सीजीएल केस में यूट्यूबर वट्रस्ट संचालक गिरफ्तार

By Riya Kumari

Published :

Follow
सीजीएल केस में यूट्यूबर वट्रस्ट संचालक गिरफ्तार

Join WhatsApp

Join Now

सोशल संवाद / रांची : जेएसएससी सीजीएल केस में सीआईडी की एसआईटी ने कोडरमा के यूट्यूबर राजेश प्रसाद यादव और ट्रस्ट संचालक संदीप कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद दोनों को मंगलवार को जेल भेज दिया गया। राजेश डोमचांच के गोलवाढाब का रहने वाला है, जबकि संदीप कुमार पूर्णा नगर का है।

यह भी पढे : Jharkhand PDS: 25 हजार से ज्यादा राशन दुकानों को मिलेगा सहारा, 2.62 करोड़ लोगों को समय पर मिलेगा राशन

10 सितंबर को सीआईडी ने दोनों को पहली बार हिरासत में लिया था। इसके बाद उन्हें रांची लाया गया था। रांची लाए जाने के बाद समन भेजकर उनसे लगातार पूछताछ की जा रही थी। पेपर लीक सिंडिकेट के लिए अभ्यर्थियों के जुगाड़ करने व पैसे की वसूली में दोनों की भूमिका सामने आयी थी। सफल कई अभ्यर्थियों के बयान में दोनों का नाम एजेंट के तौर पर सामने आया था। जाते हैं।

अभ्यर्थियों से कोचिंग संचालकों ने की वसूलीः इधर,

जेपीएससी परीक्षा में शिवांगन कोचिंग संस्थान के संचालक संजीत कुमार और शिक्षक रवि कुमार के द्वारा जेपीएससी की 11-13 वीं सिविल सेवा परीक्षा, सीडीपीओ व बैकलॉग परीक्षाओं में 60 लाख तक की वसूली की योजना थी। सीडीपीओ परीक्षा में कई परीक्षार्थियों से 10-15 लाख की वसूली भी अंतिम सेलेक्शन के बाद किया गया था। शिवांगन कोचिंग के संबंध में पहला खुलासा अभय तिवारी के बयान में ही हुआ था।

रवि कुमार से लगातार सीआईडी की पूछताछ

सीआईडी टीम जेपीएससी की परीक्षाओं में अनियमितता के मामले में शिक्षक रवि कुमार से लगातार पूछताछ कर रही है। सरेंडर के बाद रवि को सीआईडी ने पांच दिनों के रिमांड पर लिया है। रिमांड पर पूछताछ के दौरान अभय से मिली जानकारियों से रवि का सत्यापन कराया जा रहा है। वहीं कोचिंग संचालक संजीत कुमार की भूमिका को लेकर भी सीआईडी के समक्ष रवि ने खुलासे किए हैं। कई परीक्षाओं में सफल हुए उन अभ्यर्थियों के नाम भी रवि ने बताए हैं, जिनका चयन कथित तौर पर अनियमितता के जरिए हुआ है।

सीजीएल बहाली रद्द करने के आदेश पर रोक जारी

सरकारको निर्देश, 48 घंटे में जवाब दाखिल करें को होगी। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट की वरीय अधिवक्ता मीनाक्षी अरोड़ा ने अदालत को बताया कि सीआईडी जांच अभी जारी है। ऐसे में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करना उचित नहीं होगा। रिपोर्ट को सीलबंद लिफाफे में अदालत के अवलोकन के लिए प्रस्तुत किया जा

मामले में पहला खुलासा अभय के बयान में ही हुआ

शिवांगन कोचिंग के संबंध में पहला खुलासा कथित मास्टरमाइंड अभय तिवारी के बयान में ही हुआ था। जिसमें उसने बताया था कि तत्कालीन चेयरमैन एल ख्यांग्ते व जेपीएससी के अन्य सदस्यों के इंटरव्यू बोर्ड को मैनेज किया जाता था। सदस्य डॉ अजीत भट्टाचार्या के पीए ब्रजराम और रवि कुमार के बीच उठना बैठना था। टीडीपीएल निदेशक रामवीर सिंह के जरिए ही अभ्यर्थियों के कोड को डिकोड कर मैनेज इंटरव्यू बोर्ड में अभ्यर्थियों को भेजा जाता था। अब इनलोगों की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसी के समक्ष कई नए तथ्य सामने आने की उम्मीद जताई जा रही है।

YouTube Join Now
Facebook Join Now
Social Samvad MagazineJoin Now
---Advertisement---

Exit mobile version