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खरसावां में पेसा नियमावली-2025 पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित, ग्राम सभा तक अधिकार पहुंचाने का लिया संकल्प

By Riya Kumari

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खरसावां में पेसा नियमावली-2025 पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित, ग्राम सभा तक अधिकार पहुंचाने का लिया संकल्प

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सोशल संवाद / डेस्क : सरायकेला-खरसावां जिले के खरसावां स्थित आदिवासी संस्कृति कला केंद्र में पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) नियमावली-2025 यानी पेसा नियमावली के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रखंड के विभिन्न मुंडाओं, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों एवं स्वशासन व्यवस्था से जुड़े लोगों ने भाग लिया।

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प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने पेसा नियमावली को गांव-गांव और ग्राम सभा स्तर तक पहुंचाने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि पेसा कानून आदिवासी समाज के अधिकारों की रक्षा और ग्राम सभा को मजबूत बनाने का महत्वपूर्ण माध्यम है।

13 पंचायतों को क्लस्टर में बांटने की योजना

कार्यक्रम में जानकारी दी गई कि पेसा नियमावली-2025 के बेहतर संचालन और जागरूकता के लिए खरसावां प्रखंड की 13 पंचायतों को अलग-अलग क्लस्टर में विभाजित किया गया है। प्रत्येक क्लस्टर में नोडल मुंडा समन्वयक की भूमिका निभाएंगे। साथ ही जल्द ही क्लस्टर स्तर पर विशेष कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी, ताकि ग्रामीणों को नियमावली की पूरी जानकारी मिल सके।

ग्राम सभा के अधिकारों पर दी गई विस्तृत जानकारी

मास्टर ट्रेनर मनोज कुमार सोय ने प्रशिक्षण के दौरान ग्राम सभा की शक्तियों और अधिकारों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने भूमि अधिग्रहण एवं भूमि वापसी, लघु वनोपज, बाजार प्रबंधन, गौण खनिजों पर ग्राम सभा के अधिकार, सीएनटी एक्ट, विलकिंसन नियम और एसपीटी एक्ट जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रतिभागियों को जागरूक किया।

सामाजिक संगठनों की रही सक्रिय भागीदारी

इस अभियान में अपना अधिकार संगठन, आदिवासी हो समाज महासभा और मुंडा-मानकी स्वशासन व्यवस्था से जुड़े कई प्रतिनिधियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। उपस्थित सदस्यों ने एक स्वर में कहा कि झारखंड सरकार के साथ समन्वय स्थापित कर पेसा नियमावली को केवल कागजों तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि ग्राम सभा की वास्तविक शक्ति के रूप में लागू किया जाएगा।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से तुराम बोयपाइ, रामलाल हेंब्रम, मंगल उरांव, रवि बंकीरा, दिलीप बांडरा, हीरा सरदार, गोमिया बोदरा, गोविंद बोदरा, सुखराम सोए, लाल सिंह हेंब्रम, नंदलाल बांदिया, राजेंद्र जामुदा, छोटेलाल हेंब्रम, विष्णु लियांगी, मानकी जामुदा एवं वीर सिंह सिजुई सहित कई लोग उपस्थित रहे।

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