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चैम्बर अध्यक्ष विजय आनंद मूनका ने ज्रेडा द्वारा एमएसएमई में ऊर्जा बचत को लेकर आयोजित कार्यशाला का उद्घाटन किया

By Tamishree Mukherjee

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चैम्बर अध्यक्ष विजय आनंद मूनका ने ज्रेडा द्वारा एमएसएमई में ऊर्जा बचत
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सोशल संवाद / जमशेदपुर : झारखण्ड अक्षय उर्जा विकास एजेंसी (ज्रेडा) जो कि झारखण्ड में उर्जा संरक्षण प्रावधानों को लागू करने के लिये स्थापित एजेंसी के द्वारा साकची स्थित एक होटल में  लघु, सूक्ष्म एवं मध्यम उद्यमों (एम.एस.एम.ई.) के साथ ही अन्य संबंधित हितधारकों के लिये भविष्य में उर्जा की महत्ता को देखते हुये उर्जा संरक्षण एवं उर्जा दक्षता पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला एवं जागरूकता कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित सिंहभूम चैम्बर के अध्यक्ष विजय आनंद मूनका ने किया। 

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इस अवसर पर सम्मानित अतिथि के रूप में चैम्बर उपाध्यक्ष पुनीत कांवटिया सचिव बिनोद शर्मा, चाईबासा चैम्बर ऑफ कॉमर्स के सचिव नीरज सांडवार एवं ज्रेडा के हेड अथिलेश गौतम उपस्थित थे।

मुख्य अतिथि के रूप उपस्थित चैम्बर अध्यक्ष विजय आनंद मूनका ने ज्रेडा के द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम की सराहना करते हुये कहा कि देश के माननीय प्रधानमंत्री के विजन अगले कुछ वर्षों में भारत को तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने में एम.एस.एम.ई एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली है और उसके लिये उर्जा एक महत्वपूर्ण घटक के रूप में उभरकर सामने आयेगी जिसकी जरूरत सबसे ज्यादा एमएसएमई को होगी। इसलिये आज एम.एस.एम.ई एवं अन्य हितधारकों को इसपर सबसे ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है।

उद्यमी अपने प्रतिष्ठानों उर्जा का संरक्षण करते हुये कैसे इसके कम से कम उपयोग कर अपने उत्पादन को बढ़ाये।  इसमें एमएसएमई को भविष्य के लिये दक्ष होना होगा। ऐसा माना जा रहा है कि अगले कुछ वर्षों में उर्जा की जरूरत सबसे ज्यादा भारत को होगी। इसलिये अभी से हमें इसपर कार्य करना होगा उद्यमों में उर्जा दक्षता और संरक्षण, कुशल प्रौद्योगिकियां, एमएसएमई में उर्जा ऑडिट, उर्जा संरक्षण उपाय, जेडईडी और एलईएएन योजना को अपनाने के लिये प्रोत्साहित करना होगा। साथ उर्जा के नये स्त्रोंतों को विकसित करने पर ध्यान केन्द्रित करने की आवश्यकता पर भी ध्यान देना होगा।

प्रशिक्षक के रूप में ईसीबीसी मास्टर टेªनर, स्ट्रकचरल एंड सस्टेनेबिलिटी कंसल्टेंट जितेन्द्र व्यास,    ए.एस.एच.आर.ए.ई डब्ल्यूआईसी के पूर्व अध्यक्ष एवं आई.एस.एच.आर.ए.ई. इन्दौर चैप्टर के बीओजी सदस्य राणा प्रताप पोद्दार उपस्थित थे। 

कार्यशाला को सफल बनाने में ज्रेडा के अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।   कार्यशाला में 45 से अधिक सूक्षम, लघु और मध्यम उद्योगों के अधिकारियों और अन्य हितधारकों ने तथा बड़ी संख्या में व्यवसायी एवं उद्यमीगणों ने उपस्थित होकर इसका लाभ उठाया।

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