सोशल संवाद / डेस्क : मोबाइल पर अनजान नंबर से आने वाली कॉल अब पहले की तरह परेशानी का कारण नहीं बनेगी। कई बार लोग यह समझ नहीं पाते कि फोन करने वाला कौन है और कॉल उठाना सुरक्षित है या नहीं। लेकिन अब इस समस्या को कम करने के लिए देश में नई व्यवस्था शुरू की जा रही है। 1 नवंबर 2026 से Calling Name Presentation (CNAP) सर्विस लागू करने की प्रक्रिया शुरू हो रही है। इसके तहत मोबाइल पर अनजान नंबर से कॉल आने पर नंबर के साथ कॉल करने वाले का रजिस्टर्ड नाम भी दिखाई देगा।
यह भी पढे : Motorola Razr Flex 27: मोटोरोला के नए फोल्डेबल फोन का नाम कंफर्म, TDRA लिस्टिंग में आया सामने; फीचर्स भी लीक
दूरसंचार विभाग (DoT) ने Airtel, Reliance Jio, Vodafone Idea और BSNL समेत टेलीकॉम कंपनियों को अपने नेटवर्क पर यह सुविधा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। खास बात यह है कि इसके लिए मोबाइल यूजर्स को Truecaller जैसे किसी थर्ड पार्टी ऐप को डाउनलोड करने या अलग से पैसे खर्च करने की जरूरत नहीं होगी।
कैसे काम करेगी CNAP सर्विस?
CNAP यानी Calling Name Presentation एक ऐसी तकनीक है, जिसकी मदद से कॉल रिसीव करने वाले व्यक्ति को फोन करने वाले का रजिस्टर्ड नाम दिखाई देगा। इसके लिए टेलीकॉम कंपनियां अपने ग्राहकों के मोबाइल नंबर और उनके रजिस्टर्ड नाम का डेटाबेस इस्तेमाल करेंगी।
जब कोई व्यक्ति किसी अनजान नंबर से कॉल करेगा, तो रिसीवर की टेलीकॉम कंपनी संबंधित नेटवर्क से कॉलर के नाम की जानकारी प्राप्त कर मोबाइल स्क्रीन पर दिखाएगी। अगर कॉल करने वाले का नंबर पहले से आपके फोन में सेव है, तो आपकी कॉन्टैक्ट लिस्ट में मौजूद नाम ही दिखाई देगा।
Truecaller डाउनलोड करने की नहीं होगी जरूरत
अभी तक अनजान नंबर की पहचान करने के लिए बड़ी संख्या में लोग Truecaller जैसे ऐप का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन CNAP सर्विस शुरू होने के बाद कॉलर की पहचान के लिए किसी थर्ड पार्टी ऐप पर निर्भरता कम हो सकती है।
इस सुविधा की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह टेलीकॉम नेटवर्क के स्तर पर काम करेगी। यानी यूजर्स को अलग से कोई ऐप इंस्टॉल करने या सब्सक्रिप्शन लेने की जरूरत नहीं होगी।
किन मोबाइल यूजर्स को मिलेगा फायदा?
इस व्यवस्था के तहत Airtel, Jio, Vodafone Idea और BSNL जैसे प्रमुख टेलीकॉम ऑपरेटरों को 4G और उससे ऊपर के नेटवर्क पर CNAP सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
हालांकि, 1 नवंबर से निर्देश लागू होने का मतलब यह नहीं है कि सभी मोबाइल यूजर्स को उसी दिन से यह सुविधा मिलने लगेगी। अलग-अलग टेलीकॉम कंपनियों के तकनीकी रोलआउट के आधार पर यूजर्स को इसका लाभ मिलेगा।
विदेश से कॉल आने पर क्या दिखाई देगा?
CNAP सर्विस में अंतरराष्ट्रीय कॉल के लिए अलग व्यवस्था होगी। यदि किसी दूसरे देश से आपके मोबाइल पर कॉल आती है, तो स्क्रीन पर कॉल करने वाले का नाम दिखाने के बजाय ‘International Call’ लिखा दिखाई दे सकता है।
वहीं, जिन मोबाइल ग्राहकों ने Calling Line Identification Restriction (CLIR) सुविधा ली हुई है, उनका नाम दूसरे व्यक्ति की स्क्रीन पर प्रदर्शित नहीं किया जाएगा।
क्या फर्जी कॉल और साइबर फ्रॉड पर लगेगी रोक?
CNAP सर्विस से अनजान नंबरों की पहचान करना आसान हो सकता है। इससे संदिग्ध कॉल को पहचानने और संभावित धोखाधड़ी से सतर्क रहने में मदद मिल सकती है। हालांकि, मोबाइल स्क्रीन पर दिखाई देने वाले नाम को पूरी तरह सुरक्षा की गारंटी नहीं मानना चाहिए। बैंक, OTP, पासवर्ड या निजी जानकारी मांगने वाली कॉल से हमेशा सावधान रहें।
कुल मिलाकर, CNAP सर्विस मोबाइल यूजर्स के लिए कॉलिंग अनुभव को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।










