सोशल संवाद / डेस्क : गर्मी आते ही मच्छरों का आतंक बढ़ जाता है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि मच्छर एक बार खून पीने के बाद कुछ समय तक दोबारा क्यों नहीं काटते? अब वैज्ञानिकों ने इसका जवाब ढूंढ लिया है।
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दिमाग नहीं, पेट करता है कंट्रोल
नई रिसर्च में सामने आया है कि मच्छरों के काटने की इच्छा उनके दिमाग से नहीं, बल्कि शरीर के पिछले हिस्से (गट/पेट) में मौजूद खास सेल्स से कंट्रोल होती है।
ये सेल्स खून पीने के बाद एक्टिव हो जाती हैं और मच्छर को सिग्नल देती हैं कि अब उसे और खून की जरूरत नहीं है।
“फुल” होने का मिलता है सिग्नल
वैज्ञानिकों के मुताबिक, मादा मच्छर जब खून पी लेती है तो उसके शरीर में एक खास रिसेप्टर (NPYLR7) एक्टिव हो जाता है। यह भूख और खाने की इच्छा को रोक देता है, जिससे मच्छर कुछ दिनों तक इंसानों को काटना बंद कर देते हैं।
प्रजनन से भी जुड़ा है ये सिस्टम
यह प्रक्रिया सिर्फ भूख से नहीं, बल्कि मच्छरों के प्रजनन (अंडे बनाने) से भी जुड़ी होती है। अगर यह सिस्टम सही से काम न करे, तो अंडों का विकास भी प्रभावित होता है।
भविष्य में मिल सकता है समाधान
वैज्ञानिकों का मानना है कि अगर इस “फुल सिग्नल” सिस्टम को कंट्रोल किया जाए, तो मच्छरों के काटने की आदत को कम किया जा सकता है। इससे डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों को रोकने में भी मदद मिल सकती है।
क्यों है यह खोज खास?
- मच्छरों के व्यवहार का नया राज खुला
- दिमाग नहीं, पेट से कंट्रोल होता है बाइटिंग
- भविष्य में मच्छर नियंत्रण के नए तरीके मिल सकते हैं
यह नई खोज न सिर्फ दिलचस्प है, बल्कि हेल्थ के लिहाज से भी काफी अहम मानी जा रही है। आने वाले समय में इससे मच्छरों के काटने को रोकने के नए तरीके विकसित हो सकते हैं।










