सोशल संवाद/डेस्क : नीट यूजी की रविवार को हुई पुनर्परीक्षा में बिहार के लखीसराय से सॉल्वर गैंग के 30 सदस्यों की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियों ने अनुसंधान और तेज कर दिया है। अब आर्थिक अपराध शाखा (ईओयू) ने भी जांच शुरू कर दी है। सॉल्वर गैंग का झारखंड कनेक्शन सामने आने के बाद पलामू की गिरफ्तार चंचल कुमारी व गिरिडीह की पूनम कुमारी की कुंडली खंगाली जा रही है। दोनों के परिजनों से पूछताछ की तैयारी की जा रही है।

फिलहाल सभी गिरफ्तार स्कॉलर व बायोमीट्रिक कर्मियों से लखीसराय में पूछताछ की जा रही है, ताकि गैंग के अन्य सदस्य की पहचान हो सके। इधर, लखीसराय पुलिस की सूचना पर गोवा की यात्रा छोड़ चंचल के दोनों भाई लखीसराय पहुंच गए हैं, परंतु मंगलवार की दोपहर तक उनकी मुलाकात बहन से नहीं हो पाई। पलामू के हरिहरगंज निवासी चंचल के पिता सत्येंद्र प्रसाद ने बताया, तीन दिन से चंचल का मोबाइल बंद है।
बेटी सॉल्वर गैंग के चक्कर में कैसे फंसी, उन्हें कोई जानकारी नहीं है। वहीं गिरिडीह के बिरनी निवासी पूनम के पिता बालेश्वर राणा ने कहा कि उनकी बेटी ने ऐसा क्यों किया, समझ में नहीं आ रहा। बीते 9 माह से वह घर नहीं आई है। मीडिया समेत अन्य माध्यमों से पता चला कि पूनम सॉल्वर गैंग में हैऔर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। अभी बेटी किस थाने में है, मालूम नहीं। अब उससे मिलने भी नहीं जाएंगे। बिरनी पुलिस ने बताया कि लखीसराय को जांच में हर तरह का सहयोग किया जाएगा।
झारखंड की दोनों आरोपी छात्राएं रही हैं टॉपर स्टूडेंट
चंचल कुमारीः पलामू के हरिहरगंज की रहने वाली चंचल शुरू से ही मेधावी रही है। वर्ष 2016 में जिला टॉपर बनी। इंटर में भी टॉपरों की सूची में शामिल रही। वर्ष 2018 में नीट यूजी में सफलता प्राप्त की थी, लेकिन नामांकन में देरी के कारण मेडिकल कॉलेज में प्रवेश नहीं मिल सका। वर्ष 2021 में ओडिशा के राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज में बीएएमएस पाठ्यक्रम में नामांकन लिया। अभी अंतिम वर्ष की छात्रा है।
पूनम कुमारी : गिरिडीह के बिरनी प्रखंड स्थित बरहमसिया की पूनम बचपन से ही मेधावी छात्रा रही है। राजधनवार में हॉस्टल में रहकर मैट्रिक की, उसके बाद रांची के उर्सुलाइन स्कूल से वर्ष 2022 में इंटर साइंस की परीक्षा में स्टेट टॉपर रही। वर्ष 2025 में बीएचयू वाराणसी में बीएससी नर्सिंग में नामांकन करवा दिया।










