सोशल संवाद/ डेस्क : इंकैब के जमशेदपुर यूनिट के कर्मचारियों के पीएफ राशि के दावे को लेकर सोमवार को एनसीएलएटी दिल्ली में सुनवाई हुई। जमशेदपुर पीएफ कमिश्नर ने नए सिरे से बैलेंस शीट के साथ शपथपत्र जमा किया। इसमें कंपनी की ओर से करीब तीन करोड़ तथा पीएफ ट्रस्टी की ओर से करीब 1.5 करोड़ रुपये, कुल 4.5 करोड़ रुपये का क्लेम किया गया है।

यह भी पढ़े : एनआईटी : बीटेक की सीटें फुल, एमटेक में 79 खाली
वेदांता के वकील ने कोर्ट के फैसले को स्वीकार करने की बात कही। रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल (आरपी) के अधिवक्ता ऑनलाइन जुड़े थे। उन्होंने शपथपत्र के अध्ययन के बाद जवाब देने के लिए समय मांगा। आरपी के आग्रह पर एनसीएलएटी ने अगली सुनवाई 14 अक्तूबर निर्धारित कर दी।
कंपनी के रिवाइवल के लिए तीन दिसंबर के एनसीएलटी आदेश के आलोक में आरपी की ओर से प्रक्रिया जारी है। फैसले के आठ माह पूरे होने के बाद कोलकाता यूनियन के जयंत बनर्जी, जमशेदपुर यूनियन के रामबिनोद सिंह तथा पुणे यूनियन के संतोष भोंसले ने वेदांता प्रबंधन को पत्र लिखा है। पत्र में कंपनी चालू करने की योजना, वर्तमान व रिटायर्ड कर्मचारियों को लेकर प्रबंधन के प्लान और कब तक कंपनी चालू होगी, इसकी जानकारी के लिए बैठक की मांग की गई है।









