4395 ग्राम पंचायतों और 260 प्रखंडों में ब्रॉडबैंड का होगा विस्तार

By Tamishree Mukherjee

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Broadband will be expanded to 4,395 Gram Panchayats

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सोशल संवाद / रांची : झारखंड में डिजिटल कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। संशोधित भारतनेट कार्यक्रम (अमेंडेड भारतनेट प्रोग्राम-एबीपी)-भारतनेट फेज-3 के लिए प्रोजेक्ट इंप्लीमेंटेशन एंड सपोर्ट एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए गए। समझौते पर 10 सितंबर को भारत सरकार के डिजिटल भारत निधि (डीबीएन), झारखंड सरकार तथा झारखंड डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन लिमिटेड (जेडीआईसीएल) के बीच हस्ताक्षर किए गए। भारत सरकार की ओर से डीबीएन के एडमिनिस्ट्रेटर श्यामल मिश्रा उपस्थित रहे। वहीं, झारखंड सरकार की ओर से सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की सचिव पूजा सिंघल एवं निदेशक माधवी मिश्रा ने समझौते पर हस्ताक्षर किए।

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मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में संशोधित भारतनेट कार्यक्रम को भारत सरकार एवं झारखंड सरकार की साझी पहल के रूप में लागू किया जा रहा है। इसका उद्देश्य राज्य के ग्रामीण एवं डिजिटल रूप से अपेक्षाकृत कम जुड़े क्षेत्रों में विश्वसनीय एवं हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी का विस्तार करना है। कार्यक्रम के तहत 260 प्रखंड, 4,395 ग्राम पंचायत एवं 26,777 गैर-जीपी गांवों को कवर किया जाएगा। गैर-जीपी गांवों का सीधा मतलब उन गांवों से है, जो किसी ग्राम पंचायत के अधिकार क्षेत्र या भौगोलिक सीमा में शामिल नहीं होते हैं। यह पहल राज्य के डिजिटल बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के साथ-साथ ग्रामीण परिवारों, सरकारी संस्थानों एवं अन्य उपयोगकर्ताओं तक ब्रॉडबैंड सेवाओं के विस्तार के लिए आवश्यक आधार तैयार करेगी।

ग्रामीण परिवारों व सरकारी संस्थानों तक कनेक्टिविटी

कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीण परिवारों तक फाइबर आधारित ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी के विस्तार को बढ़ावा दिया जाएगा, जिसमें सरकारी संस्थानों एवं ग्रामीण क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाएगी। बेहतर ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी से झारखंड के ग्रामीण एवं कम सेवा प्राप्त क्षेत्रों के नागरिकों की ई-गवर्नेस, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, डिजिटल सेवाओं तथा अन्य ऑनलाइन सुविधाओं तक पहुंच को और सुदृढ़ करने में सहायता मिलेगी। सुदृढ़ डिजिटल नेटवर्क बुनियादी ढांचा नागरिक-केंद्रित सेवाओं की प्रभावी आपूर्ति में भी सहायक होगा तथा सरकारी संस्थानों एवं ग्रामीण समुदायों द्वारा डिजिटल प्लेटफॉर्म के अधिक प्रभावी उपयोग को सक्षम बनाएगा।

जानिए क्या होगा और किन्हें-कैसे फायदा :

  • 4,387 मौजूदा ग्राम पंचायतों को रिंग टोपोलॉजी में अपग्रेड किया जाएगा।
  • 8 नई ग्राम पंचायतों को रिंग टोपोलॉजी के माध्यम से जोड़ा जाएगा।
  • पांच वर्षों की अवधि में 4,39,049 एफटीटीएच कनेक्शन उपलब्ध कराने का प्रावधान है।
  • ग्राम पंचायतों एवं गैर-जीपी गांवों में मांग के आधार पर हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी का विस्तार किया जाएगा।
  • नेटवर्क की क्षमता एवं विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए मिडिल-माइल इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण एवं उन्नयन किया जाएगा।
  • झारखंड में स्टेट नेटवर्क सेंटर (एसएनओसी) की स्थापना एवं संचालन किया जाएगा।
  • बीएसएनएल द्वारा जेडीआईसीएल को प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसलटेंसी (पीएमसी) सहायता प्रदान की जाएगी।
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