सोशल संवाद / रांची : डिजिटल अर्थव्यवस्था की दिशा में झारखंड एक जुलाई को बड़ा कदम बढ़ाने जा रहा है. दिल्ली में आयोजित होनेवाले निवेशक रोड शो में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन राज्य की पहली आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) पॉलिसी का ड्राफ्ट जारी करेंगे. साथ ही निवेशकों से इस पर राय लेंगे और इसे अंतिम रूप देंगे.
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इसके साथ ही झारखंड उन राज्यों की कतार में शामिल हो जायेगा, जिन्होंने शासन, उद्योग, शिक्षा और निवेश के क्षेत्र में एआइ को बढ़ावा देने के लिए अलग नीति तैयार की है. राज्य सरकार ने हाल – में एआइ पॉलिसी का प्रारूप तैयार करने के लिए विशेषज्ञों की टास्क फोर्स गठित की थी. सरकार का उद्देश्य झारखंड को उभरती डिजिटल अर्थव्यवस्था, एआइ आधारित उद्योगों और डाटा सेंटर निवेश का नया केंद्र बनाना है.
दिल्ली रोड शो पर रहेगी नजर :
दिल्ली रोड शो में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन राज्य को पूर्वी भारत के उभरते तकनीकी और डिजिटल निवेश गंतव्य के रूप में प्रस्तुत करेंगे.
देश के इन राज्यों में लागू है एआइ पॉलिसी :
महाराष्ट्र, तेलंगाना, तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल व आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में एआइ से जुड़ीं नीतियां लागू हैं या उन्नत चरण में हैं.
पॉलिसी की प्रमुख बातें प्रस्तावित एआइ पॉलिसी में एआइ
आधारित स्टार्टअप को प्रोत्साहन, डाटा सेंटर और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा, सरकारी सेवाओं में एआइ का उपयोग, कौशल विकास, अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने पर विशेष जोर रहेगा. सरकार स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा, खनन, राजस्व, आपदा प्रबंधन और ग्रामीण विकास में एआइ के उपयोग का रोडमैप तैयार कर रही है. राज्य में पहले से एआइ आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम और डिजिटल गवर्नेस से जुड़े प्रयोग शुरू हो चुके हैं.
राज्य को क्या फायदा :
एआइ पॉलिसी लागू होने से सरकारी योजनाओं की निगरानी अधिक प्रभावी होगी. कृषि में फसल पूर्वानुमान, स्वास्थ्य क्षेत्र में रोग पहचान, शिक्षा में स्मार्ट लर्निंग, खनन निगरानी और राजस्व प्रशासन में पारदर्शिता बढ़ेगी. विशेषज्ञों का कहना है कि एआइ आधारित उद्योग आने से उच्च कौशल वाले रोजगार पैदा होंगे. साथ ही इंजीनियरिंग, डाटा एनालिटिक्स, साइबर सिक्योरिटी और क्लाउड कंप्यूटिंग जैसे क्षेत्रों में युवाओं के लिए अवसर बढ़ेंगे. भारत सरकार भी इंडिया एआइ मिशन के माध्यम से देश में एआइ इकोसिस्टम को बढ़ावा दे रही है.










