सोशल संवाद / डेस्क : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश में जल संकट को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अगर ब्रह्मपुत्र, गोदावरी और कावेरी जैसी प्रमुख नदियों को आपस में जोड़ने की दिशा में काम किया जाता है, तो भारत में अगले 100 वर्षों तक पानी की कमी नहीं होगी।
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अमित शाह ने नदी जोड़ो परियोजनाओं को देश के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि भारत के अलग-अलग हिस्सों में पानी की उपलब्धता एक समान नहीं है। कुछ क्षेत्रों में बाढ़ की समस्या रहती है, जबकि कई इलाकों को सूखे और जल संकट का सामना करना पड़ता है। ऐसे में अतिरिक्त जल वाले क्षेत्रों से जरूरत वाले इलाकों तक पानी पहुंचाने की योजना महत्वपूर्ण हो सकती है।
उन्होंने कहा कि नदियों को जोड़ने से पानी के बेहतर प्रबंधन के साथ-साथ सिंचाई की सुविधाओं को भी बढ़ाया जा सकता है। इससे किसानों को लाभ मिलने और कृषि क्षेत्र को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
शाह के मुताबिक, ब्रह्मपुत्र जैसी नदियों में उपलब्ध अतिरिक्त पानी का बेहतर इस्तेमाल किया जा सकता है। इसे गोदावरी और आगे दक्षिण भारत की नदियों से जोड़ने की योजनाओं पर काम होने से देश के कई हिस्सों में जल उपलब्धता बढ़ाई जा सकती है।
हालांकि, नदी जोड़ो परियोजनाओं को लेकर पर्यावरण, राज्यों के बीच पानी के बंटवारे और विस्थापन जैसे मुद्दे भी लंबे समय से चर्चा में रहे हैं। इसलिए ऐसी परियोजनाओं को लागू करने में कई स्तरों पर सहमति और विस्तृत अध्ययन की जरूरत होगी।
अमित शाह का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब देश में जल संरक्षण और भविष्य की पानी की जरूरतों को लेकर चर्चा लगातार बढ़ रही है। सरकार की नदी जोड़ो योजनाओं पर अब यह देखना अहम होगा कि इन्हें जमीन पर कितनी तेजी से लागू किया जाता है।









