सोशल संवाद / रांची : झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (जेटेटे) नियमावली में क्षेत्रीय भाषाओं से जुड़े मामले की समीक्षा के लिए राज्य सरकार ने पांच मंत्रियों की उच्चस्तरीय समिति बनाई है। कार्मिक विभाग ने अधिसूचना जारी कर दी है। समिति जेटेटेनियमावली में विभिन्न जिलों के लिए निर्धारित भाषा संबंधी मामलों पर विचार करने और जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा को शामिल या विलोपित करने की समीक्षा करेगी।
उसके बाद सरकार को अनुशंसा सौंपेगी। पांच सदस्यीय समिति का समन्वयक वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर को बनाया गया है। समिति में अन्य मंत्रियों में संजय प्रसाद यादव, दीपिका पांडेय सिंह, योगेंद्र प्रसाद और सुदिव्य कुमार शामिल हैं। स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग समिति की बैठकों का आयोजन और अभिलेख उपलब्ध कराएगा। अधिसूचना की प्रतिलिपि मुख्य सचिव, मंत्रिमंडल सचिवालय व निगरानी विभाग के अपर मुख्य सचिव भी भेजी गई है।
कैबिनेट बैठक में लाई गई थी परीक्षा की नियमावली
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में 15 अप्रैल को कैबिनेट की बैठक में जेटेट नियमावली लाई गई थी। तब नियमावली में मगही, भोजपुरी और अंगिका को शामिल नहीं किए जाने पर मंत्री राधाकृष्ण व दीपिका पांडेय ने नाराजगी जताई थी। 28 को उक्त भाषाएं शामिल किए बिना नियमावली स्वीकृत हुई। तब सीएम ने उच्चस्तरीय कमेटी के गठन का निर्देश दिया था।









