सोशल संवाद/डेस्क: दिल्ली-NCR में बढ़ते वायु प्रदूषण ने अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। जहरीली हवा के बीच बच्चों को स्कूल भेजने को लेकर अब अभिभावक प्रशासन से पहले ही फैसला लेने की मांग कर रहे हैं। दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में 10 से 15 नवंबर तक स्कूलों में स्मॉग ब्रेक घोषित करने की मांग उठी है।
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LocalCircles के सर्वे के मुताबिक, 53 फीसदी अभिभावक चाहते हैं कि प्रशासन प्रदूषण की स्थिति को देखते हुए पहले से ही स्कूलों में छह दिनों की छुट्टी घोषित करे। वहीं, 47 फीसदी अभिभावकों का मानना है कि स्कूल तभी बंद होने चाहिए, जब वायु गुणवत्ता गंभीर (Severe) श्रेणी में पहुंच जाए या तय सीमा पार कर जाए।
AQI 555 पहुंचने से बढ़ी चिंता
4 नवंबर 2026 को जारी सर्वे रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली-NCR का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 555 तक पहुंच गया था। इस दौरान औसत PM2.5 का स्तर 450 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर और PM10 का स्तर 215 दर्ज किया गया।
प्रदूषण का सबसे ज्यादा असर बच्चों पर पड़ने की आशंका है। स्कूल आने-जाने, सुबह की प्रार्थना सभा और खेलकूद जैसी गतिविधियों के दौरान बच्चे प्रदूषित हवा के संपर्क में आते हैं। ऐसे में अभिभावक चाहते हैं कि बच्चों को कुछ दिनों तक घर से पढ़ाई करने का विकल्प मिले।
49% अभिभावक ऑनलाइन क्लास के पक्ष में
सर्वे में अभिभावकों से यह भी पूछा गया कि यदि 10 से 15 नवंबर तक स्कूलों में स्मॉग ब्रेक दिया जाता है, तो पढ़ाई किस तरह जारी रहनी चाहिए। इसके जवाब में:
- 49% अभिभावक चाहते हैं कि स्कूलों में ऑफलाइन कक्षाएं बंद कर ऑनलाइन पढ़ाई कराई जाए।
- 25% अभिभावक पूरी तरह स्कूल बंद रखने के पक्ष में हैं।
- 13% अभिभावक ऑनलाइन क्लास को वैकल्पिक रखने की मांग कर रहे हैं।
- 13% अभिभावकों का कहना है कि स्कूल सामान्य रूप से चलते रहें और प्रदूषण गंभीर होने पर ऑनलाइन क्लास शुरू की जाए।
इस तरह 74 फीसदी अभिभावक प्रस्तावित अवधि में बच्चों की ऑफलाइन पढ़ाई रोकने के पक्ष में हैं।
दिवाली के बाद और बिगड़ सकती है हवा
इस साल 8 नवंबर को दिवाली है। ऐसे में पटाखों से निकलने वाला धुआं और पंजाब में पराली जलाने की घटनाएं दिल्ली-NCR की हवा को और प्रदूषित कर सकती हैं। सर्वे रिपोर्ट के अनुसार, पंजाब में 2 नवंबर तक पराली जलाने की 1,612 घटनाएं दर्ज की गई थीं।
अभिभावकों की चिंता है कि दिवाली के बाद प्रदूषण का स्तर बढ़ने पर बच्चों को स्कूल भेजना मुश्किल हो सकता है। इसलिए वे प्रशासन से समय रहते एक समान फैसला लेने की मांग कर रहे हैं।
क्या 10 से 15 नवंबर तक स्कूल बंद रहेंगे?
फिलहाल 10 से 15 नवंबर तक स्कूल बंद करने की मांग एक सर्वे के आधार पर उठाई गई है। इसे सरकार का आधिकारिक आदेश नहीं समझना चाहिए। GRAP के दूसरे चरण में भी स्कूल बंद करने या ऑनलाइन क्लास अनिवार्य करने का प्रावधान नहीं है। हालांकि, प्रदूषण गंभीर स्तर पर पहुंचने पर संबंधित प्रावधानों के तहत हाइब्रिड कक्षाएं लागू की जा सकती हैं।
अभिभावकों को स्कूल बंद होने या ऑनलाइन पढ़ाई से जुड़े किसी भी फैसले के लिए संबंधित प्रशासन और स्कूलों की आधिकारिक सूचना पर नजर रखनी चाहिए।











