पैसा मिलता है।

    ई-ट्रक, ई-एम्बुलेंस, ई-बस चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर (चार्जिंग स्टेशन) को 31 मार्च 2028 तक सब्सिडी मिलती रहेगी। हालांकि, सरकार इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर, ई-रिक्शा, थ्री-व्हीलर और ई-कार्ट पर मिलने वाली सब्सिडी मार्च 2026 के बाद बंद हो जाएगी।

    भारी सब्सिडी के बाद भी EV की रफ्तार धीमी

    बड़ी सब्सिडी देने के बावजूद, भारत में इलेक्ट्रिक गाड़ियों को लोग अभी भी कम अपना रहे हैं। कुल गाड़ियों के बाजार में EV की हिस्सेदारी सिर्फ 2% है। यह आंकड़ा बाकी देशों के मुकाबले सबसे कम है। यानी, सरकार पैसा तो खूब लगा रही है, लेकिन आम आदमी तक EV अभी भी पूरी तरह नहीं पहुंच पाई है।

  • जिस थार से अनंत सिंह निकले उसे धक्का लगाना पड़ा:35 KM के रोड शो में एक हजार गाड़ियां

    जिस थार से अनंत सिंह निकले उसे धक्का लगाना पड़ा:35 KM के रोड शो में एक हजार गाड़ियां

    सोशल संवाद/डेस्क : बाहुबली नेता अनंत सिंह ने आज यानी 14 अक्टूबर को मोकामा सीट से नामांकन कर दिया है। अनंत सिंह सफेद रंग की थार से नामांकन करने पहुंचे। नामांकन से पहले पूर्व विधायक ने लगभग 25 हजार समर्थकों को खाना खिलाया। समर्थकों के लिए सवा लाख गुलाब जामुन बनवाए गए थे।

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    अनंत सिंह जिस थार से नामांकन के लिए पहुंचे उसे धक्का लगाकर स्टार्ट करना पड़ा। गाड़ी को गेंदे के फूलों से सजाया गया।थोड़ी देर में वे 35 KM लंबा रोड शो करेंगे। इसमें करीब 1000 गाड़ियां होंगी।सुपौल से JDU उम्मीदवार बिजेन्द्र यादव और वैशाली के महानार से उपेश कुशवाहा ने नामांकन किया है। वहीं पिपरा से जदयू के रामविलास कामत ने भी पर्चा भर दिया है।

  • सुशांत सिंह राजपूत की बहन दिव्या गौतम उतरेंगी चुनावी मैदान में, दीघा सीट से आजमाएंगी किस्मत

    सुशांत सिंह राजपूत की बहन दिव्या गौतम उतरेंगी चुनावी मैदान में, दीघा सीट से आजमाएंगी किस्मत

    सोशल संवाद/डेस्क : बिहार विधानसभा चुनाव का माहौल गर्म है और सभी राजनीतिक दल अपने उम्मीदवारों के नामों की घोषणा में जुटे हुए हैं। इस बीच दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की बहन **दिव्या गौतम** भी राजनीति में कदम रखने जा रही हैं। दिव्या को **भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन (CPI-ML)** ने उम्मीदवार के रूप में चुना है। वे **दीघा विधानसभा सीट** से चुनाव लड़ेंगी और बुधवार को अपना नामांकन दाखिल करेंगी।

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    यह कदम न केवल राजनीतिक रूप से दिलचस्प है, बल्कि भावनात्मक रूप से भी चर्चा का विषय बन गया है। दिव्या ने अपने भाई सुशांत को याद करते हुए कहा कि वे उनके जीवन की सबसे बड़ी प्रेरणा हैं और उनके आदर्शों को आगे बढ़ाने की कोशिश करेंगी।

    दिव्या गौतम का परिचय

    दिव्या गौतम का संबंध बिहार की राजधानी **पटना** से है। उन्होंने **पटना विश्वविद्यालय** से मास कम्युनिकेशन में स्नातकोत्तर किया और लगभग ढाई वर्षों तक **पटना महिला कॉलेज** में सहायक प्रोफेसर के रूप में कार्य किया। कॉलेज के दिनों से ही वे राजनीति और सामाजिक कार्यों में सक्रिय रही हैं।

    छात्र राजनीति में दिव्या ने **अखिल भारतीय छात्र संघ (आइसा)** के तहत काम किया, जो **भाकपा (माले)** की छात्र शाखा है। साल 2012 में उन्होंने **पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव** में अध्यक्ष पद के लिए उम्मीदवार के रूप में हिस्सा लिया और दूसरे स्थान पर रहीं।

