सोशल संवाद/डेस्क : झारखंड के जामताड़ा सदर अस्पताल में एक ही रात तीन मरीजों की मौत के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मृतकों के परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। वहीं, अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों ने लापरवाही के आरोपों से इनकार किया है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

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परिजनों ने इलाज में लापरवाही का लगाया आरोप
परिजनों का आरोप है कि मरीजों की हालत गंभीर होने के बावजूद समय पर उचित इलाज नहीं मिला, जिससे उनकी मौत हो गई। घटना के बाद अस्पताल में काफी देर तक हंगामा होता रहा और परिजनों ने दोषी डॉक्टरों व स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
डॉक्टरों ने आरोपों को किया खारिज
अस्पताल के चिकित्सकों का कहना है कि सभी मरीजों का उपलब्ध संसाधनों के अनुसार इलाज किया गया और उनकी जान बचाने की पूरी कोशिश की गई। डॉक्टरों ने चिकित्सा लापरवाही के आरोपों को निराधार बताया है।
जांच के बाद होगी कार्रवाई
घटना की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल
एक ही रात में तीन मरीजों की मौत की घटना ने जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की उपलब्धता, संसाधनों और आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था को और मजबूत करने की आवश्यकता है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मौतों के वास्तविक कारण और जिम्मेदारी स्पष्ट हो सकेगी।










