सोशल संवाद/डेस्क : कांग्रेस ने भाजपा पर असम और पश्चिम बंगाल में चुनावी धांधली, मतदाता सूची में हेरफेर, एसआईआर तथा परिसीमन के जरिए चुनावी प्रक्रिया प्रभावित करने का आरोप लगाया है। पार्टी ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में भाजपा ने चुनाव आयोग की मिलीभगत से करीब 100 सीटों पर धांधली कर जीत हासिल की है।
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कांग्रेस कार्यालय में पत्रकार वार्ता करते हुए पार्टी के मीडिया और पब्लिसिटी के चेयरमैन पवन खेड़ा ने कहा कि पश्चिम बंगाल में जिन सीटों पर जीत का अंतर एसआईआर के तहत काटे गए मतदाताओं की संख्या से कम है, वहां दोबारा मतदान होना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि सुप्रीम कोर्ट स्वतः संज्ञान लेकर मतदाताओं को उनके वोट का अधिकार फिर से देगा।
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि इंडिया गठबंधन लोकतांत्रिक संकट के समय तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी के साथ पूरी मजबूती से खड़ा है। उन्होंने कहा कि लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने भी धांधली को लेकर तृणमूल कांग्रेस के समर्थन में स्पष्ट सैद्धांतिक रुख लिया है। उन्होंने बताया कि साजिश के तहत पश्चिम बंगाल में एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) के दौरान चुनावी सूचियों से 91 लाख मतदाताओं के नाम हटा दिए गए, जबकि 27 लाख नागरिकों को किसी भी ट्रिब्यूनल के सामने अपनी बात रखने का बुनियादी प्रक्रियात्मक अधिकार भी नहीं दिया गया।
पश्चिम बंगाल में चुनावी नतीजों के बाद हो रही हिंसा पर पवन खेड़ा ने कहा कि भाजपा जीत की खुशी नहीं मना रही, बल्कि गुंडागर्दी कर रही है। उन्होंने कहा कि विरोधी दलों के दफ्तर जलाए जा रहे हैं, उम्मीदवारों और कार्यकर्ताओं पर हमले किए जा रहे हैं, दुकानें तोड़ी जा रही हैं और डीजे सिस्टम पर अश्लील गाने बजाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने पद के अनुरूप आचरण करना चाहिए और हिंसा रोकनी चाहिए।
खेड़ा ने कहा कि भाजपा ने मुस्लिम वोटरों को ठुकराया तो मुस्लिम वोटरों ने भाजपा को ठुकरा दिया। ऐसे में जब मुसलमानों ने कांग्रेस जैसी धर्मनिरपेक्ष पार्टी को वोट दिया तो भाजपा को उसमें भी शिकायत होने लगी। उन्होंने सवाल किया कि क्या बाबा साहेब डॉ भीम राव अंबेडकर का संविधान ऐसी सोच और राजनीतिक संस्कृति की इजाजत देता है? उन्होंने भाजपा पर करारा पलटवार करते हुए कहा कि देशभर में कांग्रेस के 664 विधायकों में से 78 प्रतिशत हिंदू हैं और 12 प्रतिशत मुस्लिम हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा आबादी के अनुसार सभी वर्गों को प्रतिनिधित्व देती आई है, जबकि भाजपा देश के दलितों, पिछड़ों, आदिवासियों, अल्पसंख्यकों, महिलाओं समेत हर वर्ग को कमजोर करना चाहती है।
खेड़ा ने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनावों में नरेंद्र मोदी को बहुमत नहीं मिलने के बाद चुनावी व्यवस्था को ध्वस्त करने की साजिश रची गई। उन्होंने याद दिलाया कि राहुल गांधी पहले ही हरियाणा, महाराष्ट्र, बिहार, कर्नाटक जैसे राज्यों में मतदाता सूची में गड़बड़ी और वोट चोरी के मुद्दे उठा चुके हैं।
उन्होंने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां पांच महीने में 40 लाख नए मतदाता जोड़े गए, जबकि बंगाल और असम में लाखों मतदाताओं के नाम लिस्ट से हटा दिए गए, जो भाजपा के पारंपरिक मतदाता नहीं माने जाते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि भाजपा द्वारा चुनाव आयोग की मदद से मतदाता सूची में हेरफेर, एसआईआर और परिसीमन के जरिए पूरी चुनावी प्रक्रिया को अपने कब्जे में ले लिया गया है।
भाजपा के चुनावी मॉडल पर कटाक्ष करते हुए पवन खेड़ा ने कहा कि जहां-जहां कीचड़ फैलाया गया, वहीं कमल खिला। उन्होंने कहा कि दक्षिण के राज्यों जैसे तमिलनाडु और केरल में यह कीचड़ नहीं फैल पाया, इसलिए वहां भाजपा सफल नहीं हुई। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग खुद उस कीचड़ में लोटकर लोकतंत्र को दागदार बना रहा है और लोकतंत्र के चौकीदार मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश गुप्ता वोट चोरी करने वालों को कंधे पर बिठाकर विधानसभा पहुंचा रहे हैं।









