MCD सदन में फंड को लेकर हंगामा, AAP का आरोप- मुद्दा भटकाने के लिए पार्षद शगुफ्ता जुबैर पर अभद्र टिप्पणी

By Riya Kumari

Published :

Follow
MCD सदन में फंड को लेकर हंगामा, AAP का आरोप- मुद्दा भटकाने के लिए पार्षद शगुफ्ता जुबैर पर अभद्र टिप्पणी

Join WhatsApp

Join Now

सोशल संवाद / नई दिल्ली: दिल्ली नगर निगम (MCD) सदन की बैठक में पार्षदों के फंड और कथित अभद्र टिप्पणी को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) ने भाजपा और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। एमसीडी में नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने आरोप लगाया कि भाजपा ने हर पार्षद को 2 करोड़ रुपये का फंड देने का वादा किया था, लेकिन सात महीने बीतने के बाद भी केवल 50 लाख रुपये ही दिए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि जब AAP पार्षदों ने फंड का हिसाब मांगा, तो कांग्रेस ने भाजपा का बचाव करते हुए मुद्दे को भटकाने की कोशिश की।

यह भी पढ़े : हरदीप सिंह पुरी-जेफरी एपस्टीन की तस्वीरों पर विवाद, विपक्ष ने उठाए सवाल

2 करोड़ के फंड पर AAP ने उठाए सवाल

अंकुश नारंग के मुताबिक, भाजपा ने स्टैंडिंग कमेटी और सदन में प्रत्येक पार्षद को 2 करोड़ रुपये का फंड देने की बात कही थी। हालांकि, उनके आरोप के अनुसार, सात महीने बाद भी पार्षदों को केवल 50 लाख रुपये मिले हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि दिवाली नजदीक होने के बावजूद बाकी राशि जारी करने को लेकर कोई ठोस योजना सामने क्यों नहीं आई है।

नारंग ने आरोप लगाया कि अब 25 लाख रुपये देने की बात कही जा रही है, जबकि पार्षद अपने क्षेत्रों के विकास के लिए निर्धारित फंड मांग रहे हैं। उन्होंने भाजपा से वादे के मुताबिक पूरी राशि देने और कांग्रेस से जनता के मुद्दों पर सवाल उठाने की अपील की।

शगुफ्ता जुबैर चौधरी पर टिप्पणी को लेकर विवाद

AAP नेता अंकुश नारंग ने कांग्रेस पार्षद नाजिया दानिश पर पार्षद शगुफ्ता जुबैर चौधरी के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जनता के लिए फंड की मांग उठाने वाली महिला पार्षद के साथ इस तरह का व्यवहार स्वीकार्य नहीं है।

नारंग ने मांग की कि नाजिया दानिश सदन के भीतर सार्वजनिक रूप से शगुफ्ता जुबैर चौधरी से माफी मांगें। उन्होंने मेयर की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि सदन में कथित अभद्र टिप्पणी का विरोध किया जाना चाहिए था। हालांकि, ये आरोप आम आदमी पार्टी के नेताओं की ओर से लगाए गए हैं।

शगुफ्ता जुबैर बोलीं- जनता का फंड मांगना भीख मांगना नहीं

AAP पार्षद शगुफ्ता जुबैर चौधरी ने कहा कि पार्षद अपने क्षेत्र के लोगों के लिए फंड मांग रहे हैं और यह उनका अधिकार है, भीख नहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि सदन में उन्हें बोलने का अवसर नहीं दिया जा रहा था और माइक को लेकर हुए विवाद के दौरान उनके साथ हाथापाई हुई।

शगुफ्ता ने कहा कि वह नाजिया दानिश का सम्मान करती थीं, लेकिन किसी का नाम लेकर कथित तौर पर अभद्र टिप्पणी करना और उसे बदनाम करना गलत है। उन्होंने मेयर से सवाल किया कि क्या सदन में बोलने का अधिकार केवल भाजपा और कांग्रेस के नेताओं को है।

उन्होंने यह भी कहा कि जब तक सदन में इस मामले पर स्थिति स्पष्ट नहीं होती और महिलाओं के सम्मान को लेकर उचित कदम नहीं उठाए जाते, तब तक वह सदन की कार्यवाही सामान्य रूप से चलने देने के पक्ष में नहीं हैं।

प्रदूषण और कूड़े के मुद्दे पर भी AAP ने घेरा

एमसीडी के सह-प्रभारी प्रवीण कुमार ने आरोप लगाया कि भाजपा और कांग्रेस ने मिलकर सदन की कार्यवाही बाधित की, जिससे दिल्ली के बुनियादी मुद्दों पर चर्चा नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि दिल्ली में बढ़ता वायु प्रदूषण, कूड़े की समस्या और नगर निगम की सेवाओं से जुड़े मुद्दों पर सदन में चर्चा होनी चाहिए थी।

प्रवीण कुमार ने दावा किया कि कलसुआ में लगाए गए 52 हजार बांस के पौधे कूड़े में दब गए हैं और नष्ट हो चुके हैं। उन्होंने अधिकारियों के कामकाज पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि पार्षदों को अपने क्षेत्रों के काम कराने में परेशानी हो रही है।

AAP नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा और कांग्रेस की कथित मिलीभगत के कारण सदन में जनता से जुड़े मुद्दे नहीं उठ पाए। पार्टी ने सदन की कार्यवाही बाधित किए जाने की निंदा करते हुए कहा कि कूड़े, प्रदूषण और नगर निगम की सेवाओं पर चर्चा जरूरी है।

नोट: इस खबर में फंड वितरण, सदन में कथित अभद्र टिप्पणी, हाथापाई और कार्यवाही बाधित करने से संबंधित आरोप आम आदमी पार्टी के नेताओं के बयानों पर आधारित हैं। संबंधित पक्षों का जवाब मिलने पर खबर को अपडेट किया जा सकता है।

YouTube Join Now
Facebook Join Now
Social Samvad MagazineJoin Now
---Advertisement---

संबंधित पोस्ट

Exit mobile version