सोशल संवाद / सरायकेला-खरसावां: महिलाओं और किशोरियों के स्वास्थ्य एवं स्वच्छता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत जिलेभर में “चुप्पी तोड़ो–स्वस्थ रहो” अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत विभिन्न प्रखंडों, पंचायतों, विद्यालयों और शहरी क्षेत्रों में माहवारी स्वच्छता प्रबंधन (Menstrual Hygiene Management) को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
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माहवारी से जुड़े मिथकों और संकोच को दूर करने की पहल
अभियान का मुख्य उद्देश्य किशोरियों और महिलाओं को माहवारी स्वच्छता के प्रति जागरूक बनाना तथा इस विषय से जुड़े सामाजिक संकोच, भ्रांतियों और गलत धारणाओं को दूर करना है। कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं को यह संदेश दिया जा रहा है कि माहवारी एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, जिसे लेकर खुलकर बात करना और सही जानकारी प्राप्त करना आवश्यक है।
स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी दी जा रही महत्वपूर्ण जानकारी
जागरूकता कार्यक्रमों के दौरान महिलाओं एवं किशोरियों को माहवारी के समय व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने, सुरक्षित स्वच्छता सामग्री के उपयोग, संक्रमण से बचाव और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों की विस्तृत जानकारी दी जा रही है। विशेषज्ञों द्वारा स्वस्थ जीवनशैली और स्वच्छता के महत्व पर भी प्रकाश डाला जा रहा है।
रैली, गोष्ठी और शपथ कार्यक्रमों से बढ़ाई जा रही जागरूकता
अभियान के तहत रैली, समूह चर्चा, जागरूकता गोष्ठी, शपथ ग्रहण कार्यक्रम और विभिन्न सूचना, शिक्षा एवं संचार (IEC) गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। इन कार्यक्रमों के जरिए माहवारी से जुड़े अंधविश्वासों और कुरीतियों को समाप्त करने का प्रयास किया जा रहा है।
महिलाओं के स्वास्थ्य और सम्मान से जुड़ा महत्वपूर्ण अभियान
जिला प्रशासन का मानना है कि माहवारी स्वच्छता के प्रति जागरूकता केवल स्वास्थ्य का विषय नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान, आत्मविश्वास और सशक्तिकरण से भी जुड़ा हुआ है। सही जानकारी और बेहतर स्वच्छता प्रबंधन से किशोरियों और महिलाओं के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
जनसहभागिता बढ़ाने की अपील
जिला प्रशासन ने आम नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, स्वयं सहायता समूहों और सामाजिक संगठनों से इस अभियान को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की है। प्रशासन का लक्ष्य है कि जिले की हर किशोरी और महिला तक माहवारी स्वच्छता से जुड़ी सही जानकारी पहुंचे और वे स्वस्थ एवं सुरक्षित जीवन जी सकें।









