सोशल संवाद / झारखंड : झारखंड में बार-बार होने वाली लो वोल्टेज और कमजोर बिजली आपूर्ति की समस्या से उपभोक्ताओं को आने वाले दिनों में राहत मिल सकती है। झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) ने राज्य के हर विधानसभा क्षेत्र में कम से कम पांच नए विद्युत शक्ति उपकेंद्र यानी पावर सबस्टेशन बनाने की योजना तैयार की है।
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इस योजना को जमीन पर उतारने के लिए सभी जिलों में सबस्टेशन निर्माण के लिए जमीन चिह्नित करने और उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया गया है। नए सबस्टेशन बनने से बिजली की आपूर्ति दूरी कम होगी और मौजूदा वितरण नेटवर्क पर दबाव घटाने में मदद मिलेगी।
हर विधानसभा क्षेत्र में कम से कम 5 नए सबस्टेशन
ऊर्जा विकास निगम के सीएमडी के. श्रीनिवासन के अनुसार, उपभोक्ताओं तक बेहतर वोल्टेज के साथ बिजली पहुंचाने के लिए वितरण नेटवर्क को मजबूत करना जरूरी है। इसी उद्देश्य से नए पावर सबस्टेशन के साथ छोटी दूरी के फीडर विकसित किए जाएंगे।
इससे बिजली को उपभोक्ताओं तक पहुंचने में कम दूरी तय करनी पड़ेगी। खासकर उन इलाकों में इसका फायदा मिलने की उम्मीद है, जहां लंबी दूरी के फीडरों के कारण लो वोल्टेज और बिजली आपूर्ति में उतार-चढ़ाव की समस्या बनी रहती है।
नए सबस्टेशन के लिए जमीन तलाशने का निर्देश
जेबीवीएनएल के निदेशक (वितरण एवं परियोजना) प्रभात कुमार श्रीवास्तव ने सभी विद्युत आपूर्ति क्षेत्रों के महाप्रबंधक सह मुख्य अभियंताओं को पत्र भेजा है।
अधिकारियों से संबंधित जिलों के उपायुक्तों से संपर्क कर नए पावर सबस्टेशन के लिए जमीन उपलब्ध कराने को कहा गया है। साथ ही जमीन की पहचान और उपलब्धता से जुड़ी अनुपालन रिपोर्ट मुख्यालय को भेजने का निर्देश भी दिया गया है।
ग्रामीण क्षेत्रों में 15 से 20 किलोमीटर के दायरे पर फोकस
जेबीवीएनएल की योजना का फोकस केवल शहरी इलाकों तक सीमित नहीं है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी 15 से 20 किलोमीटर के दायरे में 33/11 केवी के नए सबस्टेशन विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है।
वर्तमान में कई ग्रामीण इलाकों में बिजली की आपूर्ति लंबी दूरी के फीडरों के जरिए होती है। नए सबस्टेशन बनने से इन फीडरों की लंबाई कम की जा सकेगी और बिजली वितरण व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।
उपभोक्ताओं को क्या होगा फायदा?
1. लो वोल्टेज की समस्या कम होगी
नए सबस्टेशन उपभोक्ताओं के करीब होने से बिजली को लंबी दूरी तक पहुंचाने की जरूरत कम होगी। इससे खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में लो वोल्टेज की समस्या कम करने में मदद मिल सकती है।
2. बिजली की गुणवत्ता में सुधार
छोटी दूरी के फीडर और मजबूत वितरण नेटवर्क से उपभोक्ताओं तक अधिक स्थिर वोल्टेज में बिजली पहुंचाने में मदद मिलेगी। इससे बिजली की गुणवत्ता बेहतर होने की उम्मीद है।
3. बिजली सप्लाई ज्यादा भरोसेमंद होगी
नए पावर सबस्टेशन बनने से मौजूदा नेटवर्क पर दबाव कम होगा। किसी क्षेत्र में तकनीकी खराबी आने पर वैकल्पिक व्यवस्था तैयार करने में भी मदद मिलेगी, जिससे बिजली आपूर्ति को अधिक भरोसेमंद बनाया जा सकेगा।
कब तक तैयार होंगे नए पावर सबस्टेशन?
जेबीवीएनएल की ओर से फिलहाल जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की गई है। नए सबस्टेशन कब तक बनकर तैयार होंगे, इसकी समयसीमा जमीन उपलब्ध होने और परियोजना की आगे की प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी।
राज्य में बिजली की बढ़ती मांग को देखते हुए यह योजना झारखंड की बिजली वितरण व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है। अगर योजना तय समय पर आगे बढ़ती है, तो लंबे समय से लो वोल्टेज और कमजोर बिजली सप्लाई की समस्या झेल रहे उपभोक्ताओं को इसका फायदा मिल सकता है।










