सोशल संवाद / डेस्क : पश्चिम एशिया में तनाव कम होने और होर्मुज जलडमरूमध्यसेएलएनजी (तरलीकृत प्राकृतिक गैस) की आपूर्ति सामान्य होने के बाद केंद्र सरकार ने प्राकृतिक गैस आपूर्ति पर लगाए गए अधिकांश आपातकालीन प्रतिबंध वापस ले लिए हैं।
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पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने अधिसूचना जारी कर प्राकृतिक गैस (आपूर्ति विनियमन) आदेश में संशोधन करते हुए उन प्रमुख प्रावधानों को हटा दिया, जिनके तहत घरेलू और आयातित गैस की आपूर्ति सरकार तय प्राथमिकता सूची से कर रही थी। सरकार ने यह आपात व्यवस्था नौ मार्च को पश्चिम एशिया में संघर्ष के आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत लागू की थी।
पश्चिम एशिया संकट के दौरान सरकार ने तीन बड़े कदम उठाए थे। इनमें प्राकृतिक गैस आपूर्ति का नियंत्रण, रिफाइनरियों को पेट्रोरसायन के फीडस्टॉक की जगह एलपीजी उत्पादन बढ़ानेका निर्देश और थोक उपभोक्ताओं को डीजल की बिक्री सीमित करना शामिल था। एलपीजी उत्पादन और डीजल बिक्री से जुड़े दोनों प्रतिबंध पहले ही वापस लिए जा चुके हैं, जबकि अब गैस आपूर्ति से जुड़े प्रावधान भी समाप्त कर दिए गए हैं।










