सोशल संवाद/डेस्क : बेंगलुरु स्थित M. Chinnaswamy Stadium एक बार फिर चर्चा में है, लेकिन इस बार वजह बेहद भावुक करने वाली है। पिछले साल Indian Premier League के दौरान Royal Challengers Bangalore की ऐतिहासिक जीत के जश्न के बीच हुई भगदड़ में 11 युवा प्रशंसकों की दर्दनाक मौत हो गई थी। इस त्रासदी ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था और आज भी उस घटना की यादें लोगों के दिलों में ताजा हैं।
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अब उन दिवंगत प्रशंसकों को सम्मान देने के लिए आरसीबी और कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ ने एक अनोखा और भावुक फैसला लिया है। स्टेडियम के प्रीमियम स्टैंड में 11 सीटों को हमेशा के लिए आरक्षित कर दिया गया है। इन सीटों को किसी भी मैच के दौरान चाहे वह आईपीएल हो या अंतरराष्ट्रीय मुकाबला कभी बेचा नहीं जाएगा। यह कदम उन फैंस के प्रति सम्मान का प्रतीक है, जो अपनी पसंदीदा टीम की जीत का जश्न मनाने आए थे, लेकिन कभी घर वापस नहीं लौट सके।
इतना ही नहीं, हर मैच से पहले इन 11 प्रशंसकों के नाम स्टेडियम की बड़ी स्क्रीन पर प्रदर्शित किए जाएंगे और खिलाड़ियों के साथ-साथ दर्शक भी एक मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि देंगे। यह परंपरा आने वाले हर मैच में निभाई जाएगी, ताकि उनकी याद हमेशा जीवित रहे।
इसके अलावा, स्टेडियम के प्रवेश द्वार के पास एक स्मारक पट्टिका भी स्थापित की जा रही है। यह स्मारक इंग्लैंड के एनफील्ड स्टेडियम में बने प्रसिद्ध हिल्सबोरो मेमोरियल की तर्ज पर तैयार किया जा रहा है, जो वहां हुए हादसे में मारे गए लोगों की याद को संजोए हुए है। उसी तरह, चिन्नास्वामी स्टेडियम का यह स्मारक भी आने वाली पीढ़ियों को उस दुखद घटना की याद दिलाता रहेगा।
इस फैसले के पीछे सिर्फ श्रद्धांजलि ही नहीं, बल्कि एक संदेश भी छिपा है कि खेल सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि भावनाओं और रिश्तों का संगम है। क्रिकेट और उसके फैंस के बीच जो रिश्ता होता है, वह बेहद खास और अटूट होता है।
गौरतलब है कि आरसीबी इस बार भी अपने अभियान की शुरुआत इसी मैदान से करने जा रही है, जहां 28 मार्च को Sunrisers Hyderabad के खिलाफ मुकाबला खेला जाएगा। इस मैच से पहले ही श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
हालांकि इस बीच टीम से जुड़ी एक और खबर सामने आई है कि खिलाड़ी यश दयाल निजी कारणों से इस सीजन का हिस्सा नहीं होंगे। टीम प्रबंधन ने उनके प्रति समर्थन जताया है और उन्हें अनुबंध में बनाए रखा है। कुल मिलाकर, चिन्नास्वामी स्टेडियम में लिया गया यह फैसला सिर्फ एक परंपरा नहीं, बल्कि उन 11 जिंदगियों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है, जो हमेशा के लिए क्रिकेट इतिहास का हिस्सा बन चुकी हैं।









