सोशल संवाद / डेस्क : पश्चिम बंगाल में इस साल होने वाली दुर्गा पूजा को लेकर राज्य सरकार ने कई अहम फैसलों का ऐलान किया है। दुर्गा पूजा की तैयारियों को लेकर कोलकाता के मिलन मेला मैदान में हुई बैठक के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पूजा समितियों, विसर्जन जुलूस और कानून-व्यवस्था से जुड़े कई दिशा-निर्देश जारी किए।
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सरकार के फैसलों के मुताबिक, रेड रोड पर होने वाला पारंपरिक दुर्गा पूजा कार्निवल इस साल आयोजित नहीं किया जाएगा। इसके स्थान पर ईडन गार्डन्स में बड़े सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। वहीं, महाअष्टमी के दिन पूरे पश्चिम बंगाल में शराब की बिक्री पर पूरी तरह रोक रहेगी।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि पूजा समितियों को आर्थिक सहायता जारी रहेगी, लेकिन बड़े बजट और आर्थिक रूप से सक्षम पूजा आयोजकों को सरकारी अनुदान नहीं दिया जाएगा।
West Bengal Durga Puja 2026: नहीं होगा पूजा कार्निवल
दुर्गा पूजा के दौरान कोलकाता के रेड रोड पर आयोजित होने वाला वार्षिक पूजा कार्निवल इस साल रद्द कर दिया गया है। यह आयोजन कोलकाता की दुर्गा पूजा को मिली अंतरराष्ट्रीय पहचान और यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की मान्यता से जुड़े समारोह के तौर पर आयोजित किया जाता रहा है।
सरकार की ओर से बताया गया कि इस बार इसके स्थान पर ईडन गार्डन्स में बड़ा सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें करीब चार घंटे का ड्रोन शो और आतिशबाजी भी प्रस्तावित है।
इसके अलावा महालय के बाद दीघा में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। राज्य के छह शहरों में भी दो दिनों तक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाने की बात कही गई है। विशेष महालया कार्यक्रम के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आमंत्रित किए जाने की जानकारी भी दी गई है।
पूजा समितियों को मिलेगा अनुदान, लेकिन शर्तों के साथ
दुर्गा पूजा समितियों को मिलने वाली सरकारी आर्थिक सहायता को लेकर भी सरकार ने अपना रुख स्पष्ट किया है। सरकार के मुताबिक, जरूरतमंद और छोटे बजट वाली पूजा समितियों को एक लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाएगी। हालांकि, जिन समितियों का बजट बड़ा है और जो आर्थिक रूप से सक्षम हैं, उन्हें सरकारी अनुदान लेने से बचना चाहिए।
सरकार का कहना है कि सरकारी सहायता का उद्देश्य उन पूजा समितियों की मदद करना है, जिन्हें आर्थिक सहयोग के बिना पूजा का आयोजन करने में परेशानी हो सकती है। इसके साथ ही राज्य के पूजा पंडालों को दुर्गा पूजा के दौरान बिजली मुफ्त उपलब्ध कराने की बात कही गई है। इसके लिए संबंधित बिजली वितरण संस्थाओं की सहमति मिलने की जानकारी दी गई है।
महाअष्टमी पर पूरे बंगाल में शराब की बिक्री बंद
दुर्गा पूजा 2026 के दौरान सबसे अहम फैसलों में से एक महाअष्टमी के दिन शराब की बिक्री पर रोक है। सरकार के अनुसार, महाअष्टमी के दिन पश्चिम बंगाल की सभी शराब दुकानें बंद रहेंगी। इसके अलावा बार में भी शराब उपलब्ध नहीं होगी। यानी राज्य में इस दिन शराब की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी।
