सोशल संवाद / डेस्क : भारत का यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) डिजिटल लेनदेन के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के मुताबिक, देश में हर महीने UPI के जरिए 2,400 करोड़ से ज्यादा ट्रांजैक्शन हो रहे हैं। डिजिटल भुगतान के बढ़ते इस्तेमाल ने भारत को रियल-टाइम पेमेंट के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर मजबूत पहचान दिलाई है। अब UPI का विस्तार विदेशों में भी हो रहा है। आइए जानते हैं UPI की सफलता, इसके अंतरराष्ट्रीय विस्तार और डिजिटल पेमेंट को सुरक्षित बनाने में RBI की नई पहल के बारे में।
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UPI से हर महीने हो रहे 2,400 करोड़ से ज्यादा ट्रांजैक्शन
भारत में डिजिटल पेमेंट का चलन तेजी से बढ़ा है। ऑनलाइन खरीदारी, दुकानों पर QR कोड से भुगतान, बिल जमा करने और पैसे ट्रांसफर करने जैसे कामों में UPI का इस्तेमाल आम हो गया है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ओडिशा के खुर्दा में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नए डेटा सेंटर और साइबर सिक्योरिटी ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट के उद्घाटन कार्यक्रम में UPI की बढ़ती लोकप्रियता का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि भारत में हर महीने 2,400 करोड़ से अधिक डिजिटल लेनदेन इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से हो रहे हैं।
नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के आंकड़ों के अनुसार, सितंबर में UPI के जरिए 24.07 अरब यानी 2,407 करोड़ ट्रांजैक्शन दर्ज किए गए। यह आंकड़ा देश में डिजिटल भुगतान के व्यापक इस्तेमाल को दर्शाता है।
2016 से अब तक UPI में कितनी हुई बढ़ोतरी?
UPI की शुरुआत वर्ष 2016 में हुई थी। शुरुआत में इसका इस्तेमाल सीमित था, लेकिन स्मार्टफोन, इंटरनेट और QR कोड आधारित भुगतान की सुविधा बढ़ने के साथ इसका दायरा भी तेजी से बढ़ा।
वित्त मंत्री के मुताबिक, वित्त वर्ष 2016-17 की तुलना में UPI के सालाना ट्रांजैक्शन की संख्या लगभग 13,000 गुना बढ़ चुकी है। वित्त मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 में भारत के कुल रिटेल डिजिटल पेमेंट ट्रांजैक्शन में UPI की हिस्सेदारी 81 प्रतिशत रही।
इस वृद्धि के पीछे तुरंत भुगतान की सुविधा, बैंक खातों से सीधे लेनदेन, आसान इंटरफेस और छोटे कारोबारियों के बीच QR कोड का बढ़ता इस्तेमाल प्रमुख वजहों में शामिल हैं।
11 देशों तक पहुंचा भारत का UPI पेमेंट सिस्टम
UPI अब केवल भारत तक सीमित नहीं है। वित्त मंत्री के पूर्व में दिए गए बयान के मुताबिक, यह डिजिटल पेमेंट सिस्टम फ्रांस, सिंगापुर, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), ग्रीस और मॉरीशस समेत 11 देशों में उपलब्ध है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर UPI की उपलब्धता से भारतीय यात्रियों और विदेशों में भुगतान करने वाले उपयोगकर्ताओं को कुछ स्थानों पर भारतीय डिजिटल भुगतान प्रणाली के जरिए लेनदेन की सुविधा मिलती है। हालांकि, इसकी उपलब्धता और भुगतान की शर्तें संबंधित देश, बैंक और व्यापारी पर निर्भर करती हैं।
UPI के अंतरराष्ट्रीय विस्तार से भारत की फिनटेक तकनीक को वैश्विक पहचान मिल रही है। इसके साथ ही डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में दूसरे देशों के साथ तकनीकी सहयोग की संभावनाएं भी बढ़ रही हैं।
RBI का नया डेटा सेंटर डिजिटल भुगतान के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
ओडिशा के खुर्दा में स्थापित RBI का नया ग्रीनफील्ड डेटा सेंटर देश के वित्तीय तकनीकी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इसमें RTGS और NEFT जैसे प्रमुख भुगतान सिस्टम से जुड़े तकनीकी बुनियादी ढांचे को जगह मिलेगी।
इसके साथ शुरू किया गया साइबर सिक्योरिटी ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट साइबर सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा सेंटर टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में विशेषज्ञता विकसित करने पर ध्यान देगा।
डिजिटल भुगतान के बढ़ते इस्तेमाल के बीच डेटा की सुरक्षा, साइबर हमलों से बचाव और वित्तीय सेवाओं का निर्बाध संचालन महत्वपूर्ण हो गया है। ऐसे में मजबूत तकनीकी ढांचा डिजिटल लेनदेन की विश्वसनीयता बनाए रखने में मदद कर सकता है।
डेटा सेंटर कंपनियों को टैक्स में राहत
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने डेटा सेंटर क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने के लिए सरकार के कदमों की भी जानकारी दी। सरकार ने 2022 में डेटा सेंटर सेक्टर को इंफ्रास्ट्रक्चर का दर्जा दिया था।
इसके अलावा, केंद्रीय बजट 2026-27 में भारत स्थित डेटा सेंटरों के माध्यम से वैश्विक क्लाउड सेवाएं देने वाली पात्र विदेशी कंपनियों के लिए टैक्स छूट का प्रावधान घोषित किया गया। इस तरह की नीतियों का उद्देश्य भारत में डिजिटल बुनियादी ढांचे, क्लाउड सेवाओं और संबंधित तकनीकों में निवेश को प्रोत्साहित करना है।
भारत के डिजिटल पेमेंट सेक्टर का भविष्य
UPI की बढ़ती लोकप्रियता ने भारत में पैसे भेजने और भुगतान करने के तरीके को बदल दिया है। छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े कारोबारियों तक, डिजिटल भुगतान का इस्तेमाल लगातार व्यापक हुआ है।
हर महीने 2,400 करोड़ से अधिक ट्रांजैक्शन, रिटेल डिजिटल पेमेंट में बड़ी हिस्सेदारी और 11 देशों तक पहुंच UPI के विस्तार को दर्शाते हैं। वहीं, RBI के नए डेटा सेंटर और साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण जैसी पहल डिजिटल वित्तीय ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं।










