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कांग्रेस की छात्र इकाई एनएसयूआई ने देशभर में आंतरिक चुनाव कराने की घोषणा की

By Riya Kumari

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कांग्रेस की छात्र इकाई एनएसयूआई ने देशभर में आंतरिक चुनाव कराने की घोषणा की

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सोशल संवाद / नई दिल्ली : कांग्रेस की छात्र इकाई एनएसयूआई ने देशभर में संगठनात्मक ढांचे को लोकतांत्रिक आधार पर मजबूत करने के लिए आंतरिक चुनाव कराने की घोषणा की है। एनएसयूआई में आंतरिक चुनाव कराने के लिए कांग्रेस नेतृत्व ने केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण का गठन किया है, जिसकी देखरेख में पूरे देश में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित होंगे।

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कांग्रेस कार्यालय में पत्रकार वार्ता करते हुए एनएसयूआई प्रभारी कन्हैया कुमार और राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने बताया कि अब कॉलेज, विश्वविद्यालय से लेकर जिला और राज्य इकाइयों के अध्यक्षों एवं समितियों का चयन आंतरिक चुनाव के दो चरणों में होगा। पहले चरण में कॉलेज और विश्वविद्यालय स्तर पर अध्यक्षों और समितियों का चुनाव कराया जाएगा, जबकि दूसरे चरण में जिला और राज्य इकाइयों के अध्यक्षों तथा समितियों का गठन होगा। इस दौरान केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण के सदस्य किरण मुगबासाव, के.के. शास्त्री और निशांत मंडल भी मौजूद थे।

सदस्यता और चुनाव लड़ने के लिए भारतीय नागरिक व भारत के संविधान में आस्था रखने वाला 16 से 27 वर्ष के बीच आयु का छात्र होना चाहिए। सदस्यता लेने के लिए छात्र के पास कॉलेज आईडी और आधार कार्ड होना अनिवार्य है। तीन साल के लिए 45 रुपये सदस्यता शुल्क तय किया गया है। यह प्रक्रिया ऑनलाइन और ऐप आधारित होगी, ताकि पारदर्शिता बनी रहे। जिला व प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव लड़ने वाला व्यक्ति पहले कॉलेज या विश्वविद्यालय स्तर पर अध्यक्ष होना चाहिए।

एनएसयूआई प्रभारी कन्हैया कुमार और राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने भाजपा-आरएसएस को घेरते हुए आरोप लगाया कि देश की शिक्षा व्यवस्था बदहाल है, शैक्षणिक संस्थाएं बर्बाद की जा रही हैं। पूरे देश में साजिश के तहत छात्रसंघ चुनाव बंद किए गए हैं, जिससे कॉलेज और विश्वविद्यालय परिसरों में भाजपा-आरएसएस के लोग अपनी तानाशाही कायम रख सकें। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति को लगातार दिए जा रहे एक्सटेंशन पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि अगर कोई छात्र अपनी आवाज उठाता है, तो उसे मुकदमों की धमकी दी जाती है, जबकि विशेष विचारधारा के लोगों को शिक्षण संस्थानों में उच्च पदों पर लाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसी वजह से एनएसयूआई अब अपने संगठनात्मक चुनाव शुरू कर रही है। एनएसयूआई लोकतांत्रिक तरीके से हर कॉलेज और विश्वविद्यालय में अपनी इकाइयां बनाएगी और छात्रों को आवाज उठाने का अवसर देगी।

वहीं केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण के सदस्य किरण मुगबासाव, के.के. शास्त्री और निशांत मंडल ने चुनाव की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि सबसे पहले एनएसयूआई द्वारा चुने गए राज्यों में सदस्यता अभियान होगा। केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण संबंधित राज्य का दौरा कर चुनाव प्रक्रिया की आधिकारिक घोषणा करेगा। चुनाव के पहले चरण में कॉलेज और विश्वविद्यालय स्तर पर अध्यक्षों के चुनाव होंगे तथा समितियां गठित की जाएंगी। यह चुने हुए प्रतिनिधि दूसरे चरण में जिला और राज्य अध्यक्ष व समितियों का चुनाव करेंगे।

चुनाव प्राधिकरण के सदस्य किरण मुगबासाव, के.के. शास्त्री और निशांत मंडल ने कहा कि चुनाव पारदर्शी और सामाजिक न्याय के विचार को ध्यान में रखकर होंगे। उन्होंने बताया कि रोटेशनल आधार पर आरक्षण लागू किया जाएगा। महिलाओं के लिए विशेष ध्यान रखा जाएगा और सामाजिक न्याय को देखते हुए इसकी घोषणा राज्य के हिसाब से की जाएगी। आने वाले दिनों में संगठन चुनाव को लेकर विस्तृत कार्यक्रम जारी किया जाएगा और राज्य चुनावों की घोषणा के समय एक खास मोबाइल ऐप लॉन्च किया जाएगा।

एनएसयूआई प्रभारी कन्हैया कुमार ने छात्रों की समस्याओं को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला भी बोला। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान की शिक्षा व्यवस्था को मोदी सरकार ने आईसीयू में पहुंचा दिया है। इस बदहाली को सुधारने के लिए लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी देश भर के छात्रों से मिलकर उनकी समस्याएं सुन रहे हैं। इसी उद्देश्य के साथ राहुल गांधी ने पिछले दिनों कोटा में ‘छात्रों की गूंज’ महारैली में हिस्सा लिया था। उन्होंने बताया कि एनएसयूआई छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों के सुझावों को एकत्रित कर रही है, जिसके आधार पर देश की शिक्षा व्यवस्था में परिवर्तन लाने के लिए एक एजुकेशन चार्टर बनाया जाएगा।

कन्हैया कुमार ने परीक्षाओं में हो रही अनियमितताओं को लेकर पार्टी की मांग दोहराई कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तुरंत अपने पद से इस्तीफा दें और पेपर लीक माफिया से उनके संबंधों की उच्च स्तरीय जांच की जाए। देश की शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह बदला जाए। उन्होंने बताया कि यूपीए सरकार ने इसके लिए बकायदा एक कमेटी बनाई थी, लेकिन एनडीए सरकार ने मनमाने तरीके से एनटीए को खड़ा कर दिया, जिससे अव्यवस्था फैली। उन्होंने आगे कहा कि देश के युवाओं के लिए नियमित जॉब कैलेंडर जारी किया जाए और परीक्षा भर्ती प्रक्रियाओं को समयबद्ध करने के लिए एकेडमिक कैलेंडर निकाला जाए।

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