सोशल संवाद /रांची : झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं को लेकर जारी छात्र आंदोलन के बीच बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने हेमंत सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सरकार से पूरे मामले की CBI जांच की अनुशंसा करने और वर्ष 2019 से 2026 तक हुई JPSC-JSSC परीक्षाओं की जांच कराने की मांग की।
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आदित्य साहू रविवार को रांची के सदर अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने आंदोलन के दौरान घायल छात्र राहुल क्रांति से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और जल्द स्वस्थ होने की कामना की। इसके बाद वे कचहरी रोड स्थित जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पहुंचे और JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों से मुलाकात की। उन्होंने आमरण अनशन पर बैठे छात्र-छात्राओं से भी बातचीत की।
CBI जांच से क्यों डर रही सरकार?
छात्रों को संबोधित करते हुए आदित्य साहू ने कहा कि सरकार गंभीर सवालों के बावजूद केवल बातचीत और आश्वासन के जरिए मामले को टालने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार की नीयत साफ है तो उसे CBI जांच की अनुशंसा करने से डरना नहीं चाहिए।
उन्होंने कहा कि छात्रों की मांग केवल आश्वासन की नहीं, बल्कि निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की है। सरकार को तत्काल CBI जांच की अनुशंसा करनी चाहिए, ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके।
रिजल्ट में विसंगतियों पर उठाए सवाल
आदित्य साहू ने परीक्षा परिणामों को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अलग-अलग चरणों में परिणाम जारी किए जाने से छात्रों के बीच कई तरह की शंकाएं पैदा हो रही हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि 152 अंक पाने वाले अभ्यर्थी को जॉइनिंग मिल रही है, जबकि 172 अंक पाने वाले अभ्यर्थी को जॉइनिंग नहीं मिल रही। सरकार को ऐसी विसंगतियों पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि रिजल्ट जारी होने के बाद पैसे के लेन-देन और बिचौलियों से जुड़े गंभीर आरोप सामने आ रहे हैं। उनका कहना था कि यदि इन आरोपों के प्रमाण हैं तो सरकार को संबंधित लोगों पर कार्रवाई करनी चाहिए।
CID जांच पर भी सवाल
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने CID जांच पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि जब सरकार पर ही गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं, तब सरकार के प्रभाव के दायरे में रहने वाली एजेंसी से जांच कराने पर छात्रों का भरोसा कैसे कायम होगा। उन्होंने कहा कि छात्रों को ऐसी जांच चाहिए, जिस पर पूरे राज्य को विश्वास हो।
राहुल गांधी पर भी साधा निशाना
आदित्य साहू ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि राहुल गांधी छात्रों की आवाज को दबाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि अगर राहुल गांधी में नैतिकता है तो उन्हें युवाओं की आवाज बुलंद करनी चाहिए और छात्रों की CBI जांच की मांग को स्वीकार कराने की पहल करनी चाहिए।
ABVP कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज का विरोध
आदित्य साहू ने ABVP कार्यकर्ताओं पर हुए लाठीचार्ज को बर्बरतापूर्ण कार्रवाई बताया। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता शांतिपूर्ण तरीके से घेराव कर रहे थे, लेकिन उन पर लाठियां बरसाई गईं। उन्होंने सवाल किया कि सरकार ने छात्रों और कार्यकर्ताओं से बातचीत क्यों नहीं की।
उन्होंने कहा कि छात्रों का आंदोलन केवल कुछ लोगों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह युवाओं के रोजगार, अधिकार और भविष्य से जुड़ा मुद्दा है। सरकार को आंदोलन दबाने के बजाय छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
10 अगस्त के विधानसभा घेराव को लेकर बड़ा दावा
आदित्य साहू ने कहा कि 10 अगस्त को प्रस्तावित विधानसभा घेराव अभूतपूर्व होगा और पूरे राज्य से छात्र इसमें शामिल होने पहुंचेंगे। उन्होंने कहा कि युवा अपने अधिकार और भविष्य के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष कर रहे हैं।
उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अब समय केवल आश्वासन देने का नहीं, बल्कि कार्रवाई करने का है। सरकार तत्काल CBI जांच की अनुशंसा करे, परीक्षा परिणामों में पारदर्शिता सुनिश्चित करे और छात्रों के सभी सवालों का स्पष्ट जवाब दे।









