सोशल संवाद /डेस्क : सिक्किम के नामची जिले में निर्माणाधीन एनएचपीसी तीस्ता स्टेज-VI जलविद्युत परियोजना की सुरंग में हुए भीषण हादसे ने झारखंड के चार परिवारों की खुशियां छीन लीं। इस दर्दनाक दुर्घटना में खूंटी समेत झारखंड के चार मजदूरों की मौत हो गई। मृतकों के शव उनके पैतृक गांव लाए जा रहे हैं, जहां अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण जुट रहे हैं। पूरे इलाके में शोक और गम का माहौल है।
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बताया जा रहा है कि सुरंग के अंदर अचानक मिथेन गैस के विस्फोट के बाद सुरंग का एक हिस्सा ढह गया, जिससे अंदर काम कर रहे मजदूर फंस गए। जहरीली गैस और मलबे के कारण बचाव अभियान बेहद कठिन रहा। कई दिनों तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सभी मृतकों के शव बरामद किए गए।
मृतकों में खूंटी जिले के रानिया प्रखंड के एक युवा मजदूर भी शामिल हैं, जो महज कुछ सप्ताह पहले ही परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए सिक्किम काम करने गए थे। उनके घर लौटने का इंतजार कर रहे परिजनों को अब उनका शव मिलने की खबर ने तोड़कर रख दिया है। गांव में हर आंख नम है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
हादसे के बाद झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए सिक्किम सरकार से संपर्क किया और मृतकों के शवों को सम्मानपूर्वक उनके गांव पहुंचाने के निर्देश दिए। साथ ही मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की भी घोषणा की गई है। इस घटना ने एक बार फिर बड़े निर्माण कार्यों में मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं









