सोशल संवाद / डेस्क : भारत में तेजी से बढ़ता बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL Cholesterol) अब एक गंभीर स्वास्थ्य चुनौती बनता जा रहा है। हाल ही में प्रकाशित एक वैश्विक रिसर्च के मुताबिक, हाई LDL यानी बैड कोलेस्ट्रॉल की वजह से होने वाली बीमारियों का सबसे बड़ा बोझ भारत और चीन पर है। अध्ययन में दावा किया गया है कि साल 2023 में दुनियाभर में बैड कोलेस्ट्रॉल से जुड़ी समस्याओं के कारण 36 लाख लोगों की मौत हुई, जिनमें बड़ी हिस्सेदारी भारत और चीन की रही।

यह भी पढे :Seasonal Flu: सर्दी-जुकाम और फ्लू में जल्दी रिकवरी के लिए खाएं ये चीजें, शरीर को मिलेगी ताकत
समय से पहले मौत का बढ़ रहा खतरा
रिसर्च के अनुसार, हाई LDL कोलेस्ट्रॉल दिल की धमनियों में चर्बी जमा कर देता है, जिससे रक्त प्रवाह प्रभावित होता है। यही स्थिति आगे चलकर हार्ट अटैक, स्ट्रोक और अन्य हृदय रोगों का कारण बन सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में अब कम उम्र के लोगों में भी हाई कोलेस्ट्रॉल और हार्ट अटैक के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, जो चिंता का विषय है।
क्यों बढ़ रहा है बैड कोलेस्ट्रॉल?
डॉक्टरों के मुताबिक, आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली और खान-पान की गलत आदतें इसके प्रमुख कारण हैं। लंबे समय तक बैठे रहना, जंक फूड और तली-भुनी चीजों का अधिक सेवन, नियमित व्यायाम की कमी, धूम्रपान, मोटापा और तनाव LDL कोलेस्ट्रॉल बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं। कई मामलों में आनुवंशिक कारण भी इसकी वजह बन सकते हैं।
किन लोगों को ज्यादा सावधान रहने की जरूरत?
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति को पहले से डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, मोटापा या परिवार में हृदय रोग का इतिहास है, तो उसे नियमित रूप से अपना लिपिड प्रोफाइल टेस्ट कराना चाहिए। 40 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए समय-समय पर कोलेस्ट्रॉल की जांच बेहद जरूरी मानी जाती है।
ऐसे रखें बैड कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कुछ आसान आदतें अपनाकर LDL कोलेस्ट्रॉल को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
- रोजाना कम से कम 30 मिनट व्यायाम या तेज़ पैदल चलें।
- तली-भुनी और प्रोसेस्ड फूड का सेवन कम करें।
- फल, हरी सब्जियां, साबुत अनाज और फाइबर युक्त भोजन को डाइट में शामिल करें।
- धूम्रपान और शराब से दूरी बनाए रखें।
- वजन नियंत्रित रखें और तनाव कम करने की कोशिश करें।
- डॉक्टर की सलाह के अनुसार नियमित हेल्थ चेकअप और लिपिड प्रोफाइल टेस्ट कराएं।
विशेषज्ञों ने दी समय पर जांच की सलाह
डॉक्टरों का मानना है कि हाई कोलेस्ट्रॉल अक्सर बिना किसी स्पष्ट लक्षण के बढ़ता रहता है। इसलिए इसे “साइलेंट किलर” भी कहा जाता है। समय पर जांच और सही जीवनशैली अपनाकर हार्ट अटैक और अन्य गंभीर हृदय रोगों के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। रिसर्च भी इस बात पर जोर देती है कि बढ़ते LDL कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने के लिए जागरूकता और समय पर इलाज बेहद जरूरी है।









