सोशल संवाद / चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम के तांतनगर प्रखंड के बानावीर गांव की रहने वाली 36 वर्षीय जानो बिरूली पिछले करीब चार महीने से हाई ब्लड प्रेशर की समस्या से परेशान थीं। कभी ब्लड प्रेशर बढ़ जाता तो कभी कम हो जाता। इसके साथ उन्हें चक्कर, मिचली और उल्टी की शिकायत भी रहती थी। लगातार तबीयत खराब रहने से रोजमर्रा के काम करना भी मुश्किल हो गया था।

यह भी पढे : CH एरिया में तेज रफ्तार बाइक हादसा: डिवाइडर से टकराने पर युवती की मौत, युवक गंभीर
जानो ने राहत पाने के लिए अलग-अलग जगहों पर इलाज कराया और कई दवाएं भी लीं, लेकिन परेशानी पूरी तरह खत्म नहीं हुई। लंबे समय तक आराम नहीं मिलने से वह काफी चिंतित रहने लगी थीं।
मई में पहुंचीं आयुष्मान आरोग्य मंदिर
लगातार परेशानी के बीच मई 2026 में जानो ने आयुष्मान आरोग्य मंदिर, तांतनगर में इलाज शुरू कराया। यहां आयुष सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारी डॉ. अनिश कुमार ने उनकी स्थिति को समझने के बाद उपचार की शुरुआत की।
केंद्र की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, जानो को आयुर्वेद और होम्योपैथी आधारित उपचार दिया गया। दवाओं के साथ डॉक्टर ने उन्हें खान-पान और रोजमर्रा की आदतों में जरूरी बदलाव करने की सलाह भी दी।
खाने में मुनगा शामिल करने की सलाह
जानो को दवाएं समय पर लेने के साथ खान-पान पर ध्यान देने को कहा गया। स्थानीय खान-पान को देखते हुए उन्हें मुनगा के पत्तों का साग भोजन में शामिल करने की सलाह दी गई।
इसके अलावा मुनगा की छाल और अर्जुन की छाल से काढ़ा बनाकर पीने की सलाह भी दी गई। डॉक्टर की ओर से दिए गए निर्देशों के अनुसार जानो ने इलाज और खान-पान से जुड़ी सलाह को नियमित रूप से अपनाया।
कुछ ही हफ्तों में महसूस हुआ फर्क
इलाज शुरू होने के कुछ हफ्तों बाद जानो को अपनी तबीयत में बदलाव महसूस होने लगा। केंद्र के अनुसार, उनका ब्लड प्रेशर पहले की तुलना में नियंत्रित हुआ और चक्कर, मिचली व उल्टी जैसी परेशानियां भी कम हो गईं।
लंबे समय से बीमारी से परेशान जानो और उनके परिवार के लिए यह राहत की बात थी। उनकी रोजमर्रा की जिंदगी भी धीरे-धीरे सामान्य होने लगी।
डॉक्टर की सलाह के बिना दवा बंद न करें
हालांकि, हाई ब्लड प्रेशर को हल्के में नहीं लिया जा सकता। ब्लड प्रेशर के मरीजों को नियमित जांच और डॉक्टर की सलाह का पालन करना जरूरी है। अपनी चल रही दवा को डॉक्टर की सलाह के बिना बंद करना या उसकी जगह कोई घरेलू नुस्खा अपनाना नुकसानदायक हो सकता है।
तांतनगर का यह मामला ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच और समय पर सही चिकित्सकीय सलाह मिलने के महत्व को भी सामने लाता है। जिला आयुष समिति के अनुसार, आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के जरिए ग्रामीण इलाकों में लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने का प्रयास लगातार किया जा रहा है।









