सोशल संवाद /जमशेदपुर : राज्य में 15 लाख गैस उपभोक्ताओं ने अपना ई-केवाईसी (नो योर कस्टमर) नहीं कराया है। इन सभी को 23 अगस्त तक का समय दिया गया है। ई-केवाईसी नहीं कराने वालों को बाजार दर पर गैस खरीदनी पड़ सकती है।
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राज्य में कुल करीब 66 लाख घरेलू गैस उपभोक्ता हैं, जिसमें से इंडेन के 36.5 लाख हैं। इनमें से 11.40 लाख उपभोक्ताओं ने ई-केवाईसी नहीं कराया है। वहीं, भारत गैस के कुल 12 लाख उपभोक्ता हैं, जिसमें से 1.77 लाख का ई-केवाईसी नहीं है। वहीं, एचपीसीएल (हिन्दुस्तान गैस) के 16 लाख उपभोक्ता हैं, जिसमें से करीब एक लाख 90 हजार उपभोक्ताओं ने ई-केवाईसी नहीं कराया है। इस तरह राज्य में करीब 15 लाख उपभोक्ताओं ने ई-केवाईसी नहीं कराया है। इन सभी को केवाईसी कराने के लिए 16 अगस्त तक का समय दिया गया था, लेकिन कंपनी ने एक बार और मौका देते हुए 23 अगस्त तक ई-केवाईसी कराने का अंतिम मौका दिया है।
बाजार दर पर खरीदनी पड़ सकती है गैस : सूत्रों ने बताया कि जो लोग ई-केवाईसी नहीं कराएंगे तो उन्हें जो गैस एक हजार रुपये में मिलती है, वह बाजार दर पर करीब 2130 रुपये में खरीदनी होगी। ई-केवाईसी कराने का उद्देश्य फर्जी कनेक्शन को हटाना है। सबसे बड़ी गैस कंपनी इंडेन के पूर्वी सिंभूम और सरायकेला-खरसावां में कुल 5.72 लाख उपभोक्ता हैं और उसमें 1.72 कनेक्शन का ई-केवाईसी नहीं कराया गया है। जबकि बीपीसीएल में 23843 कनेक्शन में 8178 लोगों का ई-केवाईसी नहीं हुआ है। राजधानी रांची में भी कमोबेश यही स्थिति है। एक गैस कंपनी के अधिकारी ने बताया कि ई-केवाईसी के लिए आधार कार्ड और उंगली का निशान लगाना होगा। यह सभी ग्राहकों को करना होगा तभी ई-केवाईसी होगा।









