सोशल संवाद / रांची : सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड के पारा शिक्षकों की ओर से दायर याचिकाओं पर फैसला सुनाते हुए उन्हें बड़ी राहत दी है. कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि सहायक शिक्षक और सहायक आचार्य के 50% आरक्षित पदों पर सिर्फ पारा शिक्षकों (सहायक अध्यापक) से आवेदन लेकर नियुक्ति प्रक्रिया पूरी की जाये. सरकार को 10 सप्ताह मैं नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने का आदेश दिया गया है. सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को हर शैक्षणिक सत्र में पारा शिक्षकों के लिए आरक्षित 50% रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया चलाने का निर्देश दिया है.
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कोर्ट ने रिक्तियों की पहचान करने, विज्ञापन जारी करने, मेधा सूची तैयार करने और नियुक्ति पत्र देने की समय-सीमा भी तय की है. वर्तमान शैक्षणिक वर्ष के लिए चार सप्ताह में रिक्तियों का निर्धारण कर दो सप्ताह में विज्ञापन जारी करने की समय सीमा तय की है. उक्त फैसला जस्टिस पंकज मित्तल व जस्टिस एसवीएन भट्टी की पीठ ने सुनाया है. हर शैक्षणिक वर्ष के लिए भी कोर्ट ने शिड्यूल तय किया है.
चार सप्ताह में पद चिह्नित कर दो सप्ताह में विज्ञापन जारी करने और 10 सप्ताह में नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने का आदेश राज्य में कार्यरत टेट पास आठ हजार पारा शिक्षकों के सहायक आचार्य बनने का रास्ता हुआ साफ हर वर्ष 31 मार्च तक रिक्तियां तय कर एक अप्रैल तक भर्ती प्रक्रिया शुरू करें ।
पीठ ने माना कि झारखंड सरकार ने 2012 तथा 2022 की नियमावली में सहायक शिक्षक व सहायक आचार्य के 50% पद पारा शिक्षकों के लिए आरक्षित किया है. पीठ ने निर्देश दिया कि भविष्य में हर शैक्षणिक वर्ष में 31 मार्च तक रिक्तियां तय कर एक अप्रैल तक भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाये.
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