सोशल संवाद / जमशेदपुर: पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को मजबूत करते हुए जेसीएपीसीपीएल (JCAPCPL) ने विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के अवसर पर ‘वॉक फॉर नेचर’ कार्यक्रम का आयोजन किया। इस जागरूकता अभियान में कंपनी के कर्मचारियों, उनके परिवारजनों और वरिष्ठ अधिकारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना और हरित एवं टिकाऊ भविष्य के निर्माण के लिए सामूहिक प्रयासों को प्रोत्साहित करना था।

कार्यक्रम की शुरुआत सूरजित रे, असिस्टेंट मैनेजर – ईएचएस के स्वागत संबोधन से हुई। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण में व्यक्तिगत और संस्थागत जिम्मेदारियों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए सभी प्रतिभागियों को प्रकृति संरक्षण के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का संदेश दिया।
इसके बाद अतुल भालेराव, डीएम – ईएचएस एवं ऑपरेशंस के नेतृत्व में एक ऊर्जावान वार्म-अप सत्र आयोजित किया गया। इस सत्र ने प्रतिभागियों में उत्साह का संचार किया और उन्हें पदयात्रा के लिए तैयार किया।
इस अवसर पर जेसीएपीसीपीएल के प्रबंध निदेशक कपिल मोदी ने कहा कि बढ़ती पर्यावरणीय चुनौतियों का सामना करने के लिए सामूहिक प्रयास बेहद जरूरी हैं। उन्होंने सतत विकास, पर्यावरण-अनुकूल कार्यप्रणालियों और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति कंपनी की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को दोहराया।
कार्यक्रम में कंपनी के वरिष्ठ नेतृत्व की भी सक्रिय भागीदारी रही। तानिगुची सान (एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर), रवि प्रसाद (यूनियन अध्यक्ष), वरिष्ठ नेतृत्व टीम (SLT), विभिन्न विभागों के प्रमुख (HODs), CHRO, CFO तथा बड़ी संख्या में कर्मचारियों और उनके परिवारजनों ने इस पहल में हिस्सा लिया।
प्रतिभागियों ने जुबली पार्क में पदयात्रा कर स्वच्छ, हरित और पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया। यह वॉक प्रकृति संरक्षण, स्वच्छ वातावरण और आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर भविष्य सुनिश्चित करने के संकल्प का प्रतीक बनी।
कंपनी प्रबंधन ने कहा कि ‘वॉक फॉर नेचर’ जैसी पहलें केवल जागरूकता कार्यक्रम नहीं हैं, बल्कि समाज को पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित करने का एक प्रभावी माध्यम हैं। जेसीएपीसीपीएल भविष्य में भी सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े ऐसे अभियानों को जारी रखेगा।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझने और पर्यावरण संरक्षण के संकल्प को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ।