महाअष्टमी के दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा पंडालों और धार्मिक स्थलों पर पहुंचते हैं। सरकार ने इस फैसले को धार्मिक भावनाओं और कानून-व्यवस्था से जोड़कर देखा है।
दुर्गा पूजा और विसर्जन में DJ पर रोक
दुर्गा पूजा और विसर्जन जुलूस को लेकर भी नए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। सरकार ने DJ बजाने पर रोक लगाने की बात कही है। इसके साथ ही पूजा समितियों को सड़कों और राष्ट्रीय राजमार्गों को अनावश्यक रूप से बंद नहीं करने का निर्देश दिया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय राजमार्गों को किसी भी परिस्थिति में बाधित नहीं किया जाना चाहिए। कोलकाता में रेड रोड और कैथेड्रल रोड समेत 13 प्रमुख सड़कों को पूजा के दौरान बंद नहीं किए जाने की बात कही गई है।
मातृपक्ष से पहले नहीं होगा पंडाल का उद्घाटन
सरकार ने दुर्गा पूजा पंडालों के उद्घाटन को लेकर भी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। पूजा समितियों से कहा गया है कि मातृपक्ष या देवीपक्ष शुरू होने से पहले पंडालों का उद्घाटन नहीं किया जाए।
सरकार ने पूजा की परंपराओं और धार्मिक भावनाओं का सम्मान करने पर भी जोर दिया है। थीम आधारित दुर्गा पूजा की अनुमति रहेगी, लेकिन आयोजकों को मूर्ति, पंडाल और थीम तैयार करते समय इस बात का ध्यान रखना होगा कि किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस न पहुंचे।
कोजागरी लक्ष्मी पूजा से पहले विसर्जन जरूरी
दुर्गा पूजा विसर्जन को लेकर भी सरकार ने समयसीमा तय करने की बात कही है। निर्देश के अनुसार, कोजागरी लक्ष्मी पूजा से एक दिन पहले तक मूर्ति विसर्जन पूरा करना होगा। विसर्जन की तारीख में बदलाव को लेकर किसी तरह के दबाव या धमकी को स्वीकार नहीं किए जाने की बात भी कही गई है। सरकार ने इन दिशा-निर्देशों को सख्त पाबंदी के बजाय पूजा के बेहतर और व्यवस्थित आयोजन की व्यवस्था बताया है।
धीरेंद्र शास्त्री ने भी की नॉनवेज से बचने की अपील
इसी बीच कोलकाता में कथा कर रहे बागेश्वर धाम के कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री ने भी दुर्गा पूजा और नवरात्रि को लेकर अपील की है। कथा के दौरान उन्होंने दुर्गा पूजा पंडालों के आसपास नॉनवेज भोजन बनाए जाने पर आपत्ति जताई और नवरात्रि के दौरान लोगों से नॉनवेज भोजन से बचने की अपील की। उनका कहना है कि नवरात्रि और दुर्गा पूजा धार्मिक आस्था से जुड़े महत्वपूर्ण अवसर हैं, इसलिए इस दौरान धार्मिक भावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए।
2026 की दुर्गा पूजा में दिखेगा बड़ा बदलाव
पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा सिर्फ धार्मिक उत्सव नहीं बल्कि राज्य की सांस्कृतिक पहचान और पर्यटन से भी जुड़ा बड़ा आयोजन है। हर साल कोलकाता समेत राज्य के अलग-अलग हिस्सों में लाखों श्रद्धालु और पर्यटक पूजा देखने पहुंचते हैं।
दुर्गा पूजा 2026 में कार्निवल का रद्द होना, महाअष्टमी पर शराबबंदी, DJ पर रोक, पंडाल उद्घाटन और विसर्जन को लेकर नए निर्देश जैसे फैसले इस साल के आयोजन को पिछले वर्षों से अलग बना सकते हैं।
गौरतलब है कि 2021 में यूनेस्को ने कोलकाता की दुर्गा पूजा को अमूर्त सांस्कृतिक विरासत (Intangible Cultural Heritage) का दर्जा दिया था। ऐसे में इस साल होने वाली दुर्गा पूजा पर देशभर की नजर रहने की उम्मीद है।










