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‘आज मेरा बेटा जीत गया…’ धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद भावुक हुईं अभिजीत दीपके की मां, छलक पड़े आंसू

By Riya Kumari

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‘आज मेरा बेटा जीत गया…’ धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद भावुक हुईं अभिजीत दीपके की मां, छलक पड़े आंसू
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सोशल संवाद/डेस्क : केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद छात्र आंदोलन से जुड़े प्रमुख चेहरों में शामिल अभिजीत दीपके के परिवार की भावुक प्रतिक्रिया सामने आई है। इस्तीफे की खबर मिलते ही उनकी मां की आंखें नम हो गईं। भावुक होते हुए उन्होंने कहा, “आज मेरा बेटा जीत गया।” उनका कहना था कि लंबे समय से चल रहे संघर्ष के बाद छात्रों की आवाज सुनी गई है और यह पूरे आंदोलन से जुड़े युवाओं की जीत है।

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‘हर दिन बेटे की चिंता सताती थी’

अभिजीत दीपके की मां ने कहा कि आंदोलन के दौरान उनका पूरा परिवार मानसिक तनाव से गुजर रहा था। उन्होंने बताया कि कई बार बेटे की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती थी। आंदोलन के दौरान उस पर हुए कथित हमलों और कठिन परिस्थितियों ने परिवार को भीतर तक झकझोर दिया था।

उन्होंने कहा कि कई रातें ऐसी थीं जब पूरा परिवार सो नहीं पाया। बेटे के संघर्ष को देखकर चिंता भी होती थी और गर्व भी। उन्होंने कहा कि आज का दिन उनके परिवार के लिए बेहद भावुक और यादगार है।

पिता बोले- छात्रों की आवाज को मिला सम्मान

अभिजीत दीपके के पिता ने भी इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि छात्रों की मांगों को गंभीरता से लिया जाना लोकतंत्र के लिए अच्छा संकेत है। उन्होंने कहा कि युवाओं ने अपने अधिकारों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को शांतिपूर्ण तरीके से उठाया और अंततः उनकी आवाज सरकार तक पहुंची।

उन्होंने उम्मीद जताई कि अब सरकार शिक्षा व्यवस्था में सुधार और छात्रों की समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाएगी।

संघर्ष के दिनों को किया याद

परिवार ने बताया कि आंदोलन के दौरान अभिजीत दीपके लगातार छात्रों के मुद्दों को उठाते रहे। इस दौरान उन्हें शारीरिक और मानसिक चुनौतियों का भी सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने पीछे हटने के बजाय छात्रों के हित में अपनी आवाज बुलंद रखी।

परिजनों के अनुसार, यह संघर्ष केवल एक व्यक्ति का नहीं बल्कि देशभर के उन छात्रों का था जो शिक्षा व्यवस्था में सुधार और पारदर्शिता की मांग कर रहे थे।

सोशल मीडिया पर वायरल हुई प्रतिक्रिया

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अभिजीत दीपके की मां का “आज मेरा बेटा जीत गया” वाला बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। कई लोग इसे छात्र आंदोलन के भावनात्मक पहलू से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि राजनीतिक दल भी इस घटनाक्रम पर लगातार अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।

राजनीतिक बहस भी तेज

शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद देशभर में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। विपक्ष इसे छात्रों के संघर्ष की जीत बता रहा है, जबकि सत्ता पक्ष की ओर से भी इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में शिक्षा व्यवस्था, छात्रों के मुद्दों और सुधारों को लेकर राजनीतिक चर्चा और तेज हो सकती है।

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