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आसनबनी में पारंपरिक जाताल पूजा संपन्न, अच्छी बारिश और समृद्ध फसल की मांगी गई कामना

By Riya Kumari

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आसनबनी में पारंपरिक जाताल पूजा संपन्न, अच्छी बारिश और समृद्ध फसल की मांगी गई कामना
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सोशल संवाद / चांडिल (सरायकेला-खरसावां): सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल प्रखंड स्थित आसनबनी गांव में सोमवार को आदिवासी संस्कृति और परंपराओं का प्रतीक जाताल पूजा श्रद्धा एवं उत्साह के साथ संपन्न हुई। इस पारंपरिक अनुष्ठान में ग्रामीणों ने प्रकृति, ग्राम देवता और पूर्वजों का स्मरण करते हुए क्षेत्र की सुख-समृद्धि, अच्छी वर्षा और बेहतर फसल उत्पादन की प्रार्थना की।

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गांव के धार्मिक स्थल पर आयोजित इस पूजा में बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं श्रद्धालु शामिल हुए। पारंपरिक पुजारियों उच्छप पहाड़िया और भूषण पहाड़िया ने विधिवत पूजा-अर्चना कर समाज की खुशहाली, किसानों की उन्नति और परिवारों की सुख-शांति की कामना की। पूजा के दौरान ग्रामीणों ने भी श्रद्धापूर्वक माथा टेककर अपने परिवार और गांव के कल्याण की प्रार्थना की।

आदिवासी संस्कृति की महत्वपूर्ण पहचान है जाताल पूजा

जाताल पूजा आदिवासी-मूलवासी समाज की एक महत्वपूर्ण धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा मानी जाती है। यह पूजा प्रकृति संरक्षण, सामुदायिक एकता और कृषि आधारित जीवनशैली से गहराई से जुड़ी हुई है। हर वर्ष आयोजित होने वाला यह आयोजन ग्रामीणों को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का कार्य करता है।

क्षेत्र की खुशहाली और भाईचारे का संदेश

पूजा के दौरान समाज में आपसी भाईचारा, प्रेम और एकता बनाए रखने की भी प्रार्थना की गई। ग्रामीणों का मानना है कि इस पारंपरिक पूजा से गांव में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है तथा कृषि कार्यों में सफलता और समृद्धि प्राप्त होती है।

ग्रामीणों ने कहा कि ऐसी परंपराएं न केवल उनकी सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करती हैं, बल्कि नई पीढ़ी को भी अपनी जड़ों और विरासत से जोड़ने का कार्य करती हैं।

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