    बाद में उन्होंने **64वीं बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC)** परीक्षा उत्तीर्ण की और **बिहार सरकार में आपूर्ति निरीक्षक** के रूप में नियुक्त हुईं। हालांकि, सरकारी नौकरी के बावजूद उन्होंने सामाजिक कार्य को प्राथमिकता दी और नौकरी छोड़कर **शोध कार्य और सामाजिक सरोकारों** में अपना ध्यान केंद्रित किया।

    वर्तमान में दिव्या एक **पीएचडी स्कॉलर** हैं और उन्हें **जूनियर रिसर्च फेलो (JRF)** की योग्यता प्राप्त है।

    भाकपा (माले) की रणनीति और बिहार में भूमिका

    भाकपा (माले) लिबरेशन इस बार भी बिहार के **महागठबंधन** का हिस्सा है, जिसमें **राष्ट्रीय जनता दल (राजद)** और **कांग्रेस** जैसी प्रमुख पार्टियां शामिल हैं। भले ही सीट-बंटवारे को लेकर औपचारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन भाकपा (माले) ने अपने कुछ क्षेत्रों में उम्मीदवारों के नाम तय कर दिए हैं।

    दीघा विधानसभा सीट राजधानी पटना की एक अहम सीट मानी जाती है, जहां से दिव्या गौतम को टिकट देना पार्टी के लिए रणनीतिक कदम माना जा रहा है। पार्टी को उम्मीद है कि दिव्या जैसी शिक्षित और सामाजिक रूप से सक्रिय चेहरा मतदाताओं में भरोसा जगाएगा।

    वहीं दूसरी ओर, वामपंथी खेमे की अन्य पार्टी **माकपा (CPM)** ने भी अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। माकपा के विधायक **अजय कुमार** और **सत्येंद्र यादव** क्रमशः 14 और 18 अक्टूबर को नामांकन दाखिल करेंगे।

    सुशांत की याद में भावुक हुईं दिव्या

    दिव्या गौतम ने मीडिया से बातचीत में बताया कि उनका राजनीति में आने का फैसला समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारी की भावना से प्रेरित है। उन्होंने कहा,

      “भैया (सुशांत सिंह राजपूत) हमेशा कहते थे कि अगर आपमें बदलाव लाने की शक्ति है, तो उसका इस्तेमाल करना चाहिए। मैं उसी सोच के साथ आगे बढ़ना चाहती हूं।”

    दिव्या ने स्वीकार किया कि राजनीति का रास्ता आसान नहीं है, लेकिन वे अपने भाई की तरह सकारात्मक ऊर्जा और मेहनत से इसे पार करने को तैयार हैं। इस दौरान वे भावुक हो गईं और कहा कि सुशांत आज होते तो उन्हें देखकर गर्व महसूस करते।

    एनडीए की तैयारी और सीट बंटवारा

    दूसरी तरफ, **राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए)** ने भी सीटों का बंटवारा लगभग तय कर लिया है। भाजपा **243 विधानसभा सीटों में से 101 सीटों** पर चुनाव लड़ेगी, जबकि मुख्यमंत्री **नीतीश कुमार की जदयू** को आनुपातिक हिस्सेदारी के तहत अगला बड़ा हिस्सा दिया गया है।

    इसके अलावा **लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास)** को **29 सीटें**, **राष्ट्रीय लोक मोर्चा (उपेंद्र कुशवाहा)** और **हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (जीतन राम मांझी)** को **6-6 सीटें** दी गई हैं।

    एनडीए और महागठबंधन दोनों ही गठबंधन अब अंतिम चरण की तैयारियों में हैं और प्रचार अभियान को तेज कर चुके हैं।

    दिव्या की एंट्री से बिहार चुनाव में नया मोड़

    सुशांत सिंह राजपूत की बहन दिव्या गौतम का राजनीति में उतरना इस बार के बिहार चुनाव की सबसे चर्चित घटनाओं में से एक बन गया है। एक ओर जहां उनका पारिवारिक जुड़ाव लोगों में भावनात्मक प्रतिक्रिया पैदा कर रहा है, वहीं दूसरी ओर उनकी शिक्षा, शोध और सामाजिक कार्यों की पृष्ठभूमि उन्हें गंभीर उम्मीदवार के रूप में पेश करती है।

    अब देखना दिलचस्प होगा कि दिव्या का यह नया राजनीतिक सफर उन्हें कितनी सफलता दिला पाता है और क्या वे अपने भाई की तरह लोगों के दिलों में जगह बना पाएंगी।

