सोशल संवाद / जमशेदपुर : सरायकेला-खरसावां जिले के सुंदरनगर स्थित तुरामडीह माइंस गेट पर सोमवार को विस्थापित परिवारों के अधिकार, सम्मान और न्यायपूर्ण पुनर्वास की मांग को लेकर तुरामडीह विस्थापित समिति के बैनर तले विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस आंदोलन को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) जमशेदपुर महानगर का समर्थन मिला, जिसमें सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने भाग लेकर विस्थापित परिवारों की मांगों के पक्ष में आवाज उठाई।
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धरना-प्रदर्शन में राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा सहित कई वरिष्ठ भाजपा नेता शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने विस्थापित परिवारों की समस्याओं को गंभीर बताते हुए उनके समाधान तक संघर्ष जारी रखने का भरोसा दिलाया।
विस्थापितों की मांगें पूरी तरह जायज : अर्जुन मुंडा
सभा को संबोधित करते हुए अर्जुन मुंडा ने कहा कि विस्थापित परिवारों की मांगें पूरी तरह न्यायोचित हैं और इन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि पूर्व में नांदूप गांव के विस्थापितों और कंपनी प्रबंधन के बीच हुए समझौते को अब तक धरातल पर लागू नहीं किया गया है, जबकि ग्रामीणों की ओर से कई बार मांगपत्र भी सौंपे जा चुके हैं।
उन्होंने कंपनी प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि वर्षों से लंबित समस्याओं का समाधान नहीं होना चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि विस्थापित परिवारों के अधिकारों की रक्षा और न्यायपूर्ण पुनर्वास सुनिश्चित करने के लिए आंदोलन को अंजाम तक पहुंचाया जाएगा।

भाजपा हमेशा विस्थापितों के साथ : संजीव सिन्हा
भाजपा जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष संजीव सिन्हा ने कहा कि तुरामडीह माइंस परियोजना के कारण नांदूप मौजा के कई परिवारों को अपने घर, कृषि भूमि और पारंपरिक धार्मिक स्थलों से विस्थापित होना पड़ा। इसके बावजूद रोजगार, पुनर्वास और मुआवजे जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दे आज भी अधूरे हैं।
उन्होंने कहा कि भाजपा हमेशा से विस्थापितों के अधिकारों और सम्मानजनक पुनर्वास की पक्षधर रही है और आगे भी उनकी आवाज को मजबूती से उठाती रहेगी।
यूसीआईएल प्रबंधन से हुई वार्ता
धरना-प्रदर्शन के दौरान यूसीआईएल (UCIL) तुरामडीह प्रबंधन का प्रतिनिधिमंडल वार्ता के लिए धरनास्थल पहुंचा। इस दौरान विस्थापित समिति, जनप्रतिनिधियों और कंपनी अधिकारियों के बीच विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में रोजगार, पुनर्वास, मुआवजा और अन्य लंबित मांगों को प्रमुखता से उठाया गया।
कंपनी प्रबंधन ने मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए समाधान की दिशा में सकारात्मक पहल करने का आश्वासन दिया। वहीं, तुरामडीह विस्थापित समिति की ओर से प्रबंधन को एक विस्तृत मांगपत्र भी सौंपा गया, जिसमें विस्थापित एवं प्रभावित परिवारों की समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की गई।
बड़ी संख्या में ग्रामीण और भाजपा कार्यकर्ता रहे मौजूद
धरना-प्रदर्शन में भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, ग्राम प्रधानों, विस्थापित समिति के पदाधिकारियों तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणों और विस्थापित परिवारों ने भाग लिया। आंदोलन के दौरान सभी ने एकजुट होकर रोजगार, पुनर्वास और अधिकारों की लड़ाई को जारी रखने का संकल्प लिया।











