सोशल संवाद /जमशेदपुर : मलेरिया का प्रकोप कुछ कम होने पर स्वास्थ्य विभाग डेंगू से बचाव में जुट गया है। जिले में डेंगू के मरीज की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन महामारी रोग विभाग से सरकारी व निजी अस्पतालों में पत्र भेजकर डेंगू मरीजों के लिए 10-10 बेड सुरक्षित रखने और संदिग्ध मरीजों की सूचना तत्काल सर्विलांस टीम को देने का आदेश हुआ है। हालांकि, एमजीएम व सदर अस्पताल में डेंगू मरीजों के लिए अलग व्यवस्था हर वर्ष होती है। बताया जाता है कि बारिश शुरू होने के साथ जमशेदपुर में डेंगू का खतरा बढ़ जाता है।

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27 जुलाई को नगर निकाय के साथ समीक्षा बैठक में उपायुक्त राजीव रंजन ने भी डेंगू से बचाव के उपाय पर जोर दिया था।इससे स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया, क्योंकि बीते वर्ष जिले के कई प्रखंडों से डेंगू मरीज मिले थे। मालूम हो कि मलेरिया के कारण जून से अबतक 13 बच्चों व बड़ों की मौत के साथ 29 जून से 29 जुलाई तक जिले में तीन हजार से अधिक मरीज मिले हैं। इससे डेंगू से बचाव में स्वास्थ्य विभाग ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में सफाई, एंटी लार्वा का छिड़काव एवं फॉगिंग पर जोर दे रहा है।
जुगसलाई नगर परिषद स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के साथ डेंगू से बचाव में जागरूकता अभियान चला रही है। वहीं, जिले के एमपीडब्ल्यू, सहिया व अन्य स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर लोगों को पानी जमा नहीं होने देने, झाड़ियों को काटने, कूलर, गमला साफ रखने का सुझाव दे रहे हैं।
मालूम हो कि डेंगू के मुख्य लक्षणों में अचानक तेज बुखार (101-104° एफ), गंभीर सिरदर्द और जोड़ों व मांसपेशियों में तेज दर्द शामिल हैं। डब्ल्यूएचओ के अनुसार, संक्रमित मच्छर के काटने के 4 से 10 दिन बाद दिखाई देते हैं। इसमें डॉक्टर तुरंत जांच कराने की सलाह देते हैं।
बुखार के मरीज की समय से जांच हो रही : डॉ. असद
महामारी रोग विशेषज्ञ डॉ. असद ने बताया बुखार के मरीज की समय से जांच व इलाज पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। संदिग्ध मरीजों का रिकॉर्ड रखने, जांच के बाद गंभीर मरीजों को तत्काल रेफर करने का आदेश चिकित्सा पदाधिकारी को दिया गया है ताकि, मरीजों को समय रहते सही इलाज हो सके।









