---Advertisement---

युवा पीढ़ी में तेजी से बढ़ रहा हाई ब्लड प्रेशर का खतरा, तनाव और खराब लाइफस्टाइल बन रहे बड़ी वजह

By Riya Kumari

Published :

Follow
युवा पीढ़ी में तेजी से बढ़ रहा हाई ब्लड प्रेशर का खतरा, तनाव और खराब लाइफस्टाइल बन रहे बड़ी वजह

Join WhatsApp

Join Now

सोशल संवाद / डेस्क : आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, लगातार बढ़ता मानसिक तनाव और अनियमित दिनचर्या युवाओं की सेहत पर गंभीर असर डाल रही है। पहले जहां उच्च रक्तचाप (High Blood Pressure) को बढ़ती उम्र की बीमारी माना जाता था, वहीं अब 25 से 40 वर्ष की आयु के लोग भी तेजी से इसकी चपेट में आ रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि खराब लाइफस्टाइल, तनाव, नींद की कमी और असंतुलित खानपान इसके प्रमुख कारण बनते जा रहे हैं।

यह भी पढे : रात में पैरों में झनझनाहट और बेचैनी क्यों होती है? जानें Restless Legs Syndrome के लक्षण और कारण

तनाव और आधुनिक जीवनशैली बढ़ा रहे खतरा

विशेषज्ञों के अनुसार लगातार मानसिक दबाव, ऑफिस का वर्कलोड, मोबाइल और स्क्रीन टाइम में वृद्धि, फास्ट फूड का अधिक सेवन तथा शारीरिक गतिविधियों की कमी युवाओं में ब्लड प्रेशर बढ़ाने का मुख्य कारण है। लंबे समय तक तनाव में रहने से शरीर में हार्मोनल बदलाव होते हैं, जो रक्तचाप को प्रभावित करते हैं। इसके अलावा देर रात तक जागना और पर्याप्त नींद नहीं लेना भी हृदय स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर डालता है।

युवाओं में दिख रहे ये सामान्य लक्षण

डॉक्टरों के मुताबिक हाई ब्लड प्रेशर को अक्सर “साइलेंट किलर” कहा जाता है, क्योंकि शुरुआती दौर में इसके लक्षण स्पष्ट नहीं दिखते। हालांकि लगातार सिरदर्द, थकान, चक्कर आना, बेचैनी, सीने में भारीपन और धड़कन तेज होना इसके संकेत हो सकते हैं। समय रहते जांच और इलाज नहीं होने पर यह हृदय रोग, स्ट्रोक और किडनी संबंधी समस्याओं का कारण बन सकता है।

खानपान और आदतों में बदलाव बेहद जरूरी

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि संतुलित आहार और नियमित व्यायाम से हाई ब्लड प्रेशर के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। भोजन में नमक और तैलीय चीजों का सेवन कम करना, ताजे फल-सब्जियां शामिल करना और रोजाना कम से कम 30 मिनट एक्सरसाइज करना फायदेमंद माना जाता है। साथ ही धूम्रपान और शराब से दूरी बनाना भी जरूरी है।

नियमित जांच से मिल सकती है राहत

विशेषज्ञों का मानना है कि 25 वर्ष की उम्र के बाद प्रत्येक व्यक्ति को समय-समय पर ब्लड प्रेशर की जांच जरूर करानी चाहिए। यदि परिवार में पहले से हाई ब्लड प्रेशर या हृदय रोग का इतिहास रहा हो, तो अतिरिक्त सावधानी बरतना जरूरी हो जाता है। डॉक्टरों के अनुसार समय पर पहचान और सही जीवनशैली अपनाकर इस समस्या को नियंत्रित किया जा सकता है।

योग और मेडिटेशन भी हैं असरदार

तनाव कम करने के लिए योग, मेडिटेशन और गहरी सांस लेने जैसी गतिविधियां बेहद लाभकारी मानी जाती हैं। मानसिक शांति और नियमित दिनचर्या न केवल रक्तचाप नियंत्रित रखने में मदद करती है, बल्कि संपूर्ण स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाती है।

YouTube Join Now
Facebook Join Now
Social Samvad MagazineJoin Now
---Advertisement---

Exit mobile version