  • PK ने क्यों बोला-मैं लड़ा तो राघोपुर अमेठी बनेगा

    PK ने क्यों बोला-मैं लड़ा तो राघोपुर अमेठी बनेगा

    सोशल संवाद/डेस्क : बिहार चुनाव को लेकर जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने आज राघोपुर से चुनावी प्रचार की शुरुआत की। राघोपुर जाने से पहले पटना में PK ने कहा, ‘केवल चर्चा चल रही है कि राघोपुर से प्रशांत किशोर, जनसुराज चुनाव लड़ने जा रही है तो तेजस्वी 2 सीट खोज रहे हैं। उनका भी हालत राहुल गांधी जैसा होगा, अमेठी छोड़कर वायनाड गए और अमेठी में ही हार गए।’

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    उन्होंने कहा, ‘आज मैं राघोपुर जा रहा हूं, ये एक विशेष क्षेत्र है जहां से मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री चुने जाते हैं। मैं उस क्षेत्र में जनसुराज के साथियों से मिलने जा रहा हूं और उनसे पूछूंगा कि अगर राघोपुर के लोगों को गरीबी और बदहाली से मुक्ति दिलानी है, तो किसे चुनाव लड़ना चाहिए।’

    इधर, राघोपुर में प्रशांत किशोर से लोगों ने अपनी समस्याएं बताईं। इस पर प्रशांत किशोर ने कहा कि हम तो सब करेंगे ही, लेकिन आप लोग फिर जाकर जाति के नाम पर वोट मत दे दीजिएगा। PK ने पूछा आपके विधायक नहीं आते हैं क्या। लोगों ने कहा- वो नहीं आते।

  • भागवत बोले-RSS जैसी संस्था केवल नागपुर में बन सकती थी, RSS का उद्देश्य अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी

    भागवत बोले-RSS जैसी संस्था केवल नागपुर में बन सकती थी, RSS का उद्देश्य अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी

    सोशल संवाद/डेस्क : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) चीफ मोहन भागवत ने कहा, ‘देश में कई लोग हिंदुत्व पर गर्व करते थे और हिंदू एकता की बात करते थे, लेकिन RSS जैसी संस्था केवल नागपुर में ही बन सकती थी। यहां पहले से ही त्याग और समाज सेवा की भावना थी।’

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    उन्होंने कहा- RSS ने हाल ही में दशहरे पर अपने 100 साल पूरे किए। इसकी स्थापना साल 1925 में नागपुर में डॉ. हेडगेवार ने की थी। संगठन का उद्देश्य समाज में अनुशासन, सेवा, सांस्कृतिक जागरूकता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना पैदा करना था।

    शुक्रवार को नागपुर में एक कार्यक्रम के दौरान भागवत ने कहा…

    छत्रपति शिवाजी महाराज ने स्वराज की स्थापना अपने लिए नहीं, बल्कि ईश्वर, धर्म और राष्ट्र के लिए की थी। उन्होंने लोगों को एक महान उद्देश्य के लिए जोड़ा। उनकी एकता की भावना ने समाज को ताकत दी। जब तक उनके आदर्श जीवित रहे, तब तक समाज में प्रगति और विकास होता रहा। उनके विचारों ने आगे चलकर 1857 के स्वतंत्रता संग्राम तक को प्रेरित किया।

    भागवत बोले- इतिहास से सीखें

    RSS चीफ ने कहा कि ब्रिटिश शासन ने योजनाबद्ध तरीके से उन प्रतीकों और परंपराओं को खत्म करने की कोशिश की, जो भारतीयों को एकजुट करती थीं। इसलिए इतिहास से सीखें और उन लोगों की निस्वार्थ भावना को याद रखें, जिन्होंने समाज और देश के हित के लिए काम किया100 साल का संघ, एपिसोड-1:मुस्लिमों का साथ देने पर गांधी से नाराज एक कांग्रेसी ने बनाया RSS, उनकी आखिरी चिट्ठी पढ़ सब हैरान क्यों रह गए

  • झारखंड कैबिनेट की 16 अक्टूबर को बैठक, जानें क्या हो सकता है

    झारखंड कैबिनेट की 16 अक्टूबर को बैठक, जानें क्या हो सकता है

    सोशल संवाद/डेस्क : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में राज्य कैबिनेट की बैठक 16 अक्टूबर को होगी। इस बैठक के लिए सभी विभागों और मंत्रियों को सूचित कर दिया गया है।

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    विभाग तैयारियों में जुट गए हैं। अभी तक शिक्षा विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग से प्रस्ताव मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचे हैं। माना जा रहा है कि एक दर्जन से अधिक प्रस्तावों को कैबिनेट से स्वीकृति मिल सकती है।

