सोशल संवाद / चाईबासा : पश्चिम सिंहभूम जिले के विभिन्न प्रखंडों में संचालित लगभग 24 निशुल्क सामुदायिक ग्रामीण एवं मोहल्ला पुस्तकालयों के प्रतिनिधियों ने जिला उपायुक्त से शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान जिले में पुस्तकालय संचालन, बच्चों की शिक्षा और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई।
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उपायुक्त ने की पुस्तकालय पहल की सराहना
बैठक के दौरान उपायुक्त ने ग्रामीण और मोहल्ला पुस्तकालयों की इस पहल को समाज के लिए प्रेरणादायक बताया। उन्होंने कहा कि पुस्तकालय केवल पढ़ाई का माध्यम नहीं, बल्कि बेहतर समाज निर्माण की मजबूत नींव होते हैं।
उपायुक्त ने पुस्तकालय संचालन समितियों को बेहतर व्यवस्था और संचालन के लिए हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन भी दिया।
पुस्तकालय परिसर में वृक्षारोपण पर जोर
उपायुक्त ने प्रतिनिधियों से अपील की कि सभी पुस्तकालय परिसरों में वृक्षारोपण अभियान चलाया जाए। इसके साथ ही बच्चों के लिए नियमित करियर काउंसलिंग कार्यक्रम आयोजित करने और समय-समय पर बुक फेयर लगाने की भी सलाह दी।
उन्होंने स्थानीय और क्षेत्रीय भाषाओं में पाठ्य सामग्री उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान देने की बात कही, ताकि बच्चों को अपनी मातृभाषा में भी अध्ययन का अवसर मिल सके।

बच्चों के जन्मोत्सव मनाने की अनोखी पहल
उपायुक्त ने सुझाव दिया कि प्रत्येक माह की 20 तारीख को पुस्तकालयों में पढ़ने वाले बच्चों का सामूहिक जन्मोत्सव मनाया जाए। इससे बच्चों में आत्मीयता और पुस्तकालय के प्रति जुड़ाव बढ़ेगा।
रक्तदान शिविर में भागीदारी की अपील
बैठक में सामाजिक जिम्मेदारियों पर भी चर्चा हुई। उपायुक्त ने पुस्तकालय संचालन समितियों और युवाओं से जिले में आयोजित रक्तदान शिविरों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की।
शिक्षा और समाज सुधार की दिशा में अहम पहल
ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित ये निशुल्क पुस्तकालय बच्चों और युवाओं को शिक्षा से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं। स्थानीय स्तर पर संचालित इस पहल से छात्रों को पढ़ाई, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और सकारात्मक माहौल मिल रहा है।
प्रतिनिधियों ने भी पुस्तकालयों को और बेहतर बनाने तथा समाज में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया।











