सोशल संवाद / डेस्क : ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता Ali Khamenei Funeral के अंतिम संस्कार को लेकर दुनिया भर में चर्चा तेज है। उनकी मौत के करीब 126 दिनों बाद अंतिम विदाई समारोह आयोजित किया जा रहा है। इस लंबे अंतराल के कारण सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा था कि आखिर इस दौरान उनके पार्थिव शरीर को कैसे सुरक्षित रखा गया। अब इस पूरे मामले से जुड़ी अहम जानकारी सामने आई है।

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क्यों टला अंतिम संस्कार?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, खामेनेई की मौत के तुरंत बाद ईरान में युद्ध जैसी स्थिति और सुरक्षा संबंधी गंभीर चुनौतियां थीं। इसी वजह से लाखों लोगों की मौजूदगी वाले अंतिम संस्कार का आयोजन तत्काल संभव नहीं था। हालात सामान्य होने का इंतजार किया गया और इसके बाद अंतिम संस्कार का कार्यक्रम तय किया गया।
126 दिनों तक कैसे सुरक्षित रखा गया शव?
जानकारों के अनुसार, इस दौरान खामेनेई के पार्थिव शरीर को विशेष रेफ्रिजरेटेड (Cold Storage) सुविधा में सुरक्षित रखा गया। इस्लामी परंपराओं के कारण सामान्य एम्बामिंग (रासायनिक संरक्षण) का उपयोग नहीं किया गया। इसके बजाय नियंत्रित तापमान वाली आधुनिक संरक्षण तकनीक अपनाई गई, जिससे शरीर लंबे समय तक सुरक्षित रह सका।
कई दिनों तक चलेगा अंतिम विदाई कार्यक्रम
ईरानी प्रशासन ने खामेनेई के लिए कई दिनों तक चलने वाले अंतिम विदाई कार्यक्रम की योजना बनाई है। राजधानी तेहरान से शुरू होने वाले कार्यक्रम में लाखों लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। इसके बाद धार्मिक स्थलों पर भी श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे और अंत में उन्हें मशहद में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
अंतिम संस्कार को देखते हुए ईरान में अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था की गई है। राजधानी तेहरान सहित कई प्रमुख शहरों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। बड़ी संख्या में विदेशी प्रतिनिधिमंडलों और वरिष्ठ अधिकारियों के शामिल होने की भी संभावना जताई जा रही है।
पूरी दुनिया की नजर ईरान पर
खामेनेई का अंतिम संस्कार केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि राजनीतिक और कूटनीतिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पश्चिम एशिया की मौजूदा परिस्थितियों के बीच यह आयोजन ईरान के लिए शक्ति प्रदर्शन और राष्ट्रीय एकजुटता का संदेश देने वाला माना जा रहा है।