    कैबिनेट की बैठक में पेसा नियमावली को लेकर अभी भी संशय बना हुआ है। सूत्रों ने बताया कि अभी भी चार विभागों से नियमावली को लेकर एनओसी नहीं मिला है। एक-दो दिन में एनओसी मिल गया तो कैबिनेट में यह प्रस्ताव पारित हो जाएगा।

    कैबिनेट की बैठक में झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा नियमावली, 2025 को मंजूरी मिल सकती है। इस नियमावली से संबंधित प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री की स्वीकृति मिलने के बाद उस कैबिनेट की स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा।

  • बंगाल में तुष्टिकरण और हिंसा तृणमूल कांग्रेस का धंधा बन गया है — वीरेंद्र सचदेवा

    बंगाल में तुष्टिकरण और हिंसा तृणमूल कांग्रेस का धंधा बन गया है — वीरेंद्र सचदेवा

    सोशल संवाद/दिल्ली : दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा के नेतृत्व में आज दिल्ली भाजपा ने बांग भवन के सामने पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस पार्टी द्वारा भाजपा के आदिवासी सांसद खगेन मुर्मू एवं उनके आदिवासी सहयोगियों पर किए गये हमले के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और ममता सरकार के इस्तीफे की मांग की।

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    प्रदेश उपाध्यक्ष राजकुमार भाटिया द्वारा संचालित विरोध प्रदर्शन में प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा, भाजपा सांसद योगेंद्र चंदोलिया, प्रदेश महामंत्री विष्णु मित्तल, प्रदेश उपाध्यक्ष योगिता सिंह, एनडीएमसी के सदस्य दिनेश प्रताप सिंह, प्रदेश मंत्री विनोद बछेती, अनुसूचित जनजाति मोर्चा अध्यक्ष सी एल मीना, संतोष ओझा, अनीस अब्बासी, ऋचा पांडे मिश्रा, विक्रम मित्तल, कार्यालय मंत्री ब्रजेश राय और अमित गुप्ता आदि गणमान्य सहित सैकड़ो कार्यकर्ता उपस्थित थे।

    इस मौके पर दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि हर राज्य में विभिन्न राजनीतिक दल काम करते हैं लेकिन पिछले कुछ दिनों में जिस तरह का घटनाक्रम पश्चिम बंगाल में चल रहा है वह चिंता जनक है। तुष्टिकरण और हिंसा तृणमूल कांग्रेस का धंधा बन गया है। बाढ़ पीड़ित क्षेत्रों में राहत सामग्री और निरीक्षण कर रहे भाजपा सांसद जो आदिवासी समाज से आते हैं, पर जिस प्रकार से हमला किया गया है वह काफ़ी दर्दनाक है। ममता बनर्जी को यह रास नहीं आ रहा है कि भाजपा नेता लोगों की समस्याओं में साथ खड़े हैं।

    वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि टीएमसी के गुंडो ने एक जनप्रतिनिधि पर हमला कर उसे आईसीयू में भेज दिया है। बंगाल में खुलेआम गुंडागर्दी चल रही है। जनप्रतिनिधि पर हमला सीधा सीधा लोकतंत्र पर हमला है और ममता बनर्जी को इसका हिसाब देना पड़ेगा। अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकती। उन्होंने कहा कि बंगला जो अपनी संस्कृति समृद्धि के लिए मशहूर था जहाँ रवीन्द्र नाथ टैगोर, रामकृष्ण परमहंस, सुभाष चंद्र बॉस और का नाम लिया जा रहा था आज वहाँ गोली बम धमाके हो रहे हैं।

    दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि आज दिल्ली का यह प्रदर्शन इस बात का सबूत है कि दिल्ली की जनता बंगाल के उस जनता के साथ खड़ी है जो बंगाल की ममता सरकार से परेशान है। उन्होंने कहा कि अब बंगाल की जानता ममता बनर्जी से मुक्ति चाहती है और इस बार के चुनाव में वह परिवर्तन साफ़ होने वाला है।

    योगेंद्र चंदोलिया ने कहा कि ममता बनर्जी की सरकार ने चुन चुन कर भाजपा नेताओं को प्रताड़ित किया जा रहा है। बंगाल की जनता भी अब ममता सरकार से परेशान हो गई है। 2011 से लेकर अब तक ममता सरकार ने बंगाल में सिर्फ एक विशेष वर्ग की राजनीति के लिए पूरे बंगाल को बर्बाद करने का काम किया है।