सोशल संवाद / डेस्क : टाटा स्टील के जमशेदपुर प्लांट में 1 नवंबर से लागू किए गए नए रोड सेफ्टी नियमों को लेकर कर्मचारियों के बीच असंतोष बढ़ता दिखाई दे रहा है। नए नियमों के तहत तय समय से पहले दोपहिया वाहन लेकर प्लांट से बाहर निकलने वाले कर्मचारियों की गाड़ियों के नंबर सुरक्षा विभाग की डायरी में दर्ज किए जा रहे हैं। कर्मचारियों को आशंका है कि इस आधार पर भविष्य में अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है।
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जनरल शिफ्ट के समय में हुआ बदलाव
कंपनी प्रबंधन ने 1 नवंबर से जनरल शिफ्ट का समय बदल दिया है। पहले कर्मचारियों की जनरल शिफ्ट सुबह 8 बजे शुरू होती थी, लेकिन अब इसे सुबह 7:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक निर्धारित किया गया है। इसके साथ ही प्लांट परिसर में दोपहिया और भारी वाहनों की आवाजाही के लिए भी नई समय-सारणी लागू की गई है। हालांकि, कर्मचारियों का कहना है कि नए नियमों की जानकारी सभी तक समय पर नहीं पहुंच पाई।
लंच ब्रेक में बाहर निकले कर्मचारियों के वाहन नंबर दर्ज
जानकारी के अनुसार, 31 अक्टूबर और 1 नवंबर को अवकाश होने के कारण कई कर्मचारियों को नए नियमों की जानकारी नहीं मिल सकी थी। इसके बाद सोमवार को जब कुछ कर्मचारी दोपहर 12:30 बजे लंच ब्रेक के लिए दोपहिया वाहनों से बाहर निकले, तो सुरक्षाकर्मियों ने इसे निर्धारित सेफ्टी टाइम का उल्लंघन माना।
इस दौरान कर्मचारियों की गाड़ियों के नंबर डायरी में दर्ज कर लिए गए। अचानक हुई इस कार्रवाई से कर्मचारियों में नाराजगी देखने को मिली। कर्मचारियों ने इस मामले को लेकर टाटा वर्कर्स यूनियन के नेतृत्व से शिकायत भी की है।
कैंटीन की टाइमिंग नहीं बदली, कर्मचारियों ने उठाए सवाल
कर्मचारियों की मुख्य शिकायत कैंटीन की समय-सारणी को लेकर है। उनका कहना है कि जब जनरल शिफ्ट और लंच ब्रेक का समय बदलकर दोपहर 1 बजे कर दिया गया है, तो कैंटीन की टाइमिंग में भी बदलाव होना चाहिए। फिलहाल कैंटीन दोपहर 12:30 बजे ही खुल रही है, जबकि नए शेड्यूल के अनुसार कर्मचारियों का लंच ब्रेक दोपहर 1 बजे निर्धारित है। ऐसे में कर्मचारी कैंटीन और नए रोड सेफ्टी नियमों के बीच तालमेल की मांग कर रहे हैं।
मुख्य गेट पर वाहनों की लगी भीड़
जनरल शिफ्ट का समय एक समान होने के कारण सोमवार सुबह टाटा स्टील प्लांट के मुख्य प्रवेश द्वारों पर वाहनों की भीड़ देखने को मिली। स्थिति को नियंत्रित करने और वाहनों की आवाजाही सुगम बनाने के लिए सुरक्षा विभाग ने इलेक्ट्रिक बूम बैरियर को ऊपर उठा दिया। इससे मुख्य गेटों पर जमा वाहनों को निकलने में मदद मिली।
दोपहिया वाहनों के लिए नई सेफ्टी टाइमिंग
प्लांट परिसर में दोपहिया वाहनों की आवाजाही के लिए निम्न समय निर्धारित किया गया है:
| समय | निर्धारित अवधि |
|---|---|
| सुबह | 5:30 से 6:30 बजे |
| सुबह | 7:45 से 9:00 बजे |
| दोपहर | 1:00 से 2:30 बजे |
| शाम | 5:30 से 6:45 बजे |
| रात | 9:30 से 10:30 बजे |
भारी वाहनों के परिचालन की नई समय-सारणी
भारी वाहनों की आवाजाही के लिए भी अलग-अलग समय तय किए गए हैं:
| समय | निर्धारित अवधि |
|---|---|
| सुबह | 6:30 से 7:45 बजे |
| सुबह से दोपहर | 9:00 बजे से 1:00 बजे तक |
| दोपहर से शाम | 2:30 से 5:30 बजे तक |
| शाम से रात | 6:45 से 9:30 बजे तक |
| रात से सुबह | 10:30 बजे से सुबह 5:30 बजे तक |
यूनियन से शिकायत, प्रबंधन के फैसले पर नजर
नए रोड सेफ्टी नियमों का उद्देश्य प्लांट परिसर में वाहनों की आवाजाही को व्यवस्थित करना और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना है। हालांकि, कर्मचारियों का कहना है कि शिफ्ट, कैंटीन और वाहनों की आवाजाही की टाइमिंग में बेहतर तालमेल जरूरी है।
फिलहाल कर्मचारियों ने अपनी शिकायत टाटा वर्कर्स यूनियन तक पहुंचा दी है। अब देखना होगा कि कर्मचारियों की मांगों पर यूनियन और कंपनी प्रबंधन क्या कदम उठाते हैं।











