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पहलगाम आतंकी हमले की बरसी: दर्द, आक्रोश और आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक संकल्प

By Riya Kumari

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सोशल संवाद / डेस्क : जम्मू-कश्मीर के पहलगाम की लिद्दर नदी आज भी उसी रफ्तार से बह रही है, मानो वक्त थमा ही न हो। लेकिन उसके किनारे बना स्मारक हर गुजरने वाले को ठहरने पर मजबूर कर देता है। 22 अप्रैल 2025 को बैसरन घाटी में हुआ आतंकी हमला सिर्फ 26 जिंदगियां नहीं ले गया, बल्कि पूरे देश के दिल पर गहरा जख्म छोड़ गया।

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आज वही स्थान शोक, स्मृति और संकल्प का प्रतीक बन चुका है, जहां लोग अब सिर्फ घूमने नहीं, बल्कि श्रद्धांजलि देने और सोचने के लिए पहुंचते हैं।

बरसी पर देशभर में आक्रोश और संकल्प

पहलगाम हमले की बरसी इस बार सिर्फ शोक तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह आतंकवाद के खिलाफ एक मजबूत संदेश बनकर उभरी। मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के नेतृत्व में देशभर में बैठकें, प्रदर्शन और जनसभाएं आयोजित की गईं, जिन्होंने इस दिन को एक जनआंदोलन का रूप दे दिया।

सड़कों पर लोगों का आक्रोश साफ दिखाई दिया कहीं पुतले जलाए गए, तो कहीं रैलियां और जुलूस निकाले गए। हर आवाज में एक ही संदेश था अब आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई जरूरी है।

इंद्रेश कुमार का सख्त संदेश: आर-पार की लड़ाई

मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के वरिष्ठ नेता इंद्रेश कुमार ने कड़े शब्दों में कहा कि “ऑपरेशन सिंदूर” कोई अस्थायी कदम नहीं, बल्कि आतंकवाद के पूर्ण खात्मे तक चलने वाला मिशन है।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि भारत अब सहन करने वाला देश नहीं रहा। यदि पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद ने फिर सिर उठाया, तो जवाब और भी कड़ा और निर्णायक होगा।

पाकिस्तान की नीतियों पर उठे सवाल

इंद्रेश कुमार ने पाकिस्तान की आतंकवाद समर्थक नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि ऐसे रवैये का अंत तय है। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान आंतरिक अस्थिरता से जूझ रहा है और भविष्य में इसके गंभीर परिणाम सामने आएंगे।

साथ ही उन्होंने PoJK (पाक अधिकृत कश्मीर) को लेकर कहा कि यह एक दिन भारत का हिस्सा बनेगा—यह केवल दावा नहीं, बल्कि भविष्य की दिशा है।

यह पूरे देश की लड़ाई है’ – डॉ. शाहिद अख्तर

डॉ. शाहिद अख्तर ने कहा कि पहलगाम जैसी घटनाएं सिर्फ सुरक्षा बलों की चुनौती नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए चेतावनी हैं। उन्होंने हर नागरिक से आतंकवाद के खिलाफ इस लड़ाई में सक्रिय भागीदारी की अपील की।

हर आंसू का जवाब मिलेगा’ – डॉ. शालिनी अली

डॉ. शालिनी अली ने भावुक शब्दों में कहा कि जिन परिवारों ने अपने अपनों को खोया है, उनके दर्द को पूरा देश महसूस करता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जरूरत पड़ने पर और कड़े कदम उठाए जाएंगे।

कार्रवाई की मांग तेज मोहम्मद अफज़ल

मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के राष्ट्रीय संयोजक मोहम्मद अफज़ल ने कहा कि अब सिर्फ बयानबाजी का समय नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई का वक्त है। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ चल रहे अभियानों को और तेज करने की मांग की।

देशभर में एक स्वर: अब नहीं रुकेगी लड़ाई

पहलगाम हमले की बरसी ने एक बार फिर यह साफ कर दिया कि आतंकवाद केवल सुरक्षा का मुद्दा नहीं, बल्कि राष्ट्र की आत्मा पर हमला है। इस बार देश ने केवल शोक नहीं मनाया, बल्कि अपने आक्रोश को एक मजबूत संकल्प में बदल दिया।

देशभर में रैलियों, जुलूसों और प्रदर्शनों के जरिए एक ही संदेश गूंजा
“न भूलेंगे, न छोड़ेंगे”
“अब नरमी नहीं, सीधी कार्रवाई”

पहलगाम की यह बरसी केवल अतीत को याद करने का दिन नहीं, बल्कि भविष्य के लिए एक चेतावनी और संकल्प है। देश का संदेश स्पष्ट है जब तक आतंकवाद की आखिरी जड़ खत्म नहीं होती, यह लड़ाई जारी रहेगी।

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