सोशल संवाद / डेस्क : सिरदर्द एक आम समस्या है, जो तनाव, नींद की कमी, डिहाइड्रेशन या माइग्रेन जैसी वजहों से हो सकता है। लेकिन यदि सिरदर्द लगातार बना रहे, पहले से ज्यादा गंभीर हो जाए या उसके साथ कुछ असामान्य लक्षण भी दिखाई दें, तो इसे हल्के में लेना ठीक नहीं है। विशेषज्ञों के अनुसार, कुछ मामलों में यह ब्रेन ट्यूमर (Brain tumor) जैसी गंभीर बीमारी का शुरुआती संकेत भी हो सकता है, हालांकि अधिकांश सिरदर्द का कारण ब्रेन ट्यूमर नहीं होता।

कब सामान्य नहीं माना जाता सिरदर्द?
यदि सिरदर्द की प्रकृति अचानक बदल जाए, दर्द लगातार बढ़ता जाए या सुबह उठते ही तेज सिरदर्द महसूस हो, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। खासकर यदि दर्द के साथ उल्टी, धुंधला दिखना या शरीर के किसी हिस्से में कमजोरी जैसे लक्षण भी हों, तो जांच कराना बेहतर होता है।
ब्रेन ट्यूमर (Brain tumor) के संभावित चेतावनी संकेत
ब्रेन ट्यूमर के लक्षण उसके आकार और मस्तिष्क में उसकी स्थिति पर निर्भर करते हैं। इनमें शामिल हो सकते हैं:
- लगातार या बढ़ता हुआ सिरदर्द
- बार-बार मतली या उल्टी आना
- धुंधला या दोहरा दिखाई देना
- शरीर के किसी हिस्से में कमजोरी या सुन्नपन
- संतुलन बिगड़ना या चलने में परेशानी
- याददाश्त कमजोर होना या भ्रम की स्थिति
- बोलने में कठिनाई
- व्यवहार या व्यक्तित्व में बदलाव
- पहली बार दौरा (Seizure) पड़ना
हर सिरदर्द ब्रेन ट्यूमर (Brain tumor) नहीं होता
विशेषज्ञ बताते हैं कि अधिकांश सिरदर्द तनाव, माइग्रेन, थकान, डिहाइड्रेशन या अन्य सामान्य कारणों से होते हैं। इसलिए केवल सिरदर्द होने का मतलब यह नहीं कि व्यक्ति को ब्रेन ट्यूमर है। लेकिन यदि लक्षण लगातार बने रहें या समय के साथ गंभीर होते जाएं, तो चिकित्सकीय जांच कराना जरूरी है।
कब तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें?
यदि सिरदर्द के साथ बेहोशी, दौरा, बोलने में दिक्कत, अचानक दृष्टि कम होना, हाथ-पैर में कमजोरी या तेज उल्टी जैसे लक्षण दिखाई दें, तो बिना देरी किए न्यूरोलॉजिस्ट से संपर्क करें। समय पर जांच और उपचार से गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है।











