सोशल संवाद / डेस्क : आम आदमी पार्टी (AAP) के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने गरीबों के लिए मिलने वाले सब्सिडी वाले चावल को लेकर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया है कि दिल्ली में करीब 22,000 करोड़ रुपये के कथित चावल घोटाले की योजना बनाई गई थी। भारद्वाज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो साझा करते हुए इस पूरे मामले को लेकर सवाल उठाए हैं।

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हालांकि, उनके इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित सरकारी एजेंसियों की ओर से इस पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।
सब्सिडी वाले चावल को लेकर क्या है आरोप?
सौरभ भारद्वाज के मुताबिक, असम की एक सरकारी कॉरपोरेशन और दिल्ली सरकार की ओर से भारतीय खाद्य निगम (FCI) को सब्सिडी वाला चावल उपलब्ध कराने से जुड़ा प्रस्ताव भेजा गया था। AAP नेता का दावा है कि प्रस्ताव में दिल्ली के गरीब और जरूरतमंद लोगों के बीच वितरण के नाम पर हर सप्ताह करीब 31,000 मीट्रिक टन चावल की मांग की गई थी।
भारद्वाज ने आरोप लगाया कि इस व्यवस्था का उद्देश्य गरीबों तक सब्सिडी वाला चावल पहुंचाना नहीं, बल्कि सरकारी सब्सिडी वाले खाद्यान्न को दूसरे माध्यम से बेचकर आर्थिक लाभ हासिल करना था।
हर सप्ताह ₹143 करोड़ के कथित घोटाले का दावा
सौरभ भारद्वाज ने दावा किया कि प्रस्तावित व्यवस्था के तहत चावल को गरीबों में बांटने के बजाय हरियाणा की एक निजी कंपनी को बेचने की योजना थी।
उनके अनुसार, इस व्यवस्था से हर सप्ताह करीब 143 करोड़ रुपये का कथित घोटाला हो सकता था। AAP नेता ने दावा किया कि तीन साल की अवधि में यह रकम करीब 22,000 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती थी। हालांकि, भारद्वाज ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में कथित निजी कंपनी का नाम सार्वजनिक नहीं किया है।
क्या सौरभ भारद्वाज ने कोई सबूत दिया?
सौरभ भारद्वाज ने X पर वीडियो पोस्ट कर अपने आरोप सामने रखे हैं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के मुताबिक उन्होंने इन दावों के समर्थन में ऐसे दस्तावेज या स्वतंत्र प्रमाण सार्वजनिक नहीं किए हैं, जिनसे कथित घोटाले की पुष्टि हो सके। इसलिए फिलहाल इसे राजनीतिक आरोप के तौर पर ही देखा जा रहा है और मामले की वास्तविक स्थिति आधिकारिक जांच या संबंधित एजेंसियों की प्रतिक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।
दिल्ली सरकार और FCI का क्या कहना है?
सौरभ भारद्वाज के आरोपों पर फिलहाल दिल्ली सरकार, भारतीय खाद्य निगम (FCI) या संबंधित अन्य एजेंसियों की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में यह स्पष्ट नहीं है कि जिस प्रस्ताव का AAP नेता ने जिक्र किया है, वह किस स्तर पर था और उस पर क्या कार्रवाई की गई। मामले से जुड़े दस्तावेज और सरकारी रिकॉर्ड सामने आने के बाद तस्वीर और साफ हो सकती है।
22 हजार करोड़ के चावल घोटाले का दावा कितना सही?
फिलहाल ₹22,000 करोड़ के कथित चावल घोटाले की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। यह आंकड़ा सौरभ भारद्वाज द्वारा लगाए गए आरोप और उनके बताए अनुमान पर आधारित है। मामले में सरकारी पक्ष, FCI और अन्य संबंधित संस्थाओं की प्रतिक्रिया सामने आने के बाद ही आरोपों की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।









